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सीएम के गांव निंदाना में महिलाओं ने ठेके में घुसकर रोड पर फेंकी शराब की बोतलें, ठेके को लगाई आग
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सीएम के गांव निंदाना में महिलाओं ने सड़क पर फेंकी शराब बोतलें शराब, ठेके में लगाई आग
रोहतक/महम। मुख्यमंत्री के गांव निंदाना में शराब ठेके में रखी बोतलों को रोड पर फेंकने के बाद आग लगा दी गई। ठेके पर बैठे कारिंदे ने भागकर जान बचाई। उत्पात मचाने वालों ने अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ डाला। डीवीआर में लगी चिप भी निकाल ले गए। पुलिस ने कारिंदे की शिकायत पर 12 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी है। जिले में सरकार ने 31 करोड़ रुपये में शराब के ठेके छोड़े हैं, जो 11 करोड़ रुपये ज्यादा है।
महम व लाखनमाजरा क्षेत्र के अधीन आने वाले सभी गावों के शराब ठेके आशीष नैन व उनके चार साथियों ने 11 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लिए हुए हैं। पुराने ठेकेदार का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो गया। नए ठेकेदार के कारिंदे राजेन्द्र ने एक अप्रैल की सुबह ठेका खोल दिया और शराब की बिक्री शुरू कर दी। इसी दौरान गांव की महिलाएं और पुरुष हाथों में लाठी-डंडे लेकर आए और ठेका खोलने का विरोध किया। कारिंदे का आरोप है कि महिला व पुरुष ठेके के अंदर घुस आए, उन्होंने बोतलों को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उन्होंने धमकाया भी। उसने बताया कि सारी बोतलें बाहर फेंकने के बाद ठेके में आग लगा दी। उसने मुश्किल से भागकर जान बचाई। बाद में उत्पात मचाने वाले मौके से फरार हो गए। संचालक राजू नम्बरदार व राजेश का कहना है कि पहले दिन ही उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो गया। ठेके से दस हजार की नकदी भी कोई उठा ले गया। उन्होंने कहा कि किसी को कोई एतराज है तो वह अधिकारियों या आबकारी विभाग से संपर्क कर अपना विरोध दर्ज कराए। ठेके को नुकसान पहुंचाना जायज नहीं है।
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ठेका न खोलने के लिए दिया था पत्र
महम क्षेत्र के मातो भैणी गांव में पिछले चार पांच साल से शराब का ठेका नहीं है। अन्य सभी गावों में शराब के ठेके खुले हुए हैं। निंदाना गांव के सरपंच जसवंत, राजेश व शमशेर ने बताया कि दिसंबर में पंचायत की ओर से बीडीपीओ को गांव में शराब ठेका न खोलने के बारे में लिखित में पत्र दिया गया था। बाद में पत्र को आबकारी विभाग में भेज दिया गया। ठेका न खोलने का पत्र देने के बाद भी सरकार ने ठेका खोल दिया। इससे ग्रामीणों में रोष था। यह गांव का मुख्य रास्ता है और कुछ दूरी पर सरकारी स्कूल है। छात्रों पर ठेके का गलत असर पड़ रहा था। सरपंच का कहना है कि ग्रामीणों को शांतिपूर्वक तरीके से विरोध करना चाहिए था। बोतल फेंकना व आग लगाना अपराध है।
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नहीं करने दिया जाएगा कानून का उल्लंघन
मौके पर पहुंचे डीएसपी सज्जन सिंह ने कहा कि सरकार की अनुमति से ठेका खोला गया था। कोई बात थी तो ग्रामीण उनके सामने रख सकते थे। बोतले फेंकना व आग लगाना कानूनी रूप से जुर्म है। उन्होंने बताया कि ऋषि, राममेहर, विजय, कृष्ण, सिक्का व सिकंदर सहित महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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जिले में शराब के ठेके खोलकर सरकार ने की 31 करोड़ की कमाई
19 मार्च को जिला विकास भवन में जिले में 138 शराब के ठेके खोले गए। इसके लिए 23 जोन बनाए गए। एक जोन में शराब के छह ठेके हैं। पिछले साल जहां जिले में शराब के ठेकों से 20 करोड़ रुपये की सरकार को आमदनी हुई थी। इस बार 11 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व मिला है। बोली से पहले सात गांवों की पंचायत ने आबकारी विभाग से शराब के ठेके न खोलने की मांग की थी, लेकिन पांच गांवों में शराब के ठेके न खोलने के निर्णय लिया गया।
