फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   जहां पर लेते थे शरण, वहीं पर मिली मौत

जहां पर लेते थे शरण, वहीं पर मिली मौत

Sun, 10 Jun 2018 02:48 AM IST
Updated Sun, 10 Jun 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
जहां पर लेते थे शरण, वहीं पर मिली मौत
जहां पर लेते थे शरण, वहीं पर मिली मौत
विज्ञापन

- घटनाओं को अंजाम देने के बाद संजीत व राजेश अधिकतर दिल्ली और गुरुग्राम में लेते थे शरण
- दो दिन पूर्व ही रोहतक में घेराबंदी के बाद बच निकले थे दोनों
- इसके बाद दिल्ली में जाकर शरण लेने की आशंका

महबूब अली
रोहतक।
कई राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बने संजीत बिदरो व राजेश भारती अधिकतर वारदातों को मिलकर ही अंजाम देते थे। घटनाओं को अंजाम देने के बाद दिल्ली व गुरुग्राम में शरण लेते थे। जहां पर शरण लेते थे वहीं पर दोनों का एनकाउंटर किया गया। बताया गया कि दो दिन पूर्व रोहतक से दोनों पुलिस के चुंगल से निकलकर भाग गए थे।

संजीत पहले से ही राजेश को अपना गुरु मानता था। यहीं कारण था कि अधिकतर वारदातों को दोनों एक साथ मिलकर अंजाम देते थे। यदि संजीत को कोई दिक्कत होती थी तो राजेश वहीं खड़ा मिला था। पुलिस के अनुसार संजीत राजेश को गुरूजी कहता था। अधिकतर वारदातों को अंजाम देने के बाद संजीत व राजेश के अलावा गिरोह के सदस्य रोहतक के अलावा गुरूग्राम व दिल्ली में शरण लेते थे। अब दोनों का एनकाउंटर भी शरण लेने वाले स्थानों पर ही हुआ। माना जा रहा है कि सटीक मुखबिरी पर ही पुलिस बदमाशों को मार गिराने में कामयाब हो सकी है। सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व ही रोहतक पुलिस को सूचना मिली थी संजीत व राजेश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे है। पुलिस ने घेराबंदी की थी मगर बदमाश हत्थे नहंी चढ़ सके थे।
विज्ञापन



यू ट्यूब के माध्यम से युवाओं को गिरोह में करता था शामिल
- गिरोह में शामिल होने पर सदस्यों को कई तरह की सुविधा देने का किया जाता था दावा
- एसटीएफ के हाथ भी लगी थी ऐसी विडियो, जिसमें अधिकतर सदस्य हरियाणा व दिल्ली के थे शामिल

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। संजीत बिदरो व राजेश भारती यू ट्यूब के माध्यम से भी युवाओं को अपने गिरोह में शामिल करता था। एक साल पूर्व ही पुलिस को भी एक वीडियो हाथ लगा था। जिसमें अधिकतर सदस्य दिल्ली के थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस सूत्रों के अनुसार संजीत अधिकतर काल के लिए भी व्हाट्सएप का प्रयोग करता था। ताकि पुलिस उसकी लोकेशन को ट्रेस न कर सके। वह गिरोह के सदस्यों से भी अधिकतर व्हाट्सएप पर ही बात करता था। हालांकि रंगदारी मांगने के लिए व्यापारियों के मोबाइल पर ही काल की जाती थी। एक साल पूर्व एसटीएफ व पुलिस को एक वीडियो मिली थी। जिसमें संजीत युवाओं को गिरोह में शामिल होने पर खाने पीने से लेकर कार तक की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था। कई युवक भी संजीत के थे। पुलिस की जांच में उक्त गिरोह के अधिकतर सदस्य दिल्ली के निकले थे। जिनमें कुछ हरियाणा के भी थे।


5 दिन पहले ही दी थी भाजपा के नेता को धमकी
पु़लिस सूत्रों का कहना है कि करीब 5 दिन पहले ही संजीत ने एक भाजपा के नेता को जान से मारने की धमकी दी थी। भाजपा नेता का संजीत के साथ पुराना विवाद बताया जाता है। हालांकि भाजपा नेता पुराने विवाद की बात से इनकार करते रहे। भाजपा नेता का संजीत के गांव बहुअकबरपुर में आना जाना है।


खेल छोड़ अपराध की दुनिया में रखा कदम
बहुअकबरपुर निवासी संजीत कुश्ती खिलाड़ी रहा है। कुछ साल पहले गांव में इसका झगड़ा हुआ था। उस समय संजीत नाबालिग था। पुलिस का केस बना तो उसे हिसार की बोस्टल जेल में भेज दिया गया जहां से उसने अपराध की दुनिया में कदम रख लिया।


कार चालक को गोली मार कर कार लूूटी
कुछ महीने पहले दिल्ली रोड पर एक कार चालक के पैर में गोली मारकर लूटपाट करने की वारदात में संजीत का नाम सामने आया था। संबंधित थाने की पुलिस को पीड़ित ने आरोपित का जो हुलिया बताया, उसके बाद से पुलिस संजीत की तलाश कर रही थी। इसके अलावा 19 अक्टूबर 2016 को गुरुग्राम के बदमाश बिंदर गुर्जर के भाई मनोज उर्फ पप्पू की रेलवे रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में गुरुग्राम पुलिस ने संजीत बिदरो को पकड़ा था। उसने पूछताछ में खुलासा किया था कि बिंदर गुर्जर के भाई के अलावा पुलिसकर्मियों की हत्या की भी उन्होंने सुपारी ली हुई थी। करीब 35 लाख की रुपये की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई थी। जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी।

हिसार से फरार हो गया था संजीत
हिसार की बोस्टल जेल से फरार होकर संजीत जींद के कंडेला निवासी राजेश भारती को अपना गुरु मानने लगा था। राजेश ने संजीत को गैंग का सेकेंड चीफ भी बना दिया था। वह काफी समय से राजेश के साथ ही एनसीआर में घूम रहा था। वह गांव भी नहीं गया था। पुलिस के मुताबिक उसके परिजनों ने उसे बेदखल किया हुआ था। क्योंकि पुलिस आकर परिवार को बार बार परेशान करती थी। बिद्रो के खिलाफ गुरुग्राम, हिसार और सोनीपत आदि जिलों में काफी मामले दर्ज हैं। करीब दो साल पहले हिसार के बाल सुधार गृह में बंद था, जो वहां से अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। तभी से वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा।

प्रवीण हत्याकांड में भी आया संजीत बिद्रो का नाम
महम के गांव मुरादपुर टेकना में सोमवार की रात को शराब ठेके के पास बैठे युवक प्रवीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में आशु और बिदरो का नाम आया था। प्रवीन विक्की बॉक्सर गैंग से संबंध रखता था।


संजीत पर रोहतक में रंगदारी समेत आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस व सीआईए संजीत को पकड़ने के प्रयास में थी। मगर इससे पहले ही दिल्ली के स्पेशल सेल ने उसका एनकाउंटर कर दिया। राजेश भारती को भी एनकाउंटर में मार गिराया गया।
- जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक


गांव में मातम का माहौल
संजीत परिवार का लाड़ला था। उसके मारे जाने की खबर से गांव बहुअकबरपुर में मातम का माहौल देखने को मिला। वह गांव के स्कूल के बाद ज्यादा नहीं पढ़ पाया। उसके पिता जयपाल गांव में खेती करते हैं। गांव में डेढ़ एकड़ जमीन भी है। मां गृहणी हैं जबकि बड़ा भाई मंजीत रेलवे पुलिस में है। संजीत घर में सबसे छोटा था इसलिए मां बाप का लाड़ला भी था। सबसे पहले उसका नाम गांव में मुख्य सड़क पर हुए एक झगड़े में आया था।



भाजपा नेता पर भी हमले की योजना में आया था बिदरो का नाम
पुलिस सूत्रों की माने तो मामला संजीत बिदरो से जुड़ा होने के कारण भाजपा नेता एवं जिला परिषद के चेयरमैन बलराज कुण्डू और स्कूल संचालक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बलराज कुण्डू पर हमले की योजना बनाने में संजीत बद्रो का नाम सामने आया था। बलराज कुण्डू का गांव में भी काफी आना जाना था। जिसके बाद उसे सुरक्षा दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed