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दुबई में कमीशन एजेंट है लांबा, विदेश में भी बनाए कई शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:38 AM IST
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- फोटो : demo pic
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दुबई में बिजनेस कराने का लालच देकर डॉक्टर से 84 लाख रुपये ठगने वाले आरोपी अमित लांबा ने भारत में ही नहीं दुबई में भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा है कि वह दुबई में कमीशन एजेंट है। रिमांड के आखिरी दिन पुलिस आरोपी को उसकी ससुराल झुंझनू स्थित खेरड़ी मेें लेकर पहुंची। आरोपी ने अपनी ससुराल में कुछ रुपये रखने की बात बताई थी। अब पुलिस आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट में पेश कर रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी।
आरोपी पूछताछ में पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा है। जांच अधिकारी रामनिवास ने बताया कि आरोपी थोड़ा भी सहयोग नहीं कर रहा है। उसने बताया कि उसने ससुराल में कुछ रुपये रखे हैं। लेकिन जब पुलिस उसकी ससुराल पहुंची तो वह मुकर गया। इसके बाद पुलिस आरोपी को वापस रोहतक लेकर आ गई। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जांच में शामिल हो गए हैं। डीएसपी अनिल कुमार ने भी पूछताछ की। पुलिस उसे एक दिन पहले निशानदेही के लिए दिल्ली लेकर गई थी।
शिकार को दुबई पहुंचाने पर लाखों में वसूलता था कमीशन
जांच अधिकारी रामनिवास ने बताया कि लांबा ने दावा किया है कि वह कमीशन के आधार पर ही भारतीय को दुबई ले जाता था। यहां उसे संबंधित फर्म से कमीशन के रूप में लाखों रुपये मिलते थे। पहले वह भारत में अपने शिकार को तैयार करता था। इसके बाद दुबई ले जाकर उससे ठगी करता और संबंधित फ र्म से कमीशन भी वसूलता। इतना ही नहीं आरोपी ने दुबई में भी ठगी कर रखी है। इस संबंध में पुलिस दुबई के अधिकारियों से भी संपर्क करेगी।
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84 नहीं 30 लाख ठगे- लांबा
पुलिस ने आरोपी से डॉक्टर नरेंद्र से ठगी गई रकम के बारे में पूछताछ की तो उसने ठगी करना तो मंजूर कर लिया, लेेकिन रकम से मुकर गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बताया कि उसने डॉक्टर से बस 30 लाख रुपये लिए थे। 30 लाख रुपये ही उसे डॉक्टर को देने है। आरोपी ने दुबई में भी अपना बड़ा नेटवर्क बना रखा है। जो भारत तक जुड़ा हुआ है।
ये था मामला
पुलिस को दी शिकायत में डॉ. नरेंद्र ने बताया था कि अगस्त 2010 में मॉडल टाउन निवासी अमित लांबा ने उसे बताया कि हरियाणा सरकार में लाइट ड्राइवर के पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं। फरीदाबाद के एक एमएलए के साथ उसकी दोस्ती है। अगर कोई जानकार हो तो बता देना, उसका चयन करा दूंगा। इसके बाद नरेंद्र ने अपने मित्र रामभज की बात उससे करा दी। रामभज ने अमित को ढाई लाख रुपये दे दिए और डेढ़ लाख बाद में देने की बात कही। लेकिन अमित ने उसे नौकरी पर नहीं लगवाया। बाद में अमित ने नरेंद्र को लालच दिया कि यूएई में टायर का बिजनेस करा देगा। नरेंद्र इसके लिए राजी हो गया और 10 मई, 2012 को अमित को साढ़े 3 लाख रुपये दे दिए। 14 मई, 2012 को वह नरेंद्र को लेकर दुबई गया। वहां उसने एक कंपनी के साथ कांट्रेक्ट के लिए आवेदन कराया और 25 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद वह वापस आ गए। कुछ दिन बाद फिर लांबा एंप्लाई वीजा पर नरेंद्र को दुबई ले गया। 13 दिन दुबई में रहने के बाद स्थायी वीजा लग गया। इसके लिए लांबा ने नरेंद्र से साढ़े 4 लाख रुपये लिए। बाद में अमित ने नरेंद्र से कहा कि यूएई से कंपनी ने टायर भिजवा दिए हैं, जो दिल्ली के गोदाम में रखे हैं। टायर बेचने के लिए इंडिया में भी एक कंपनी बनानी पड़ेगी। कंपनी बनाने के नाम पर अमित ने नरेंद्र से 70 हजार रुपये लिए। इसके बाद पीड़ित को बताया कि यूएई में कुछ मजदूरों की जरूरत है। मजदूरों को वहां काम दिलाने के लिए अमित ने नरेंद्र से 4 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए। इसके अलावा भी कई बार रुपये लिए। पीड़ित का कहना है कि लांबा ने उससे कुल 84 लाख रुपये की ठगी की। अब पुलिस लांबा को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।
