{"_id":"5949713e4f1c1b59508b489d","slug":"171497985342-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए लाई पुलिस, परिजनों ने किया हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए लाई पुलिस, परिजनों ने किया हंगामा
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुष्कर्म पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए लाई पुलिस, परिजनों ने किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कैल निवासी दुष्कर्म पीड़िता को पुलिस बयान देने के लिए बिना परिजनों को बताए थाने लेकर आई। जिस पर परिजन जिला सचिवालय पहुंच गए। परिजनों ने यहां स्थित एसडीएम की कोर्ट के बाहर हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस दुष्कर्म पीड़िता को जबरदस्ती बयान दर्ज कराने के लिए घर से लेकर आई है। हंगामा होने की सूचना पर पहुंचे थाना सदर जगाधरी एसएचओ नवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत किया। इसके बाद परिजन अपने बयान दर्ज कराने को तैयार हो गए।
गांव कैल निवासी युवक ने एसडीएम की कोर्ट में शिकायत दी कि लड़की के परिजनों ने उसकी पत्नी को जबरदस्ती अपने घर रखा हुआ है। उसका पिता व दादा उसे उसके साथ नहीं रहने देते। एसडीएम ने थाना सदर जगाधरी पुलिस को आदेश दिए कि वे 20 जून को लड़की को पेश कर उसके बयान दर्ज कराएं। मंगलवार को थाना से सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार महिला कांस्टेबल के साथ घर गए और लड़की को कोर्ट में ले आए। लड़की को कोर्ट में ले जाने की सूचना पाते ही उसके परिजन भी सचिवालय में पहुंच गए। उन्होंने उसके बयान दर्ज कराने से मना कर दिया। दादा ने कहा कि पुलिस घर से जबरदस्ती उठाकर ले आई। इस बारे में उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। दादा का कहना है कि पुलिस से लेकर अफसर तक सभी आरोपियों के साथ मिले हुए हैं। जब अभी तक अमित की उसकी पोती से शादी ही नहीं हुई तो वो उसकी पत्नी कैसे हो सकती है। लड़की ने कोर्ट में बयान दिए कि वह अमित के साथ रहना चाहती है। बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस अमित व लड़की को अपने साथ लेकर चली गई।
एसएचओ नवीन कुमार का कहना है कि एसडीएम के आदेशों के अनुसार ही लड़की को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में पेश किया गया था।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कैल निवासी दुष्कर्म पीड़िता को पुलिस बयान देने के लिए बिना परिजनों को बताए थाने लेकर आई। जिस पर परिजन जिला सचिवालय पहुंच गए। परिजनों ने यहां स्थित एसडीएम की कोर्ट के बाहर हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस दुष्कर्म पीड़िता को जबरदस्ती बयान दर्ज कराने के लिए घर से लेकर आई है। हंगामा होने की सूचना पर पहुंचे थाना सदर जगाधरी एसएचओ नवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत किया। इसके बाद परिजन अपने बयान दर्ज कराने को तैयार हो गए।
गांव कैल निवासी युवक ने एसडीएम की कोर्ट में शिकायत दी कि लड़की के परिजनों ने उसकी पत्नी को जबरदस्ती अपने घर रखा हुआ है। उसका पिता व दादा उसे उसके साथ नहीं रहने देते। एसडीएम ने थाना सदर जगाधरी पुलिस को आदेश दिए कि वे 20 जून को लड़की को पेश कर उसके बयान दर्ज कराएं। मंगलवार को थाना से सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार महिला कांस्टेबल के साथ घर गए और लड़की को कोर्ट में ले आए। लड़की को कोर्ट में ले जाने की सूचना पाते ही उसके परिजन भी सचिवालय में पहुंच गए। उन्होंने उसके बयान दर्ज कराने से मना कर दिया। दादा ने कहा कि पुलिस घर से जबरदस्ती उठाकर ले आई। इस बारे में उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। दादा का कहना है कि पुलिस से लेकर अफसर तक सभी आरोपियों के साथ मिले हुए हैं। जब अभी तक अमित की उसकी पोती से शादी ही नहीं हुई तो वो उसकी पत्नी कैसे हो सकती है। लड़की ने कोर्ट में बयान दिए कि वह अमित के साथ रहना चाहती है। बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस अमित व लड़की को अपने साथ लेकर चली गई।
विज्ञापन
एसएचओ नवीन कुमार का कहना है कि एसडीएम के आदेशों के अनुसार ही लड़की को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में पेश किया गया था।