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पीजीआईएमएस---
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:52 AM IST
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फर्जी डीएमएस बन युवक ने पीजीआई का किया निरीक्षण, कर्मियों को भी लगाई खूब लताड़
शक होने पर स्टाफ ने आरोपी को किया पुलिस के हवाले, साथी मौके से फरार
- पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में दो अन्य युवकों को लेकर पहुंचा था युवक
- पुलिस मामले को दबाने में जुटी, बोली- उन्हें नहीं इसकी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
फर्जी डीएमएस बनकर एक युवक दो अन्य युवकों के साथ पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में पहुंच गया। यहीं नहीं कई कर्मचारियों की भी फर्जी डीएमएस ने खूब क्लास लगाई। बाद में पता चलने पर पीजीआई के अधिकारी पहुंचे और आरोपी युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जबकि दो मौके से भागने में सफल रहे। उधर, पुलिस ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात करीब दो बजे पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में दो युवक अपने साथ एक युवक को लेकर पहुंचे और पीजीआई के कर्मचारी और अधिकारियों से कहा कि नए डीएमएस आए हैं, ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर रहे हैं। नए डीएमएस के आने और निरीक्षण की सूचना से विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि डीएमएस बने युवक ने कर्मचारियों और चिकित्सकों को भी फटकार लगाई। इसी बीच मामले की सूचना पीजीआई के अन्य अधिकारियों को लग गई। सूचना पाते ही पीजीआई के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की तो डीएमएस फर्जी निकला। दोनों युवक स्टाफ को चकमा देकर फरार हो गए, जबकि फर्जी डीएमएस बने युवक को स्टाफ ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, पुलिस मामले को दबाने मेें लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी हीं नहीं है, जबकि ट्रॉमा सेंटर के डीएमएस ने आरोपी को पुलिस के हवाले करने और लिखित में शिकायत करने का दावा किया है।
वर्जन
पीजीआई में फर्जी डीएमएस बनकर निरीक्षण करने और कर्मचारियों को हड़काने का मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी कराई जाएगी। -मंजित मोर, एसएचओ, पीजीआई
वर्जन
फर्जी डीएमएस बनकर युवक ट्रॉमा सेंटर में पहुंच गया था, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। लिखित में शिकायत भी दी गई है। - संदीप कुमार, डीएमएस, ट्रॉमा सेंटर पीजीआईएमएस
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शक होने पर स्टाफ ने आरोपी को किया पुलिस के हवाले, साथी मौके से फरार
- पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में दो अन्य युवकों को लेकर पहुंचा था युवक
- पुलिस मामले को दबाने में जुटी, बोली- उन्हें नहीं इसकी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
फर्जी डीएमएस बनकर एक युवक दो अन्य युवकों के साथ पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में पहुंच गया। यहीं नहीं कई कर्मचारियों की भी फर्जी डीएमएस ने खूब क्लास लगाई। बाद में पता चलने पर पीजीआई के अधिकारी पहुंचे और आरोपी युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जबकि दो मौके से भागने में सफल रहे। उधर, पुलिस ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात करीब दो बजे पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में दो युवक अपने साथ एक युवक को लेकर पहुंचे और पीजीआई के कर्मचारी और अधिकारियों से कहा कि नए डीएमएस आए हैं, ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर रहे हैं। नए डीएमएस के आने और निरीक्षण की सूचना से विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि डीएमएस बने युवक ने कर्मचारियों और चिकित्सकों को भी फटकार लगाई। इसी बीच मामले की सूचना पीजीआई के अन्य अधिकारियों को लग गई। सूचना पाते ही पीजीआई के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की तो डीएमएस फर्जी निकला। दोनों युवक स्टाफ को चकमा देकर फरार हो गए, जबकि फर्जी डीएमएस बने युवक को स्टाफ ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, पुलिस मामले को दबाने मेें लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी हीं नहीं है, जबकि ट्रॉमा सेंटर के डीएमएस ने आरोपी को पुलिस के हवाले करने और लिखित में शिकायत करने का दावा किया है।
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पीजीआई में फर्जी डीएमएस बनकर निरीक्षण करने और कर्मचारियों को हड़काने का मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी कराई जाएगी। -मंजित मोर, एसएचओ, पीजीआई
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फर्जी डीएमएस बनकर युवक ट्रॉमा सेंटर में पहुंच गया था, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। लिखित में शिकायत भी दी गई है। - संदीप कुमार, डीएमएस, ट्रॉमा सेंटर पीजीआईएमएस
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