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आरोपी पूछताछ में पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा है। जांच अधिकारी रामनिवास ने बताया कि आरोपी थोड़ा भी सहयोग नहीं कर रहा है। उसने बताया कि उसने ससुराल में कुछ रुपये रखे हैं। लेकिन जब पुलिस उसकी ससुराल पहुंची तो वह मुकर गया। इसके बाद पुलिस आरोपी को वापस रोहतक लेकर आ गई। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जांच में शामिल हो गए हैं। डीएसपी अनिल कुमार ने भी पूछताछ की। पुलिस उसे एक दिन पहले निशानदेही के लिए दिल्ली लेकर गई थी।
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शिकार को दुबई पहुंचाने पर लाखों में वसूलता था कमीशन
जांच अधिकारी रामनिवास ने बताया कि लांबा ने दावा किया है कि वह कमीशन के आधार पर ही भारतीय को दुबई ले जाता था। यहां उसे संबंधित फर्म से कमीशन के रूप में लाखों रुपये मिलते थे। पहले वह भारत में अपने शिकार को तैयार करता था। इसके बाद दुबई ले जाकर उससे ठगी करता और संबंधित फ र्म से कमीशन भी वसूलता। इतना ही नहीं आरोपी ने दुबई में भी ठगी कर रखी है। इस संबंध में पुलिस दुबई के अधिकारियों से भी संपर्क करेगी।
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84 नहीं 30 लाख ठगे- लांबा
पुलिस ने आरोपी से डॉक्टर नरेंद्र से ठगी गई रकम के बारे में पूछताछ की तो उसने ठगी करना तो मंजूर कर लिया, लेेकिन रकम से मुकर गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बताया कि उसने डॉक्टर से बस 30 लाख रुपये लिए थे। 30 लाख रुपये ही उसे डॉक्टर को देने है। आरोपी ने दुबई में भी अपना बड़ा नेटवर्क बना रखा है। जो भारत तक जुड़ा हुआ है।
ये था मामला
पुलिस को दी शिकायत में डॉ. नरेंद्र ने बताया था कि अगस्त 2010 में मॉडल टाउन निवासी अमित लांबा ने उसे बताया कि हरियाणा सरकार में लाइट ड्राइवर के पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं। फरीदाबाद के एक एमएलए के साथ उसकी दोस्ती है। अगर कोई जानकार हो तो बता देना, उसका चयन करा दूंगा। इसके बाद नरेंद्र ने अपने मित्र रामभज की बात उससे करा दी। रामभज ने अमित को ढाई लाख रुपये दे दिए और डेढ़ लाख बाद में देने की बात कही। लेकिन अमित ने उसे नौकरी पर नहीं लगवाया। बाद में अमित ने नरेंद्र को लालच दिया कि यूएई में टायर का बिजनेस करा देगा। नरेंद्र इसके लिए राजी हो गया और 10 मई, 2012 को अमित को साढ़े 3 लाख रुपये दे दिए। 14 मई, 2012 को वह नरेंद्र को लेकर दुबई गया। वहां उसने एक कंपनी के साथ कांट्रेक्ट के लिए आवेदन कराया और 25 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद वह वापस आ गए। कुछ दिन बाद फिर लांबा एंप्लाई वीजा पर नरेंद्र को दुबई ले गया। 13 दिन दुबई में रहने के बाद स्थायी वीजा लग गया। इसके लिए लांबा ने नरेंद्र से साढ़े 4 लाख रुपये लिए। बाद में अमित ने नरेंद्र से कहा कि यूएई से कंपनी ने टायर भिजवा दिए हैं, जो दिल्ली के गोदाम में रखे हैं। टायर बेचने के लिए इंडिया में भी एक कंपनी बनानी पड़ेगी। कंपनी बनाने के नाम पर अमित ने नरेंद्र से 70 हजार रुपये लिए। इसके बाद पीड़ित को बताया कि यूएई में कुछ मजदूरों की जरूरत है। मजदूरों को वहां काम दिलाने के लिए अमित ने नरेंद्र से 4 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए। इसके अलावा भी कई बार रुपये लिए। पीड़ित का कहना है कि लांबा ने उससे कुल 84 लाख रुपये की ठगी की। अब पुलिस लांबा को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।