डीआईजी भी हुए दंगे का शिकार, दंगाई ले गए ब्रीफकेस, लैपटॉप और नकदी
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एसपी शशांक आनंद की गैर मौजूदगी में जिलावासियों की सुरक्षा का जिम्मा देकर रोहतक भेजे गए डीआईजी सौरभ सिंह खुद दंगाइयों का शिकार हो गए। दंगों की शुरुआत में ही दंगाई उनका ब्रीफकेस, लैपटॉप और नकदी भी लेकर चले गए। उनका सामान और नकदी दिल्ली बाईपास स्थित सर्किट हाउस में रखा था। अब पीजीआई में उनके गनमैन की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
बता दें कि कुछ दिनों के लिए कार्यभार सौंपे जाने के कारण डीआईजी सौरभ सिंह दिल्ली बाईपास पर सर्किट हाउस में ठहरे हुए थे। एमडीयू के बाहर जाम के बाद एकाएक उपद्रव शुरू हो गया। उपद्रव के दूसरे दिन 19 फरवरी को दंगाइयों ने दिल्ली बाईपास पर पथराव करने के साथ ही सर्किट हाउस में आग लगा दी।
आईजी ऑफिस के गेट पर भी आग लगा दी गई। सर्किट हाउस में आगजनी के समय डीआईजी भले ही वहां नहीं थे, लेकिन उनका सारा सामान वहां रखा हुआ था। दंगाइयों ने आग लगाने से पहले सारा सामान उड़ा दिया। अब डीआईजी के गनमैन परमबीर ने पीजीआई थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें कहा गया है कि दंगाई युवा डीआईजी का ब्रीफ केस, कागजात, लैपटॉप, पेन कार्ड, 40 हजार रुपये की नकदी चोरी कर ले गए हैं। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।