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गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने पर राजस्थान के पुलिसकर्मियों को भी दी थी मारने की धमकी
Updated Wed, 20 Jun 2018 03:07 AM IST
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संपत नेहरा
गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने पर राजस्थान के पुलिसकर्मियों को भी दी थी मारने की धमकी
- लॉरेंस बिश्नोई व संपत नेहरा के गिरोह के संबंध में पुलिस को हाथ लगी अहम जानकारी
- जेल से ही गिरोह के सदस्यों को दिशा निर्देश देता है लॉरेंस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। लॉरेंस बिश्नोई व संपत नेहरा गैंग के सदस्यों ने राजस्थान में गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के बाद वहां के पुलिसकर्मियों को भी मारने की धमकी दे डाली थी। हालांकि पुलिस ने कॉल ट्रेस कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी थी। इसके अलावा लॉरेंस जेल से ही गिरोह के सदस्यों को दिशा निर्देश देता था। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है।
भरतपुर जेल मे बंद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपत नेहरा को हरियाणा एसआईटी ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया था। जिसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। गिरोह के दो सदस्यों सोनवीर में व एक अन्य को रोहतक एसआईटी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान में गिरोह के दो सदस्यों के पकड़े जाने के बाद करीब तीन माह पूर्व पुलिसकर्मियों के पास ही कॉल कर दी थी। धमकी दी थी कि अगर उनके गिरोह के सदस्यों को नहीं छोड़ा गया तो पुलिस वालों को जान से मार दिया जाएगा। हालांकि पुलिस ने नंबर ट्रेस कर गिरोह के सदस्यों को पकड़ने का प्रयास किया था मगर सफलता हाथ नहीं लगी थी। इसके अलावा पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई जेल से ही सदस्यों को दिशा निर्देश देता है। लॉरेंस बिश्नोई के जेल में बंद होने के बाद संपत नेहरा ही गिरोह की कमान संभाल रहा था। कमी होने पर वह अन्य गैंग के सदस्यों से भी हथियार खरीद लेता था।
- एक माह पूर्व मोबाइल पर लगा दिया था बैन
पकड़े गए आरोपियों के हवाले से पुलिस ने बताया कि एक माह पूर्व ही संपत नेहरा ने गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। संपत का कहना था कि अगर कोई मोबाइल फोन का प्रयोग करेगा, तो उसे गैंग से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। व्हॉट्सएप पर ही गिरोह के सदस्य एक दूसरे से बात करते थे।
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गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने पर राजस्थान के पुलिसकर्मियों को भी दी थी मारने की धमकी
- लॉरेंस बिश्नोई व संपत नेहरा के गिरोह के संबंध में पुलिस को हाथ लगी अहम जानकारी
- जेल से ही गिरोह के सदस्यों को दिशा निर्देश देता है लॉरेंस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। लॉरेंस बिश्नोई व संपत नेहरा गैंग के सदस्यों ने राजस्थान में गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के बाद वहां के पुलिसकर्मियों को भी मारने की धमकी दे डाली थी। हालांकि पुलिस ने कॉल ट्रेस कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी थी। इसके अलावा लॉरेंस जेल से ही गिरोह के सदस्यों को दिशा निर्देश देता था। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है।
भरतपुर जेल मे बंद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपत नेहरा को हरियाणा एसआईटी ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया था। जिसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। गिरोह के दो सदस्यों सोनवीर में व एक अन्य को रोहतक एसआईटी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान में गिरोह के दो सदस्यों के पकड़े जाने के बाद करीब तीन माह पूर्व पुलिसकर्मियों के पास ही कॉल कर दी थी। धमकी दी थी कि अगर उनके गिरोह के सदस्यों को नहीं छोड़ा गया तो पुलिस वालों को जान से मार दिया जाएगा। हालांकि पुलिस ने नंबर ट्रेस कर गिरोह के सदस्यों को पकड़ने का प्रयास किया था मगर सफलता हाथ नहीं लगी थी। इसके अलावा पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई जेल से ही सदस्यों को दिशा निर्देश देता है। लॉरेंस बिश्नोई के जेल में बंद होने के बाद संपत नेहरा ही गिरोह की कमान संभाल रहा था। कमी होने पर वह अन्य गैंग के सदस्यों से भी हथियार खरीद लेता था।
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- एक माह पूर्व मोबाइल पर लगा दिया था बैन
पकड़े गए आरोपियों के हवाले से पुलिस ने बताया कि एक माह पूर्व ही संपत नेहरा ने गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। संपत का कहना था कि अगर कोई मोबाइल फोन का प्रयोग करेगा, तो उसे गैंग से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। व्हॉट्सएप पर ही गिरोह के सदस्य एक दूसरे से बात करते थे।
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