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फ्लैग राजस्थान के भरतपुर का गैंग कर रहा रोहतक में ऑनलाइन ठगी
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राजस्थान के भरतपुर के एक गिरोह आन लाइन एप ओएलएक्स पर बाइक बेचने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सदस्य पलवल जिले के गांव पहाड़पुर निवासी मुबारिक को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक हरीश ने फरवरी माह में शिकायत दी कि वाहनों की खरीद व फरोख्त के लिए आन लाइन एप ओएलएक्स बनी हुई है। उसे उसने साइट पर बुलेट बाइक को बेचने का विज्ञापन देखा था। बेचने वाले ने अपने आपको सेना का जवान मंजीत सिंह बताया था। इसके लिए अपनी आईडी भी अपलोड कर रखी थी। फोन पर बातचीत करते समय वह उसकी बातों में आ गया। उसने पीटीएम खाते से अलग-अलग समय पर 59 हजार 200 रुपये मंजीत के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। बाद भी मंजीत ने न तो बाइक दी और न ही पैसे वापस किए। हरीश् का आरोप था कि मंजीत सिंह ने बाइक की आरसी, अपना आधार कार्ड व मिलिट्री कार्ड दिखाकर धोखाधड़ी की है। पुरानी सब्जी मंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। एसपी जश्नदीप ने डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की। क्योंकि इस तरह की पहले भी वारदात सामने आ चुकी थी। एसआईटी ने साइबर सैल, एटीएम एवं आनलाइन फ्राड इन्वेस्टिगेशन टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई। टीम को सुराग लगा कि गिरोह का एक सदस्य मुबारिक फरीदाबाद में है। एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में पुलिस ने दबिश देकर उसे काबू कर लिया। पूछताछ में मुबारिक ने वारदात का चौंकाने वाला खुलासा किया है।
राजस्थान के पालड़ा गांव में सरेआम बिक रहे फर्जी आईडी पर सिम
आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी ससुराल गांव टिकावली में है। ससुराल वाले मूल रूप से गांव पाड़ला तहसील डींग जिला भरतपुर (राजस्थान) के रहने वाले है। गांव पाड़ला में ओएलएक्स फ्राड या आनलाईन ठगी आम बात है। गांव पाड़ला के अलावा गांव हिंगोटा, गैंगपुरी, कामा व टोड़ा गांव के भी कई युवक आन लाइन धोखाधड़ी में एक्सपर्ट हैं। वितरक गांव में ही 300 से 1,000 रुपये में सिम उपलब्ध करवा देते हैं। फोन में ओएलएक्स एप डाउनलोड करके फर्जी सिम नंबर को एप में रजिस्टर किया जाता है।
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पुलिस के मुताबिक हरीश ने फरवरी माह में शिकायत दी कि वाहनों की खरीद व फरोख्त के लिए आन लाइन एप ओएलएक्स बनी हुई है। उसे उसने साइट पर बुलेट बाइक को बेचने का विज्ञापन देखा था। बेचने वाले ने अपने आपको सेना का जवान मंजीत सिंह बताया था। इसके लिए अपनी आईडी भी अपलोड कर रखी थी। फोन पर बातचीत करते समय वह उसकी बातों में आ गया। उसने पीटीएम खाते से अलग-अलग समय पर 59 हजार 200 रुपये मंजीत के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। बाद भी मंजीत ने न तो बाइक दी और न ही पैसे वापस किए। हरीश् का आरोप था कि मंजीत सिंह ने बाइक की आरसी, अपना आधार कार्ड व मिलिट्री कार्ड दिखाकर धोखाधड़ी की है। पुरानी सब्जी मंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। एसपी जश्नदीप ने डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की। क्योंकि इस तरह की पहले भी वारदात सामने आ चुकी थी। एसआईटी ने साइबर सैल, एटीएम एवं आनलाइन फ्राड इन्वेस्टिगेशन टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई। टीम को सुराग लगा कि गिरोह का एक सदस्य मुबारिक फरीदाबाद में है। एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में पुलिस ने दबिश देकर उसे काबू कर लिया। पूछताछ में मुबारिक ने वारदात का चौंकाने वाला खुलासा किया है।
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राजस्थान के पालड़ा गांव में सरेआम बिक रहे फर्जी आईडी पर सिम
आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी ससुराल गांव टिकावली में है। ससुराल वाले मूल रूप से गांव पाड़ला तहसील डींग जिला भरतपुर (राजस्थान) के रहने वाले है। गांव पाड़ला में ओएलएक्स फ्राड या आनलाईन ठगी आम बात है। गांव पाड़ला के अलावा गांव हिंगोटा, गैंगपुरी, कामा व टोड़ा गांव के भी कई युवक आन लाइन धोखाधड़ी में एक्सपर्ट हैं। वितरक गांव में ही 300 से 1,000 रुपये में सिम उपलब्ध करवा देते हैं। फोन में ओएलएक्स एप डाउनलोड करके फर्जी सिम नंबर को एप में रजिस्टर किया जाता है।
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