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हरियाणा, दिल्ली और मुंबई के दलाल नेवी में भर्ती का झांसा देकर युवाओं से ऐंठ रहे रकम
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रोहतक। हरियाणा के अलावा दिल्ली, मुंबई के कुछ दलाल युवाओं को नेवी में भर्ती कराने का झांसा देकर साढ़े चार से पांच लाख रुपये तक हड़प रहे हैं। बाद में उन्हें मुंबई और नाईजीरिया की फर्जी शिप कंपनी के हवाले कर दिया जाता है। जहां पर भारतीय को बंधक बनाकर घोर यातनाएं दी जाती हैं। यह खुलासा नाईजीरिया के समुद्री लुटेरों के चंगुल से बंधनमुक्त होकर वतन लौटे रोहतक के आसन गांव के अंकित ने किया। परिजनों ने मामले की शिकायत डीजीपी से लेकर सीएम और पीएम तक करने की बात कही है।
अंकित और उसके मामा भारत कुमार ने बताया कि अक्तूबर 2018 में रोहतक का ही रहने वाला उनका जानकार उनके पास आया। उसने कहा कि नेवी में उसकी जान पहचान हैं। वे अंकित को आर्डिनरी सी मैन के पद पर लगवा देगा। इसके लिए उसने पांच लाख रुपये मांगे, लेकिन सौदा साढ़े चार लाख रुपये में तय हुआ। रोहतक के दलाल ने किसी मुंबई के दलाल से परिजनों की बात कराई। साढ़े चार लाख रुपये दे दिए गए। आरोप है कि अप्रेक्स कंपनी के शिप पर आर्डिनरी सी मैन के पद पर अंकित को तैनात दर्शाते हुए उसके पास ज्वाइनिंग लैटर भी भेज दिया गया। इसके बाद 4 अक्तूबर 2018 को अंकित ने ज्वाइनिंग कर ली। उसे प्रतिमाह 400 डालर यानि 28 हजार रुपये सैलरी की बात हुई। लेकिन चार माह तक वेतन नहीं मिला। परिजनों ने कई बार रोहतक और मुंबई के दलाल से अंकित के वेतन की बता कही। इस पर कहा गया कि एक साथ छह माह या फिर एक साल की सेलरी खाते में पहुंचा दी जाएगी।
इसके बाद अंकित समेत पांच भारतीय का नाईजीरिया के लुटेरों ने 19 अप्रैल को शिप से ही अपहरण कर लिया था। दलालों ने फर्जी नेवी में दर्शाकर उसके साथ फ्रांड किया। यहीं नहीं हरियाणा के रोहतक के अलावा सोनीपत, पानीपत, पंजाब, यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, बिजनौर, पंजाब, राजस्थान, और दिल्ली के भी 100 से अधिक ग्रेजुएट युवाओं से नेवी में नौकरी लगवाने के नाम पर दिल्ली, मुंबई और हरियाणा के दलालों ने पांच लाख रुपये तक हड़पे हैं।
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मुंबई में तैयार किए जाते हैं फर्जी ज्वाइनिंग लैटर
अंकित के अनुसार दलाल और गिरोह के अन्य सदस्य मुंबई में ही युवाओं के फर्जी ज्वाइनिंग लैटर तैयार करते है। बाद में प्राइवेट चल रहे शिप संचालकों से सेटिंग कर युवाओं को उन पर लगवा देते हैं। जो सिर्फ युवाओं से काम लेते हैं, रुपये मांगने पर धमकी दी जाती है। कई बार भूखा भी रखा जाता है। वहीं दलाल फर्जी आईडी से सिम लेकर बातचीत करते हैं।
यह था मामला
घाना से नाईजीरिया जा रहे शिप एमटी अपेक्स आईएमओ का 19 अप्रैल को आईलैंड के पास समुद्री लुटेरों ने अपहरण कर लिया था। उस समय शिप पर 15 लोग सवार थे। इसमें रोहतक के आसन गांव निवासी अंकित हुड्डा समेत पांच भारतीय थे। परिजनों को अंकित के अपहरण की जानकारी 24 अप्रैल को शिप के थर्ड ऑफिसर संदीप चौधरी की पत्नी के माध्यम से मिली थी। इसके बाद परिजनों ने दिल्ली में तत्कालीन विदेश मंत्री मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई थी। सरकार तभी से भारतीय मूल के कर्मचारियों को बंधनमुक्त कराने के प्रयास में लगी हुई थी। करीब 70 दिन बाद वीरवार को समुद्री लुटेरों ने पैसे लेने के बाद अंकित को बंधनमुक्त कर दिया।
