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दादी ने पौती के लिए बहू से मांगा पोलन पोषण भता
Updated Mon, 19 Nov 2018 02:27 AM IST
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बेटे की दूसरी शादी छुपाकर महिला ने मांगा बहू से पोती के लिए भत्ता, याचिका खारिज
-छुपाए तथ्य सामने आने पानीपत कोर्ट ने खारिज की याचिका
-लड़की की कस्टडी का केस रोहतक फैमिली कोर्ट में चल रहा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अपने बेटे की दूसरी शादी छुपाकर एक बुजुर्ग महिला ने पोती के लिए तलाक ले चुकी बहू से पालन-पोषण भत्ते के तौर पर 10 हजार रुपये प्रति माह मांगा। अदालत में छुपाए तथ्य सामने आने पर पानीपत कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। लड़की की कस्टडी का केस रोहतक स्थित एडीजे नरेंद्र कौर की फैमिली कोर्ट में चल रहा है, जिसकी 20 नवंबर को सुनवाई होगी।
एडवोकेट पंकज बेरी ने बताया कि सल्लारा मोहल्ला निवासी कमलेश की शादी पानीपत निवासी नरेंद्र के साथ करीब 2005 में हुई थी। दोनों के एक लड़की व एक लड़का है। बाद में पति व पत्नी के बीच विवाद हो गया। नर्स की नौकरी करने वाली कमलेश बेटे को लेकर मायके आ गई, जबकि नरेंद्र ने दूसरी शादी कर ली। लड़की अपनी दादी के पास रही। 2017 में कमलेश व नरेंद्र के बीच तलाक हो गया। इसी बीच कमलेश ने अपनी बेटी की कस्टडी हासिल करने के लिए 2017 में एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की। तत्कालीन एसडीएम ने पुलिस को आदेश दिए कि बच्ची को मां को सौंप दिया जाए। लड़की दादी के साथ रहना चाहती थी। पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर दिया, जहां से लड़की को उसकी दादी के हवाले कर दिया गया। अब दादी ने पानीपत कोर्ट में याचिका दायर की कि उसका बेटा कहीं चला गया है। जबकि मां अपने मायके में है। मां नर्स की नौकरी करती है, जिसकी अच्छी सैलरी है। ऐसे में मां से बेटी के लिए 10 हजार रुपये पालन-पोषण भत्ता दिलवाया जाए।
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अदालत में साबित किया कि नरेंद्र परिवार के साथ रह रहा
वकील ने बताया कि नरेंद्र और नर्स कमलेश के बीच दहेज का केस रोहतक कोर्ट में चल रहा है। उसके अंदर नरेंद्र ने बयान दिया था कि वह पानीपत में अपने माता-पिता के साथ रहता है। कमलेश ने उस बयान को पानीपत कोर्ट में पेश किया। बताया कि नरेंद्र कहीं नहीं गया, वह परिवार के साथ पानीपत में ही रह रहा है। यहां तक दूसरी शादी कर चुका है। यहां तक तलाक भी बाद में दिया है। इसके बाद अदालत ने दादी की याचिका खारिज कर दी।
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मुझे बेटी चाहिए, खुद कर लूंगी पालन-पोषण
मैंने रोहतक कोर्ट में बेटी को लेने के लिए याचिका दायर की हुई है, जिसकी 20 नवंबर को सुनवाई है। बेटा मेरे साथ है, जो हर पल बहन के बारे में पूछता है। मुझे मेरी बेटी सौंपी जाए, मैं खुद उसका पालन-पोषण कर लूंगी।
-कमलेश, किशोरी की मां
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-छुपाए तथ्य सामने आने पानीपत कोर्ट ने खारिज की याचिका
-लड़की की कस्टडी का केस रोहतक फैमिली कोर्ट में चल रहा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अपने बेटे की दूसरी शादी छुपाकर एक बुजुर्ग महिला ने पोती के लिए तलाक ले चुकी बहू से पालन-पोषण भत्ते के तौर पर 10 हजार रुपये प्रति माह मांगा। अदालत में छुपाए तथ्य सामने आने पर पानीपत कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। लड़की की कस्टडी का केस रोहतक स्थित एडीजे नरेंद्र कौर की फैमिली कोर्ट में चल रहा है, जिसकी 20 नवंबर को सुनवाई होगी।
एडवोकेट पंकज बेरी ने बताया कि सल्लारा मोहल्ला निवासी कमलेश की शादी पानीपत निवासी नरेंद्र के साथ करीब 2005 में हुई थी। दोनों के एक लड़की व एक लड़का है। बाद में पति व पत्नी के बीच विवाद हो गया। नर्स की नौकरी करने वाली कमलेश बेटे को लेकर मायके आ गई, जबकि नरेंद्र ने दूसरी शादी कर ली। लड़की अपनी दादी के पास रही। 2017 में कमलेश व नरेंद्र के बीच तलाक हो गया। इसी बीच कमलेश ने अपनी बेटी की कस्टडी हासिल करने के लिए 2017 में एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की। तत्कालीन एसडीएम ने पुलिस को आदेश दिए कि बच्ची को मां को सौंप दिया जाए। लड़की दादी के साथ रहना चाहती थी। पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर दिया, जहां से लड़की को उसकी दादी के हवाले कर दिया गया। अब दादी ने पानीपत कोर्ट में याचिका दायर की कि उसका बेटा कहीं चला गया है। जबकि मां अपने मायके में है। मां नर्स की नौकरी करती है, जिसकी अच्छी सैलरी है। ऐसे में मां से बेटी के लिए 10 हजार रुपये पालन-पोषण भत्ता दिलवाया जाए।
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अदालत में साबित किया कि नरेंद्र परिवार के साथ रह रहा
वकील ने बताया कि नरेंद्र और नर्स कमलेश के बीच दहेज का केस रोहतक कोर्ट में चल रहा है। उसके अंदर नरेंद्र ने बयान दिया था कि वह पानीपत में अपने माता-पिता के साथ रहता है। कमलेश ने उस बयान को पानीपत कोर्ट में पेश किया। बताया कि नरेंद्र कहीं नहीं गया, वह परिवार के साथ पानीपत में ही रह रहा है। यहां तक दूसरी शादी कर चुका है। यहां तक तलाक भी बाद में दिया है। इसके बाद अदालत ने दादी की याचिका खारिज कर दी।
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मुझे बेटी चाहिए, खुद कर लूंगी पालन-पोषण
मैंने रोहतक कोर्ट में बेटी को लेने के लिए याचिका दायर की हुई है, जिसकी 20 नवंबर को सुनवाई है। बेटा मेरे साथ है, जो हर पल बहन के बारे में पूछता है। मुझे मेरी बेटी सौंपी जाए, मैं खुद उसका पालन-पोषण कर लूंगी।
-कमलेश, किशोरी की मां