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धरना स् थल पर महिला पुलिस ने लड़कियों पर किया बल प्रयोग, जूते से पीटा
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पीजीआई में कुलपति कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे छात्र-छात्राएं, सुबह पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लिया तो भड़की छात्राएं, प्रदर्शन किया तेज
-धरनास्थल पर महिला पुलिस कर्मियों से छात्राओं की झड़प, लगाया आरोप
हैडिंग : पुलिस ने छात्राओं को बाल पकड़कर घसीटा, जूते से पीटा
फोटो सहित
27 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू हुआ विरोध एक मार्च को शाम छह बजे थमा
-पुलिस ने सुबह छात्रों को लिया हिरासत में और शाम को समझौते पर छोड़ा
-अधिकारियों ने मानी मांग, नेताओं ने की हड़ताल समाप्ति की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआई में कुलपति कार्यालय के बाहर सुबह विरोध प्रदर्शन कर रहे फिजियोथैरेपी के छात्रों को पुलिस ने जैसे ही हिरासत में लिया, वैसे ही छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। छात्राओं को गेट से उठाने पहुंची महिला पुलिस कर्मियों की इस दौरान झड़प भी हो गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन पर महिला पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बालों से घसीटा और एक महिला पुलिस कर्मी ने तो एक छात्रा को सभी हदें पार करते हुए जूते से ही पीट दिया। हालांकि, बताया जा रहा है कि छात्रा की ओर से भी महिला पुलिस कर्मी के साथ अभद्रता की गई और उसे चोट पहुंचाई गई। इसके बाद महिला पुलिस ने गुस्से में आकर छात्रा की पिटाई कर दी। वहीं मौके पर खड़ी अन्य महिला पुलिस ने तुरंत बीच बचाव कर लिया।
विरोध प्रदर्शन कर रहीं छात्रा नीतू चहल व आशा ने बताया कि वह तीन दिनों से कुलपति कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार सुबह 11 बजे पुलिस आई और उनके साथियों को जबरन उठाने की कोशिश की। जब इसका विरोध किया गया तो उन पर पुलिस ने बल प्रयोग किया गया। लाठीचार्ज करते हुए लड़कों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उन्होंने पीजीआइएमएस थाने में छात्रों के मिसिंग की शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद महिला पुलिस बल ने छात्राओं को भी जबरन उठाने की कोशिश की। यही नहीं महिला पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और एक छात्रा को तो जूतों से मारा। विरोध प्रदर्शन कर रही लड़कियों को बालों से पकड़ा गया। वह नहीं जानती की जूतों से मारने वाली महिला पुलिसकर्मी कौन थी। लेकिन उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम व पीजीआईएमएस थाना के एसएचओ को दी।
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वीसी का पुतला फूंका
विद्यार्थियों की मांगों को अनसुना करने के विरोध में उन्होंने कुलपति कार्यालय के बाहर वीसी का पुतला दहन किया। वहीं छात्र नेता धीरज गुलिया ने बताया कि प्रदर्शन के दूसरे दिन डॉ. सरिता मग्गू आई थी, लेकिन बात नहीं बनी थी। इसलिए उनकी हड़ताल जारी थी। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उनके घर पर प्रशासन ने फोन कर उनके परिजनों को गलत जानकारी दी। छात्राओं के चरित्र पर सवाल तक उठाया गया, इसके चलते उन पर परिजनों का दबाव भी बना। लेकिन मौके पर आकर सभी ने स्थिति को स्वयं देख लिया।
शाम ऐसे बनी बात
साढे़ तीन बजे पुलिस कुछ छात्रों को मौके पर लाई तो उनकी बात कुलपति से हुई। इसमें धीरज ने बताया कि उनका तीन हजार स्टाइपेंड बढ़ाने, हॉस्टल सुविधा और ब्वायज को 90 दिन में हॉस्टल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। इसमें स्पेशल कहा गया है कि वह अब छह माह तक कोई विरोध नहीं करेंगे। प्रशासन ने छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस करवा दिया है। गौरतलब है कि प्रशासन ने हड़ताली विद्यार्थियों पर गेट कूद कर कुलपति कार्यालय के कैंपस में प्रवेश करने, हंगामा करने, गार्डों के साथ मारपीट कर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज करवाया था। इसके चलते पुलिस छात्रों को सुबह हिरासत में लेकर सीआईए टू व पीजीआईएमएस थाने में ले गई थी। वहीं छात्र नेता धीरज गुलिया ने कहा कि कुलपति कार्यालय के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसमें जांच से पता चल जाएगा कि छात्रा को कैसे जूतों से पीटा गया है। इसकी विडियो भी विद्यार्थियाें ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी है।
बोले अधिकारी
फिजियोथैरेपी कॉलेज के विद्यार्थियों से हुई बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। इनके इंटर्न स्टाइपेंड की मांग को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। इनकी मांग थी कि इसे पांच हजार से आठ हजार रुपये किया जाए। छात्राओं को पीजीआई में हॉस्टल दे दिया जाएगा और छात्रों को हॉस्टल देने के लिए एमडीयू से बातचीत की जाएगी।
-डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, पीजीआईएमएस