अंकित के परिजनों ने अभी शिकायत नहीं की है। यदि दलाल इस तरह से युवाओं को फंसाकर रुपये हड़प रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- मनोज यादव, डीजीपी हरियाणा
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अंकित और उसके मामा भारत कुमार ने बताया कि अक्तूबर 2018 में रोहतक का ही रहने वाला उनका जानकार उनके पास आया। उसने कहा कि नेवी में उसकी जान पहचान हैं। वे अंकित को आर्डिनरी सी मैन के पद पर लगवा देगा। इसके लिए उसने पांच लाख रुपये मांगे, लेकिन सौदा साढ़े चार लाख रुपये में तय हुआ। रोहतक के दलाल ने किसी मुंबई के दलाल से परिजनों की बात कराई। साढ़े चार लाख रुपये दे दिए गए। आरोप है कि अप्रेक्स कंपनी के शिप पर आर्डिनरी सी मैन के पद पर अंकित को तैनात दर्शाते हुए उसके पास ज्वाइनिंग लैटर भी भेज दिया गया। इसके बाद 4 अक्तूबर 2018 को अंकित ने ज्वाइनिंग कर ली। उसे प्रतिमाह 400 डालर यानि 28 हजार रुपये सैलरी की बात हुई। लेकिन चार माह तक वेतन नहीं मिला। परिजनों ने कई बार रोहतक और मुंबई के दलाल से अंकित के वेतन की बता कही। इस पर कहा गया कि एक साथ छह माह या फिर एक साल की सेलरी खाते में पहुंचा दी जाएगी।
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इसके बाद अंकित समेत पांच भारतीय का नाईजीरिया के लुटेरों ने 19 अप्रैल को शिप से ही अपहरण कर लिया था। दलालों ने फर्जी नेवी में दर्शाकर उसके साथ फ्रांड किया। यहीं नहीं हरियाणा के रोहतक के अलावा सोनीपत, पानीपत, पंजाब, यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, बिजनौर, पंजाब, राजस्थान, और दिल्ली के भी 100 से अधिक ग्रेजुएट युवाओं से नेवी में नौकरी लगवाने के नाम पर दिल्ली, मुंबई और हरियाणा के दलालों ने पांच लाख रुपये तक हड़पे हैं।
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मुंबई में तैयार किए जाते हैं फर्जी ज्वाइनिंग लैटर
अंकित के अनुसार दलाल और गिरोह के अन्य सदस्य मुंबई में ही युवाओं के फर्जी ज्वाइनिंग लैटर तैयार करते है। बाद में प्राइवेट चल रहे शिप संचालकों से सेटिंग कर युवाओं को उन पर लगवा देते हैं। जो सिर्फ युवाओं से काम लेते हैं, रुपये मांगने पर धमकी दी जाती है। कई बार भूखा भी रखा जाता है। वहीं दलाल फर्जी आईडी से सिम लेकर बातचीत करते हैं।
यह था मामला
घाना से नाईजीरिया जा रहे शिप एमटी अपेक्स आईएमओ का 19 अप्रैल को आईलैंड के पास समुद्री लुटेरों ने अपहरण कर लिया था। उस समय शिप पर 15 लोग सवार थे। इसमें रोहतक के आसन गांव निवासी अंकित हुड्डा समेत पांच भारतीय थे। परिजनों को अंकित के अपहरण की जानकारी 24 अप्रैल को शिप के थर्ड ऑफिसर संदीप चौधरी की पत्नी के माध्यम से मिली थी। इसके बाद परिजनों ने दिल्ली में तत्कालीन विदेश मंत्री मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई थी। सरकार तभी से भारतीय मूल के कर्मचारियों को बंधनमुक्त कराने के प्रयास में लगी हुई थी। करीब 70 दिन बाद वीरवार को समुद्री लुटेरों ने पैसे लेने के बाद अंकित को बंधनमुक्त कर दिया।
अंकित के परिजनों ने अभी शिकायत नहीं की है। यदि दलाल इस तरह से युवाओं को फंसाकर रुपये हड़प रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- मनोज यादव, डीजीपी हरियाणा