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रोहतक/महम। मुख्यमंत्री के गांव निंदाना में शराब ठेके में रखी बोतलों को रोड पर फेंकने के बाद आग लगा दी गई। ठेके पर बैठे कारिंदे ने भागकर जान बचाई। उत्पात मचाने वालों ने अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ डाला। डीवीआर में लगी चिप भी निकाल ले गए। पुलिस ने कारिंदे की शिकायत पर 12 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी है। जिले में सरकार ने 31 करोड़ रुपये में शराब के ठेके छोड़े हैं, जो 11 करोड़ रुपये ज्यादा है।
महम व लाखनमाजरा क्षेत्र के अधीन आने वाले सभी गावों के शराब ठेके आशीष नैन व उनके चार साथियों ने 11 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लिए हुए हैं। पुराने ठेकेदार का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो गया। नए ठेकेदार के कारिंदे राजेन्द्र ने एक अप्रैल की सुबह ठेका खोल दिया और शराब की बिक्री शुरू कर दी। इसी दौरान गांव की महिलाएं और पुरुष हाथों में लाठी-डंडे लेकर आए और ठेका खोलने का विरोध किया। कारिंदे का आरोप है कि महिला व पुरुष ठेके के अंदर घुस आए, उन्होंने बोतलों को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उन्होंने धमकाया भी। उसने बताया कि सारी बोतलें बाहर फेंकने के बाद ठेके में आग लगा दी। उसने मुश्किल से भागकर जान बचाई। बाद में उत्पात मचाने वाले मौके से फरार हो गए। संचालक राजू नम्बरदार व राजेश का कहना है कि पहले दिन ही उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो गया। ठेके से दस हजार की नकदी भी कोई उठा ले गया। उन्होंने कहा कि किसी को कोई एतराज है तो वह अधिकारियों या आबकारी विभाग से संपर्क कर अपना विरोध दर्ज कराए। ठेके को नुकसान पहुंचाना जायज नहीं है।
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ठेका न खोलने के लिए दिया था पत्र
महम क्षेत्र के मातो भैणी गांव में पिछले चार पांच साल से शराब का ठेका नहीं है। अन्य सभी गावों में शराब के ठेके खुले हुए हैं। निंदाना गांव के सरपंच जसवंत, राजेश व शमशेर ने बताया कि दिसंबर में पंचायत की ओर से बीडीपीओ को गांव में शराब ठेका न खोलने के बारे में लिखित में पत्र दिया गया था। बाद में पत्र को आबकारी विभाग में भेज दिया गया। ठेका न खोलने का पत्र देने के बाद भी सरकार ने ठेका खोल दिया। इससे ग्रामीणों में रोष था। यह गांव का मुख्य रास्ता है और कुछ दूरी पर सरकारी स्कूल है। छात्रों पर ठेके का गलत असर पड़ रहा था। सरपंच का कहना है कि ग्रामीणों को शांतिपूर्वक तरीके से विरोध करना चाहिए था। बोतल फेंकना व आग लगाना अपराध है।
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नहीं करने दिया जाएगा कानून का उल्लंघन
मौके पर पहुंचे डीएसपी सज्जन सिंह ने कहा कि सरकार की अनुमति से ठेका खोला गया था। कोई बात थी तो ग्रामीण उनके सामने रख सकते थे। बोतले फेंकना व आग लगाना कानूनी रूप से जुर्म है। उन्होंने बताया कि ऋषि, राममेहर, विजय, कृष्ण, सिक्का व सिकंदर सहित महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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जिले में शराब के ठेके खोलकर सरकार ने की 31 करोड़ की कमाई
19 मार्च को जिला विकास भवन में जिले में 138 शराब के ठेके खोले गए। इसके लिए 23 जोन बनाए गए। एक जोन में शराब के छह ठेके हैं। पिछले साल जहां जिले में शराब के ठेकों से 20 करोड़ रुपये की सरकार को आमदनी हुई थी। इस बार 11 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व मिला है। बोली से पहले सात गांवों की पंचायत ने आबकारी विभाग से शराब के ठेके न खोलने की मांग की थी, लेकिन पांच गांवों में शराब के ठेके न खोलने के निर्णय लिया गया।