छात्राओं के साथ यदि पुलिसकर्मियों ने मारपीट की है तो यह गंभीर मामला है। डीएसपी से मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. अंशू सिंगला, कार्यवाहक एसपी
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-धरनास्थल पर महिला पुलिस कर्मियों से छात्राओं की झड़प, लगाया आरोप
हैडिंग : पुलिस ने छात्राओं को बाल पकड़कर घसीटा, जूते से पीटा
फोटो सहित
27 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू हुआ विरोध एक मार्च को शाम छह बजे थमा
-पुलिस ने सुबह छात्रों को लिया हिरासत में और शाम को समझौते पर छोड़ा
-अधिकारियों ने मानी मांग, नेताओं ने की हड़ताल समाप्ति की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआई में कुलपति कार्यालय के बाहर सुबह विरोध प्रदर्शन कर रहे फिजियोथैरेपी के छात्रों को पुलिस ने जैसे ही हिरासत में लिया, वैसे ही छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। छात्राओं को गेट से उठाने पहुंची महिला पुलिस कर्मियों की इस दौरान झड़प भी हो गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन पर महिला पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बालों से घसीटा और एक महिला पुलिस कर्मी ने तो एक छात्रा को सभी हदें पार करते हुए जूते से ही पीट दिया। हालांकि, बताया जा रहा है कि छात्रा की ओर से भी महिला पुलिस कर्मी के साथ अभद्रता की गई और उसे चोट पहुंचाई गई। इसके बाद महिला पुलिस ने गुस्से में आकर छात्रा की पिटाई कर दी। वहीं मौके पर खड़ी अन्य महिला पुलिस ने तुरंत बीच बचाव कर लिया।
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विरोध प्रदर्शन कर रहीं छात्रा नीतू चहल व आशा ने बताया कि वह तीन दिनों से कुलपति कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार सुबह 11 बजे पुलिस आई और उनके साथियों को जबरन उठाने की कोशिश की। जब इसका विरोध किया गया तो उन पर पुलिस ने बल प्रयोग किया गया। लाठीचार्ज करते हुए लड़कों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उन्होंने पीजीआइएमएस थाने में छात्रों के मिसिंग की शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद महिला पुलिस बल ने छात्राओं को भी जबरन उठाने की कोशिश की। यही नहीं महिला पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और एक छात्रा को तो जूतों से मारा। विरोध प्रदर्शन कर रही लड़कियों को बालों से पकड़ा गया। वह नहीं जानती की जूतों से मारने वाली महिला पुलिसकर्मी कौन थी। लेकिन उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम व पीजीआईएमएस थाना के एसएचओ को दी।
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वीसी का पुतला फूंका
विद्यार्थियों की मांगों को अनसुना करने के विरोध में उन्होंने कुलपति कार्यालय के बाहर वीसी का पुतला दहन किया। वहीं छात्र नेता धीरज गुलिया ने बताया कि प्रदर्शन के दूसरे दिन डॉ. सरिता मग्गू आई थी, लेकिन बात नहीं बनी थी। इसलिए उनकी हड़ताल जारी थी। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उनके घर पर प्रशासन ने फोन कर उनके परिजनों को गलत जानकारी दी। छात्राओं के चरित्र पर सवाल तक उठाया गया, इसके चलते उन पर परिजनों का दबाव भी बना। लेकिन मौके पर आकर सभी ने स्थिति को स्वयं देख लिया।
शाम ऐसे बनी बात
साढे़ तीन बजे पुलिस कुछ छात्रों को मौके पर लाई तो उनकी बात कुलपति से हुई। इसमें धीरज ने बताया कि उनका तीन हजार स्टाइपेंड बढ़ाने, हॉस्टल सुविधा और ब्वायज को 90 दिन में हॉस्टल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। इसमें स्पेशल कहा गया है कि वह अब छह माह तक कोई विरोध नहीं करेंगे। प्रशासन ने छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस करवा दिया है। गौरतलब है कि प्रशासन ने हड़ताली विद्यार्थियों पर गेट कूद कर कुलपति कार्यालय के कैंपस में प्रवेश करने, हंगामा करने, गार्डों के साथ मारपीट कर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज करवाया था। इसके चलते पुलिस छात्रों को सुबह हिरासत में लेकर सीआईए टू व पीजीआईएमएस थाने में ले गई थी। वहीं छात्र नेता धीरज गुलिया ने कहा कि कुलपति कार्यालय के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसमें जांच से पता चल जाएगा कि छात्रा को कैसे जूतों से पीटा गया है। इसकी विडियो भी विद्यार्थियाें ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी है।
बोले अधिकारी
फिजियोथैरेपी कॉलेज के विद्यार्थियों से हुई बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। इनके इंटर्न स्टाइपेंड की मांग को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। इनकी मांग थी कि इसे पांच हजार से आठ हजार रुपये किया जाए। छात्राओं को पीजीआई में हॉस्टल दे दिया जाएगा और छात्रों को हॉस्टल देने के लिए एमडीयू से बातचीत की जाएगी।
-डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, पीजीआईएमएस
छात्राओं के साथ यदि पुलिसकर्मियों ने मारपीट की है तो यह गंभीर मामला है। डीएसपी से मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. अंशू सिंगला, कार्यवाहक एसपी