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प्रज्ञा की आत्महत्या की गुत्थी मोबाइल और डायरी पर टिकी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 07 Sep 2015 02:21 AM IST
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एमडीयू में बीफार्मा की छात्रा प्रज्ञा की आत्महत्या का राज पुलिस के लिए पहेली की तरह ही नजर आ रहा है। आखिर होनहार प्रज्ञा ने आत्महत्या क्यों की? इसका कारण न तो पुलिस समझ पा रही है और न ही परिजनों को ही यह बात गले उतर रही है।
पुलिस ने उसका मोबाइल और डायरी कब्जे में ले रखा है, अब इन्हीं दोनों चीजों पर पुलिस की जांच टिकी हुई है। रविवार को पुलिस ने प्रज्ञा के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
एमडीयू के भगीरथी होस्टल में शनिवार रात को प्रज्ञा ने अपने कमरे में फांसी लगा कर जान दे दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया था। बताया जाता है कि पुलिस को प्रज्ञा के कमरे से उसका मोबाइल और दो डायरियां मिली थी। एक डायरी में एक माह पहले का नोट लिखा था जिसमें उसने घर जाने की बात लिखी थी। लेकिन दूसरी डायरी में क्या लिखा है इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।
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छात्राओं से परिजनों ने ली जानकारी
देर रात प्रज्ञा के पिता विजयपाल, प्रज्ञा की मां और छोटी बहन एमडीयू पहुंचे। शव देखने के बाद यहां मां बेहाल हो गई थी। परिजन यहां से वापस एमडीयू लौटे और हॉस्टल में गए। बताया जाता है कि यहां प्रज्ञा के पिता ने कई छात्राओं से प्रज्ञा के बारे में जानकारी ली।
उसका कमरा खुलवाने के बाद परिजनों ने उसके सामान को देखा। सामान देखते ही उसकी मां और बहन बिलख कर रोने लगी थी। छात्राओं और हॉस्टल स्टाफ ने उन्हें सांत्वना दी। परिजनों ने कई सवाल किए वह कैसी थी? अन्य छात्राओं के प्रति उसका व्यवहार कैसा था? क्या वह तनाव में थी? जो उसने यह कदम उठाया?
यूपी के बिजनौर का है परिवार
एमडीयू के हॉस्टल के रिकॉर्ड में प्रज्ञा का पता जींद के हाउसिंग बोर्ड का दर्ज है। लेकिन असल में प्रज्ञा का परिवार यूपी के बिजनौर जिले के धामपुर तहसील का निवासी है। सुबह करीब 11 बजे प्रज्ञा का पोस्टमार्टम करवा कर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था। बताया जाता है कि परिजन शव लेकर यूपी गए हैं।
मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अपने स्तर पर हर पहलु पर जांच करेगी। - कुलदीप, एसएचओ, पीजीआईएमएस थाना
टीचर डे पर दिए थे कई टीचर को गिफ्ट
रोहतक। एमडीयू के बीफार्मा तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को हर साल टीचर-डे के आयोजन की जिम्मेदारी दी जाती है। प्रज्ञा भी तृतीय वर्ष की छात्रा था। उसकी सहेलियों ने बताया कि टीचर डे के आयोजन के कारण ही वह घर नहीं गई थी। शुक्रवार को उसने सभी के साथ मिलकर धूमधाम से इस आयोजन को पूरा कराया। अपने कई टीचरों को गिफ्ट भी दिए। उस समय प्रज्ञा पूर खुश थी। उसे देखकर नहीं लग रहा था कि वह छुट्टी पर घर न जाने के कारण दुखी है, लेकिन शनिवार रात हुई अचानक इस घटना से सभी हैरान है।
कमरों को लेकर लड़कियों में दहशत
बहादुरगढ़ की रहने वाली दीपाली भी प्रज्ञा के साथ कमरे में रहती थी। वह शनिवार सुबह ही अपने घर चली गई थी, जो अभी तक नहीं लौटी। प्रज्ञा की मौत के बाद सभी छात्राएं दहशत में है। इसीलिए अब कोई भी छात्रा उस कमरे में जाने को तैयार नहीं है। प्रोवेस्ट गर्ल्स प्रो. राजेश धनखड़ का कहना है कि प्रज्ञा की रूम पार्टनर अभी घर से नहीं आई है। वापस आने पर वह जिस हॉस्टल में चाहे वहां रह सकती है। इसके अलावा यदि प्रज्ञा के कमरे के आसपास की कोई अन्य छात्रा भी स्थान बदलना चाहती है तो वह भी बदल दिया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि जल्दी ही छात्राओं के दिलो-दिमाग से इस घटना को डर दूर कर दिया जाए।
