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कैंसर पीड़ित की सड़क हादसे में मौत दर्शाने के मामले में फाइल नंबर-दो
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रोहतक। कैंसर पीड़ित की सड़क हादसे में मौत दिखाकर रुपये हड़पने के मामले में एसटीएफ की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खुलासा हुआ है कि गिरोह का सदस्य पदम खर्ब ही परिजनों को बहकावे में लेकर पीड़ितों का प्रदेशभर के विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाता था। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने सौ से अधिक खाते खुलवाने की बात कुबूली है। पदम के घर से कई मरीजों की बैंक पासबुक और चेक बरामद किए हैं।
सोनीपत एसटीएफ के प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि गिरोह का सदस्य पदम, पूर्व में पकड़े गए पवन फरार चल रहे सोनीपत के राई के रहने वाले राजेश कोशिक के साथ मिलकर कैंसर पीड़ित का बैंक खाता खुलवाते थे। बीमे के रुपये खाते में आने के बाद अपने खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते थे। खाते की नोमिनी पीड़ित मरीज की पत्नी या फिर बेटे को बनाया जाता था। बताया कि पासिंग कमेटी के सदस्य भी सड़क हादसे में मौत की बात को स्पष्ट करते थे। पासिंग कमेटी के पचास से अधिक सदस्य एसटीएफ के राडार पर आ गए हैं।
पदम और फरार राजेश कोशिक ने जलाया था रिकार्ड
पूछताछ में एसटीएफ ने बताया कि पदम और फरार राजेश कोशिक ने ही पवन के पकडे़ जाने के बाद कैंसर पीड़ित मरीज का रिकार्ड लाखन माजरा के खेत में जलाया था। एसटीएफ मौके पर पहुंची तो उन्हें अब गेहूं के स्थान पर जीरी खेत में लगी मिली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कैंसर पीड़ित को समझाने में सहयोग करने वालों को इनाम के तौर पर दस से पंद्रह हजार रुपये दिए जाते थे।
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सोनीपत एसटीएफ के प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि गिरोह का सदस्य पदम, पूर्व में पकड़े गए पवन फरार चल रहे सोनीपत के राई के रहने वाले राजेश कोशिक के साथ मिलकर कैंसर पीड़ित का बैंक खाता खुलवाते थे। बीमे के रुपये खाते में आने के बाद अपने खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते थे। खाते की नोमिनी पीड़ित मरीज की पत्नी या फिर बेटे को बनाया जाता था। बताया कि पासिंग कमेटी के सदस्य भी सड़क हादसे में मौत की बात को स्पष्ट करते थे। पासिंग कमेटी के पचास से अधिक सदस्य एसटीएफ के राडार पर आ गए हैं।
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पदम और फरार राजेश कोशिक ने जलाया था रिकार्ड
पूछताछ में एसटीएफ ने बताया कि पदम और फरार राजेश कोशिक ने ही पवन के पकडे़ जाने के बाद कैंसर पीड़ित मरीज का रिकार्ड लाखन माजरा के खेत में जलाया था। एसटीएफ मौके पर पहुंची तो उन्हें अब गेहूं के स्थान पर जीरी खेत में लगी मिली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कैंसर पीड़ित को समझाने में सहयोग करने वालों को इनाम के तौर पर दस से पंद्रह हजार रुपये दिए जाते थे।
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