युवा व्यापारी की गिरफ्तारी के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी
वकीलों के साथ मारपीट के आरोपी युवा व्यापारी राहुल जैन की गिरफ्तारी होते ही व्यापारियों ने झज्जर रोड का बाजार बंद करके जाम लगा दिया। वहां से किसी तरह जाम जरूर खोल दिया गया, लेकिन व्यापारी धरने पर बैठ गए। व्यापारियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह उपद्रवियों को नहीं पकड़ सकी तो व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में राहुल जैन को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
ध्यान रहे कि 18 फरवरी को वकील लघुसचिवालय के बाहर धरने पर बैठे थे। उस दिन दूसरी बिरादरी के लोग लघु सचिवालय में डीसी डीके बेहेरा को जाम लगाने वालों के खिलाफ ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे। इसी बीच वकीलों और दूसरी बिरादरी के लोगों के बीच टकराव हो गया था।
वकीलों का आरोप है कि पहले उन पर हमला किया गया और उनके साथ मारपीट करते हुए वाहनों को तोड़ दिया गया। वकीलों की ओर से उसी समय सिविल लाइन थाने में पिछड़ा वर्ग के नेता तेजवीर सेन, युवा व्यापारी राहुल जैन समेत सात को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। वकीलों ने कई साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे थे, जिसमें मारपीट की बात साफ हो गई थी।
वकीलों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर काम भी बंद कर दिया था, जिससे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया था। इसमें पुलिस ने बुधवार की देर शाम युवा व्यापारी राहुल जैन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बारे में बृहस्पतिवार सुबह व्यापारियों को पता चला तो उनका गुस्सा भड़क गया। झज्जर रोड के व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया और उसके बाद झज्जर रोड को जाम कर दिया। रोड पर जाम लगाकर व्यापारी हंगामा करने लगे, जिनको किसी तरह अन्य लोगों ने समझाया।
शहर विधायक मनीष ग्रोवर सहित अन्य के कहने पर उस समय व्यापारियों ने जाम जरूर खोल दिया, लेकिन वह धरना देकर बैठ गए। उनका आरोप है कि राहुल जैन को गलत फंसाया गया है और पुलिस ने उपद्रवियों को पकड़ने की जगह व्यापारियों को पकड़ना शुरू कर दिया है। हालांकि व्यापारियों ने दोपहर बाद धरना खत्म करके बाजार को खोल दिया। प्रधान रितेश सिंहपुरिया का कहना है कि प्रशासन से बातचीत करने के बाद बाजार खोला गया है, क्योंकि उनको किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने का आश्वासन दिया गया।
वहीं, सिविल लाइन थाना पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में राहुल जैन को सीजेएम अश्वनी कुमार मेहता की कोर्ट में पेश किया। राहुल के साथ कोई अप्रिय घटना न हो, इसलिए पूरी सुरक्षा रखी गई थी। जबकि कचहरी में जाते ही अध्यक्ष दीपक कुंडू और अन्य कई वकील खुद अपनी देखरेख में राहुल को कोर्ट तक लेकर गए। जहां से राहुल को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।