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अपने ही मुलाजिमों की सुरक्षा में नाकाम पुलिस, बेरोकटोक पुलिस लाइन में घुस जाते है लोग
Updated Thu, 08 Mar 2018 03:20 AM IST
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अपने ही मुलाजिमों की सुरक्षा में पुलिस नाकाम, अधिकारी बोले - हर किसी से पूछताछ संभव नहीं
- पुलिस लाइन में महिला सिपाही की बेटी के अपहरण का प्रयास के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल
- पुलिस लाइन में हजारों की संख्या में रहने वाले पुलिस कर्मियों सहित उनके परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
महिला सिपाही की चार साल की बेटी के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आने के बाद पुलिस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गये हैं। पुलिस प्रशासन अपने ही मुलाजिमों की सुरक्षा करने के नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में आमजन की सुरक्षा को लेकर पुलिस के रवैये का खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। हैरत की बात यह है कि पुलिस लाइन में लोग बिना रोक टोक के अंदर चले जाते हैं। चाहे वह संदिग्ध ही क्यों न हों। पुलिस लाइन के गेट पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। महिला सिपाही ने भी पुलिस लाइन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गेट पर कोई पूछताछ नहीं की जाती है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि हर किसी से पूछताछ नहीं की जा सकती। संदिग्धों की जांच होती है।
सिर्फ रात को निगरानी, दिन में खानापूर्ति
पुलिस लाइन के अंदर क्वार्टर्स में हजारों की संख्या में रहने वाले पुलिस कर्मियों और उनके परिवार की सुरक्षा के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। रात के समय पुलिस लाइन के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी अंदर आने जाने वाले से पूछताछ करते है। जबकि दिनभर सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। दिन में आने वाले लोगों से कोई पूछताछ नहीं की जाती न ही रजिस्टर पर डिटेल लिखी जाती है। ऐसे में कोई भी संदिग्ध आसानी से पुलिस लाइन के अंदर आ सकता है।
सीआईए वन और डीएसपी ऑफिस सहित अहम शाखाएं पुलिस लाइन में
पुलिस लाइन में सीआईए वन से लेकर कई अहम शाखाओं के ऑफिस मौजूद हैं। इसके अलावा डीएसपी कानून व्यवस्था ताहिर हुसैन का ऑफिस भी पुलिस लाइन के अंदर ही है। सीआईए की टीम आये दिन शातिर बदमाशों की धरपकड़ करती है। ऐसे में उसके कर्मचारी बदमाशों के निशाने पर रहते हैं। फिर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किये गये है। इतना ही नहीं कई मामलों के जांच अधिकारी सहित उच्च अधिकारी भी परिवार के साथ पुलिस लाइन में ही रहते है। इसके अलावा लाइन में ही चालान शाखा, दंगा निरोधक दस्ता, रिजर्व पुलिस बल भी है।
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महिला सिपाही ने मांगी पुलिस सुरक्षा
बेटी के अपहरण के प्रयास केे बाद महिला पुलिसकर्मी अनी को बेटी की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उसने एसपी से मांग की है कि आरोपियों से उनकी बेटी को खतरा है। इस कारण पुलिस सुरक्षा के बीच बेटी का पेपर करवाया जाए। बेटी के अगले पेपर वाले दिन भी को भी अनी की चंडीगढ़ में ड्यूटी है। इस वजह से वह रोहतक नहीं आ सकती। इस मामले पर जल्द ही पुलिस के अधिकारी संज्ञान लेंगे।
3 साल पहले कोर्ट के बाहर की थी महिला सिपाही की पिटाई
अनी को प्रताड़ित करने का सिलसिला वर्ष 2013 में चल रहा है। वर्ष 2015 में जब अनी तलाक के मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट में आई थी तो उसकी यहां भी पिटाई की गई थी। महिला सिपाही को दिनदहाड़े कोर्ट के बाहर पीटा गया था। उस समय महिला सिपाही के बयान पर पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर केस दर्ज किया गया था। यह मामला भी फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
महिला सिपाही बोली - हथियार भी थे आरोपियों के पास
मामले में महिला सिपाही का कहना है कि क्वार्टर पर आने वाले लोगों के पास हथियार भी थे। एक आरोपी ने महिला सिपाही को फोन करके इसकी जानकारी दी थी। जबकि मामले में सिविल लाइन थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसआई सतपाल का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल के दौरान यदि हथियार लेकर पुलिस लाइन में आने की बात सामने आई तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर जांच में शामिल किया जाएगा। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
वर्जन
पुलिस लाइन के अंदर कई विभाग और पुलिस कर्मियों के परिवार रहते हैं। दिन भर रिश्तेदार, मुलाजिम, मुलाजिमों के पढ़ाई करने वाले बच्चों सहित अन्य चालान भरने वालों का आना-जाना लगा रहता है। इस कारण प्रत्येक से पूछताछ करना संभव नहीं है। यदि कोई भी संदिग्ध नजर आता है तो उससे पूछताछ की जाती है।
