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नशे की खेप संशोधित
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। दिल्ली में नशे के इंजेक्शन बेचने वाले कारोबारियों के कश्मीर के नशा तस्करों से सीधे संबंध हैं। दिल्ली के सौदागर नशे की खेप भेजने के लिए संभावित तीन स्थानों के नाम बताते हैं। इनमें से एक स्थान पर बुलाकर नशे की सप्लाई की जाती है। दिल्ली से नशे के खेप कश्मीर ले जाने वाले व्यक्ति की कपड़े के रंग से पहचान होती है। इसका खुलासा मंगलवार को तब हुआ जब जीआरपी टीम गिरफ्तार कश्मीरी युवक को लेकर दिल्ली पहुंची। दिल्ली पहुंचने पर उसने बताया कि उसे लाल किले के पास नशे के इंजेक्शन दिए गए थे, जबकि उसे इसके अलावा कश्मीरी गेट और चांदनी चौक के भी नाम बताए गए थे।
रोहतक रेलवे स्टेशन पर रविवार को नशे के 340 इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी आरिफ अहमद डार को लेकर जीआरपी की टीम मंगलवार को दिल्ली पहुंची। सख्ती से पूछताछ पर उसने बताया किया कि उसे इंजेक्शनों की खेप एक युवक ने लाल किला के पास दी थी। बाइक पर आया युवक हेलमेट लगा रखा था, जिस कारण वह उसे देख नहीं सका।
आरोपी आरिफ ने बताया कि कश्मीर में नशे के इंजेक्शन बेचने वालों के दिल्ली के नशे के कुछ कारोबारियों से सीधे संबंध हैं। सौदा तय होने के बाद सौदागर अपने किसी बंदे को दिल्ली से सप्लाई लेने की जिम्मेदारी सौंपता है। दिल्ली आने पर जब वह बताए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करता है तो वह तीन में से किसी एक स्थान पर सप्लाई की बात कहता है। इसके बाद उससे पहने गए कपड़ों के बारे में जानकारी की जाती है। कपड़ों के बारे में कश्मीर के नशे के कारोबारी को भी दी जाती है। जब वह फोन करके कपड़ों के रंगों की पुष्टि कर देता है तब सौदागर की टीम का सदस्य बताए स्थान पर पहुंचकर फोन मिलाकर पहचान करता है और फिर सप्लाई देता है। आरिफ ने बताया कि चूंकि वह पहले दो बार भी दिल्ली से नशे की खेप ले जा चुका है, इसलिए उसे पूरे सिस्टम के बारे में जानकारी थी।
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एसएचओ स्नेहीराज ने बताया कि आरिफ को दिल्ली के लाल किला के पास नशे के इंजेक्शनों की खेप दी गई थी। पूछताछ में आरोपी आरिफ ने बताया कि कश्मीर और दिल्ली में रहने वाले नशे के कारोबारियों के बीच में सौदा तय होने के बाद उसे नशे की खेप लेने के तीन स्थानों के नाम बताए जाते हैं। दिल्ली पहुंचने पर एक स्थान पर पहुंचने के बारे में कहा जाता है, जहां सप्लाई दी जाती है।
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आरोपियों की तलाश में जुटी टीम पुलिस, दिल्ली में डाला डेरा
दिल्ली में नशे के कारोबारियों ने मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। जीआरपी ने उससे मोबाइल नंबर की डिटेल निकलवाकर संदिग्धों को खंगालना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि सरगना तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने इंजेक्शन की सप्लाई देने के लिए आए युवक को फोन पर संपर्क करके बुलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जीआरपी टीम ने दिल्ली पुलिस से संपर्क करके संदिग्ध युवकों की तलाश में मदद मांगी। रोहतक जीआरपी की टीम ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है। कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की गई है।
दिल्ली से पूछताछ करने नहीं पहुंची सुरक्षा एजेंसी
रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार आरिफ अहमद डार से पूछताछ करने के लिए मंगलवार को दिल्ली से खुफिया एजेंसियों को आना था, मगर वह नहीं आ सकी। माना जा रहा है कि जीआरपी की टीम उसको लेकर दिल्ली गई थी, इसलिए बाहरी की टीमें नहीं आ सकीं। वहीं, दो दिन का रिमांड खत्म होने की वजह से बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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रोहतक। दिल्ली में नशे के इंजेक्शन बेचने वाले कारोबारियों के कश्मीर के नशा तस्करों से सीधे संबंध हैं। दिल्ली के सौदागर नशे की खेप भेजने के लिए संभावित तीन स्थानों के नाम बताते हैं। इनमें से एक स्थान पर बुलाकर नशे की सप्लाई की जाती है। दिल्ली से नशे के खेप कश्मीर ले जाने वाले व्यक्ति की कपड़े के रंग से पहचान होती है। इसका खुलासा मंगलवार को तब हुआ जब जीआरपी टीम गिरफ्तार कश्मीरी युवक को लेकर दिल्ली पहुंची। दिल्ली पहुंचने पर उसने बताया कि उसे लाल किले के पास नशे के इंजेक्शन दिए गए थे, जबकि उसे इसके अलावा कश्मीरी गेट और चांदनी चौक के भी नाम बताए गए थे।
रोहतक रेलवे स्टेशन पर रविवार को नशे के 340 इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी आरिफ अहमद डार को लेकर जीआरपी की टीम मंगलवार को दिल्ली पहुंची। सख्ती से पूछताछ पर उसने बताया किया कि उसे इंजेक्शनों की खेप एक युवक ने लाल किला के पास दी थी। बाइक पर आया युवक हेलमेट लगा रखा था, जिस कारण वह उसे देख नहीं सका।
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आरोपी आरिफ ने बताया कि कश्मीर में नशे के इंजेक्शन बेचने वालों के दिल्ली के नशे के कुछ कारोबारियों से सीधे संबंध हैं। सौदा तय होने के बाद सौदागर अपने किसी बंदे को दिल्ली से सप्लाई लेने की जिम्मेदारी सौंपता है। दिल्ली आने पर जब वह बताए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करता है तो वह तीन में से किसी एक स्थान पर सप्लाई की बात कहता है। इसके बाद उससे पहने गए कपड़ों के बारे में जानकारी की जाती है। कपड़ों के बारे में कश्मीर के नशे के कारोबारी को भी दी जाती है। जब वह फोन करके कपड़ों के रंगों की पुष्टि कर देता है तब सौदागर की टीम का सदस्य बताए स्थान पर पहुंचकर फोन मिलाकर पहचान करता है और फिर सप्लाई देता है। आरिफ ने बताया कि चूंकि वह पहले दो बार भी दिल्ली से नशे की खेप ले जा चुका है, इसलिए उसे पूरे सिस्टम के बारे में जानकारी थी।
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एसएचओ स्नेहीराज ने बताया कि आरिफ को दिल्ली के लाल किला के पास नशे के इंजेक्शनों की खेप दी गई थी। पूछताछ में आरोपी आरिफ ने बताया कि कश्मीर और दिल्ली में रहने वाले नशे के कारोबारियों के बीच में सौदा तय होने के बाद उसे नशे की खेप लेने के तीन स्थानों के नाम बताए जाते हैं। दिल्ली पहुंचने पर एक स्थान पर पहुंचने के बारे में कहा जाता है, जहां सप्लाई दी जाती है।
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आरोपियों की तलाश में जुटी टीम पुलिस, दिल्ली में डाला डेरा
दिल्ली में नशे के कारोबारियों ने मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। जीआरपी ने उससे मोबाइल नंबर की डिटेल निकलवाकर संदिग्धों को खंगालना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि सरगना तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने इंजेक्शन की सप्लाई देने के लिए आए युवक को फोन पर संपर्क करके बुलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जीआरपी टीम ने दिल्ली पुलिस से संपर्क करके संदिग्ध युवकों की तलाश में मदद मांगी। रोहतक जीआरपी की टीम ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है। कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की गई है।
दिल्ली से पूछताछ करने नहीं पहुंची सुरक्षा एजेंसी
रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार आरिफ अहमद डार से पूछताछ करने के लिए मंगलवार को दिल्ली से खुफिया एजेंसियों को आना था, मगर वह नहीं आ सकी। माना जा रहा है कि जीआरपी की टीम उसको लेकर दिल्ली गई थी, इसलिए बाहरी की टीमें नहीं आ सकीं। वहीं, दो दिन का रिमांड खत्म होने की वजह से बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।