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पीजीआई में पैदा हुए नवजात बच्चों के फुटप्रिंट का होगा मिलान, कई परिजन पुलिस की रडार पर

Sun, 24 Sep 2017 02:03 AM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 02:03 AM IST
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पीजीआई में पैदा हुए नवजात बच्चों के फुटप्रिंट का होगा मिलान, कई परिजन पुलिस की रडार पर
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक।
पुलिस पीजीआई में बच्चा चोरी होने के दौरान 10 से 17 सितंबर तक पैदा हुए अन्य नवजात की डिटेल खंगाल रही है। एसआईटी बच्चों के फुटप्रिंट लेकर लापता होने वाले बच्चे के फुटप्रिंट से मिलान करेगी। इस कड़ी में एसआईटी ने पीजीआई में पैदा होने वाले 60 नवजात के फुटप्रिंट लिये हैं। रविवार को भी अन्य बच्चों के फुटप्रिंट लिये जाएंगे। सभी बच्चों के फुटप्रिंट लेने के बाद इन्हें मिलान के लिए लैब में भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीजीआई से चोरी किये गये बच्चे की तलाश में पुलिस ने सात दिन के बीच में पैदा होने वाले नवजात की वेरिफिकेशन की है। उनमें से कई बच्चों के जन्म को लेकर संदेह पैदा हो गया है। जांच में सामने आया है कि कुछ अभिभावकों ने डिलीवरी से पहले रजिस्ट्रेशन तो करवाया, लेकिन उसके बाद जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनवाया। अब पुलिस ऐसे संदिग्ध अभिभावकों से पूछताछ करेगी। ताकि सच्चाई सामने आ सके। जबकि अन्य अभिभावकों के पास नवजात का पूरा रिकार्ड है।
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पुलिस करेगी संदिग्धों से पूछताछ
जल्द ही पुलिस संदिग्धों से पूछताछ करेगी। उनसे पूछताछ करने के बाद पीजीआई डॉक्टरों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। ताकि दोनों पक्षों के द्वारा दिये गये तर्क परखा जा सके। पुलिस ने शनिवार को भी पीजीआई के डॉक्टर व अन्य स्टाफ से पूछताछ की। दिनभर पूछताछ का दौर चला। सभी के लिखित में बयान दर्ज कर लिये गये है।
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पीजीआई रिपोर्ट के बाद होगी गिरफ्तारी
बच्चे की तलाश में जुटी पुलिस ने अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। जबकि बच्चे के परिजनों ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर डॉक्टर और अन्य स्टाफ पर आरोप लगाया था। पुलिस को गिरफ्तारी से पहले मामले में लापरवाही की जांच के लिए गठित की गई पीजीआई कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। पीजीआई की रिपोर्ट में जिस भी डॉक्टर या अन्य स्टाफ के कर्मचारी को दोषी करार दिया जाता जाएगा, पुलिस उसकी गिरफ्तारी कर सकती है।


वर्जन
शनिवार को भी पीजीआई के डॉक्टरों से मामले में पूछताछ की गई है। पूछताछ के आधार पर जांच के आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही 60 नवजात के भी फुटप्रिंट लिये गये है। फुटप्रिंट का मिलान लापता हुए बच्चे के फुटप्रिंट से किया जाएगा।
डीएसपी डॉ रविंद्र, एसआईटी इंचार्ज












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