- एसआई राजकुमार, पुलिस लाइन ऑफिसर
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- पुलिस लाइन में महिला सिपाही की बेटी के अपहरण का प्रयास के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल
- पुलिस लाइन में हजारों की संख्या में रहने वाले पुलिस कर्मियों सहित उनके परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
महिला सिपाही की चार साल की बेटी के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आने के बाद पुलिस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गये हैं। पुलिस प्रशासन अपने ही मुलाजिमों की सुरक्षा करने के नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में आमजन की सुरक्षा को लेकर पुलिस के रवैये का खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। हैरत की बात यह है कि पुलिस लाइन में लोग बिना रोक टोक के अंदर चले जाते हैं। चाहे वह संदिग्ध ही क्यों न हों। पुलिस लाइन के गेट पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। महिला सिपाही ने भी पुलिस लाइन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गेट पर कोई पूछताछ नहीं की जाती है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि हर किसी से पूछताछ नहीं की जा सकती। संदिग्धों की जांच होती है।
सिर्फ रात को निगरानी, दिन में खानापूर्ति
पुलिस लाइन के अंदर क्वार्टर्स में हजारों की संख्या में रहने वाले पुलिस कर्मियों और उनके परिवार की सुरक्षा के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। रात के समय पुलिस लाइन के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी अंदर आने जाने वाले से पूछताछ करते है। जबकि दिनभर सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। दिन में आने वाले लोगों से कोई पूछताछ नहीं की जाती न ही रजिस्टर पर डिटेल लिखी जाती है। ऐसे में कोई भी संदिग्ध आसानी से पुलिस लाइन के अंदर आ सकता है।
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सीआईए वन और डीएसपी ऑफिस सहित अहम शाखाएं पुलिस लाइन में
पुलिस लाइन में सीआईए वन से लेकर कई अहम शाखाओं के ऑफिस मौजूद हैं। इसके अलावा डीएसपी कानून व्यवस्था ताहिर हुसैन का ऑफिस भी पुलिस लाइन के अंदर ही है। सीआईए की टीम आये दिन शातिर बदमाशों की धरपकड़ करती है। ऐसे में उसके कर्मचारी बदमाशों के निशाने पर रहते हैं। फिर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किये गये है। इतना ही नहीं कई मामलों के जांच अधिकारी सहित उच्च अधिकारी भी परिवार के साथ पुलिस लाइन में ही रहते है। इसके अलावा लाइन में ही चालान शाखा, दंगा निरोधक दस्ता, रिजर्व पुलिस बल भी है।
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महिला सिपाही ने मांगी पुलिस सुरक्षा
बेटी के अपहरण के प्रयास केे बाद महिला पुलिसकर्मी अनी को बेटी की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उसने एसपी से मांग की है कि आरोपियों से उनकी बेटी को खतरा है। इस कारण पुलिस सुरक्षा के बीच बेटी का पेपर करवाया जाए। बेटी के अगले पेपर वाले दिन भी को भी अनी की चंडीगढ़ में ड्यूटी है। इस वजह से वह रोहतक नहीं आ सकती। इस मामले पर जल्द ही पुलिस के अधिकारी संज्ञान लेंगे।
3 साल पहले कोर्ट के बाहर की थी महिला सिपाही की पिटाई
अनी को प्रताड़ित करने का सिलसिला वर्ष 2013 में चल रहा है। वर्ष 2015 में जब अनी तलाक के मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट में आई थी तो उसकी यहां भी पिटाई की गई थी। महिला सिपाही को दिनदहाड़े कोर्ट के बाहर पीटा गया था। उस समय महिला सिपाही के बयान पर पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर केस दर्ज किया गया था। यह मामला भी फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
महिला सिपाही बोली - हथियार भी थे आरोपियों के पास
मामले में महिला सिपाही का कहना है कि क्वार्टर पर आने वाले लोगों के पास हथियार भी थे। एक आरोपी ने महिला सिपाही को फोन करके इसकी जानकारी दी थी। जबकि मामले में सिविल लाइन थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसआई सतपाल का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल के दौरान यदि हथियार लेकर पुलिस लाइन में आने की बात सामने आई तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर जांच में शामिल किया जाएगा। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
वर्जन
पुलिस लाइन के अंदर कई विभाग और पुलिस कर्मियों के परिवार रहते हैं। दिन भर रिश्तेदार, मुलाजिम, मुलाजिमों के पढ़ाई करने वाले बच्चों सहित अन्य चालान भरने वालों का आना-जाना लगा रहता है। इस कारण प्रत्येक से पूछताछ करना संभव नहीं है। यदि कोई भी संदिग्ध नजर आता है तो उससे पूछताछ की जाती है।
- एसआई राजकुमार, पुलिस लाइन ऑफिसर