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पुलिस ने उसका मोबाइल और डायरी कब्जे में ले रखा है, अब इन्हीं दोनों चीजों पर पुलिस की जांच टिकी हुई है। रविवार को पुलिस ने प्रज्ञा के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
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एमडीयू के भगीरथी होस्टल में शनिवार रात को प्रज्ञा ने अपने कमरे में फांसी लगा कर जान दे दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया था। बताया जाता है कि पुलिस को प्रज्ञा के कमरे से उसका मोबाइल और दो डायरियां मिली थी। एक डायरी में एक माह पहले का नोट लिखा था जिसमें उसने घर जाने की बात लिखी थी। लेकिन दूसरी डायरी में क्या लिखा है इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।
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छात्राओं से परिजनों ने ली जानकारी
देर रात प्रज्ञा के पिता विजयपाल, प्रज्ञा की मां और छोटी बहन एमडीयू पहुंचे। शव देखने के बाद यहां मां बेहाल हो गई थी। परिजन यहां से वापस एमडीयू लौटे और हॉस्टल में गए। बताया जाता है कि यहां प्रज्ञा के पिता ने कई छात्राओं से प्रज्ञा के बारे में जानकारी ली।
उसका कमरा खुलवाने के बाद परिजनों ने उसके सामान को देखा। सामान देखते ही उसकी मां और बहन बिलख कर रोने लगी थी। छात्राओं और हॉस्टल स्टाफ ने उन्हें सांत्वना दी। परिजनों ने कई सवाल किए वह कैसी थी? अन्य छात्राओं के प्रति उसका व्यवहार कैसा था? क्या वह तनाव में थी? जो उसने यह कदम उठाया?
यूपी के बिजनौर का है परिवार
एमडीयू के हॉस्टल के रिकॉर्ड में प्रज्ञा का पता जींद के हाउसिंग बोर्ड का दर्ज है। लेकिन असल में प्रज्ञा का परिवार यूपी के बिजनौर जिले के धामपुर तहसील का निवासी है। सुबह करीब 11 बजे प्रज्ञा का पोस्टमार्टम करवा कर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था। बताया जाता है कि परिजन शव लेकर यूपी गए हैं।
मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अपने स्तर पर हर पहलु पर जांच करेगी। - कुलदीप, एसएचओ, पीजीआईएमएस थाना
टीचर डे पर दिए थे कई टीचर को गिफ्ट
रोहतक। एमडीयू के बीफार्मा तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को हर साल टीचर-डे के आयोजन की जिम्मेदारी दी जाती है। प्रज्ञा भी तृतीय वर्ष की छात्रा था। उसकी सहेलियों ने बताया कि टीचर डे के आयोजन के कारण ही वह घर नहीं गई थी। शुक्रवार को उसने सभी के साथ मिलकर धूमधाम से इस आयोजन को पूरा कराया। अपने कई टीचरों को गिफ्ट भी दिए। उस समय प्रज्ञा पूर खुश थी। उसे देखकर नहीं लग रहा था कि वह छुट्टी पर घर न जाने के कारण दुखी है, लेकिन शनिवार रात हुई अचानक इस घटना से सभी हैरान है।
कमरों को लेकर लड़कियों में दहशत
बहादुरगढ़ की रहने वाली दीपाली भी प्रज्ञा के साथ कमरे में रहती थी। वह शनिवार सुबह ही अपने घर चली गई थी, जो अभी तक नहीं लौटी। प्रज्ञा की मौत के बाद सभी छात्राएं दहशत में है। इसीलिए अब कोई भी छात्रा उस कमरे में जाने को तैयार नहीं है। प्रोवेस्ट गर्ल्स प्रो. राजेश धनखड़ का कहना है कि प्रज्ञा की रूम पार्टनर अभी घर से नहीं आई है। वापस आने पर वह जिस हॉस्टल में चाहे वहां रह सकती है। इसके अलावा यदि प्रज्ञा के कमरे के आसपास की कोई अन्य छात्रा भी स्थान बदलना चाहती है तो वह भी बदल दिया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि जल्दी ही छात्राओं के दिलो-दिमाग से इस घटना को डर दूर कर दिया जाए।