{"_id":"59ab1a644f1c1bee278b4cd0","slug":"71504385636-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गणेश विसर्जन के दौरान नहर में डूबा युवक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गणेश विसर्जन के दौरान नहर में डूबा युवक
Updated Sun, 03 Sep 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने परिवार के साथ आया युवक शनिवार शाम को आईजी ऑफिस के बाहर जेएलएन नहर में डूब गया। देर रात तक युवक का पता नहीं चल सका। युवक के डूबने से क्षेत्रवासियों की भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ के कारण दिल्ली रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। तैसे तैसे करके पुलिस ने रास्ता खुुलवाया।
दरअसल, इंदिरा कॉलोनी निवासी गोपाल अपने पिता सोपाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शाम करीब चार बजे भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने आया था। विसर्जन करने के बाद जब वह नहर से बाहर आ रहा था तो अचानक उसका पैर फिसल गया। इससे वह नहर में जा गिरा। पानी का बहाव तेज होने के कारण गोपाल नहर में बह गया। कुछ दूरी पर जाने के बाद गोपाल डूब गया। युवक के डूबने के बाद नहर पर अफरातफरी मच गई। परिजनों ने कुछ देर तक अपने स्तर पर गोपाल की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
नहीं पहुंची पुलिस, आईजी ऑफिस में की शिकायत
जब गोपाल नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस को शिकायत की। मगर काफी देर तक कोई भी पुलिस वाला मौके पर नहीं पहुंचा। कुछ ही देर में काफी लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद परिजन अन्य लोगों के साथ आईजी से शिकायत करने उनके ऑफिस के सामने पहुंच गए। परिजनों की आईजी से मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में आईजी ऑफिस से पीजीआई थाना पुलिस को सूचना दी गई। फिर कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने के थोड़ी देर बाद ही तहसीलदार गुलाब सिंह भी पहुंच गए। परिजनों और क्षेत्रवासियों के इकट्ठा होने से दिल्ली रोड पर जाम लग गया। परिजन गोपाल को तलाश करने की मांग कर रहे थे। रोड पर वाहनों की काफी दूरी तक कतार लग गई। करीब डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति रही। फिर पुलिस ने परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन
देर रात तक गोताखोरों ने की तलाश
गोपाल को तलाश करने के लिए प्रशासन ने रात को ही तीन-चार गोताखोरों को बुला लिया। गोताखोर रात करीब नौ बजे तक गोपाल की तलाश करते रहे। करीब दो किलोमीटर तक गोपाल की तलाश की गई। मगर गोपाल का पता नहीं चल सका। रविवार को नहर का पानी कम करवाया जाएगा। इसके बाद गोपाल की तलाश की जाएगी। गोपाल के माता पिता मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं।
विज्ञापन
रोहतक। भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने परिवार के साथ आया युवक शनिवार शाम को आईजी ऑफिस के बाहर जेएलएन नहर में डूब गया। देर रात तक युवक का पता नहीं चल सका। युवक के डूबने से क्षेत्रवासियों की भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ के कारण दिल्ली रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। तैसे तैसे करके पुलिस ने रास्ता खुुलवाया।
दरअसल, इंदिरा कॉलोनी निवासी गोपाल अपने पिता सोपाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शाम करीब चार बजे भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने आया था। विसर्जन करने के बाद जब वह नहर से बाहर आ रहा था तो अचानक उसका पैर फिसल गया। इससे वह नहर में जा गिरा। पानी का बहाव तेज होने के कारण गोपाल नहर में बह गया। कुछ दूरी पर जाने के बाद गोपाल डूब गया। युवक के डूबने के बाद नहर पर अफरातफरी मच गई। परिजनों ने कुछ देर तक अपने स्तर पर गोपाल की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन
नहीं पहुंची पुलिस, आईजी ऑफिस में की शिकायत
जब गोपाल नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस को शिकायत की। मगर काफी देर तक कोई भी पुलिस वाला मौके पर नहीं पहुंचा। कुछ ही देर में काफी लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद परिजन अन्य लोगों के साथ आईजी से शिकायत करने उनके ऑफिस के सामने पहुंच गए। परिजनों की आईजी से मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में आईजी ऑफिस से पीजीआई थाना पुलिस को सूचना दी गई। फिर कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने के थोड़ी देर बाद ही तहसीलदार गुलाब सिंह भी पहुंच गए। परिजनों और क्षेत्रवासियों के इकट्ठा होने से दिल्ली रोड पर जाम लग गया। परिजन गोपाल को तलाश करने की मांग कर रहे थे। रोड पर वाहनों की काफी दूरी तक कतार लग गई। करीब डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति रही। फिर पुलिस ने परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन
देर रात तक गोताखोरों ने की तलाश
गोपाल को तलाश करने के लिए प्रशासन ने रात को ही तीन-चार गोताखोरों को बुला लिया। गोताखोर रात करीब नौ बजे तक गोपाल की तलाश करते रहे। करीब दो किलोमीटर तक गोपाल की तलाश की गई। मगर गोपाल का पता नहीं चल सका। रविवार को नहर का पानी कम करवाया जाएगा। इसके बाद गोपाल की तलाश की जाएगी। गोपाल के माता पिता मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं।