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सजा: हवलदार के बेटे की हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद, बस की सीट के विवाद में गोली मारकर की थी हत्या

Fri, 21 Jan 2022 01:47 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 21 Jan 2022 01:47 AM IST
सार

दो दोषी मोखरा और एक जींद जिले के शादीपुर का रहने वाला है। पीड़ित पक्ष ने शादीपुर निवासी मंजीत के लिए फांसी मांगी थी। दोषियों को 20-20 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जून 2018 में मोखरा गांव में बस की सीट पर बैठने को लेकर झगड़ा हुआ था। दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे की मोखरा में गोली मारकर हत्या की गई थी।

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Life imprisonment for three convicted of murder of youth in Rohtak of Haryana
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock

विस्तार

हरियाणा के रोहतक में दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे की हत्या मामले में दोषी करार मोखरा निवासी अंकित व मोहित व जींद जिले के शादीपुर निवासी मंजीत को अदालत ने गुरुवार को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। 

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अदालत में पीड़ित पक्ष ने दोषी मंजीत को फांसी की सजा देने की मांग थी। तर्क था कि मंजीत ने जिस समय हत्या की, उस समय वह किसी आपराधिक मामले में जेल से जमानत पर बाहर हुआ था। अगर उसे अब फांसी नहीं दी तो फिर बाहर आने पर आपराधिक घटना को अंजाम देगा।  
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पीड़ित पक्ष के वकील तेजबीर अहलावत ने बताया कि 8 जून 2018 को मोखरा निवासी सरला ने शिकायत दी थी कि उसके पति आनंद दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं।  उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 26 वर्षीय मिलन पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। एफआईआर में सरला ने बताया था कि छह जून को मिलन का बस में सीट पर बैठने को लेकर विवाद हो गया था।
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इसके अगले दिन उसके बेटे के साथ रोहतक में पुराने बस स्टैंड पर मारपीट की गई। साथ में हत्या करवाने की धमकी दी। अगले दिन रात करीब साढ़े 11 बजे अंकित व अन्य युवक आए और घर के बाहर गली में मिलन से बातचीत करने लगे। उसे अंकित ने घर के अंदर से पानी लाने के लिए भेज दिया। इसके बाद अंकित ने उसके बेटे को गोली मार दी।

वह भागकर बाहर आई। मिलन जमीन पर पड़ा था, जबकि आरोपी बाइक पर सवार होकर भाग गए। हालांकि पुलिस जांच में पता चला कि गोली मंजीत ने मारी थी। अंकित बाइक  चला रहा था। मिलन को सरला पीजीआई लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर आठ युवकों को गिरफ्तार किया था। तभी से केस की सुनवाई जिला अदालत में चल रही थी। मंगलवार को एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने अंकित, मोहित व मंजीत को दोषी करार दिया था, जबकि पांच को बरी कर दिया था। 

मोहित ने मारी थी गोली, अंकित चला रहा था बाइक

पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि जांच में सामने आया था कि मोखरा निवासी मोहित व मिलन के बीच बस की सीट पर बैठने को लेकर झगड़ा हो गया था। मोहित ने अपने दोस्त जींद जिले के गांव शादीपुर निवासी मंजीत को पूरे मामले से अवगत कराया। उस समय मंजीत जेल से पैरोल पर बाहर आया था। मंजीत व अंकित बाइक पर रात करीब साढ़े 11 बजे मिलन के घर के बाहर पहुंचे, जहां मंजीत ने मिलन को गोली मार दी। इसके बाद अंकित के साथ बाइक पर बैठकर भाग गया। 

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