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शीतला माता मंदिर मेले में हजारों की भीड़ बेकाबू
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शीतला माता मंदिर मेले में हजारों की भीड़ बेकाबू
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। चैत्र माह की सप्तमी व पहले बुधवार को माता दरवाजा स्थित शीतला माता के मंदिर में शुरू हुए मेले में हजारों की भीड़ ने पूजा अर्चना की और अपनी इष्ट देवी की आराधना की। रात को समाजसेवी संस्था व पुलिस प्रशासन ने मिलकर व्यवस्था संभाली। सुबह पांच बजे से पुलिस के मौके पर न होने पर भीड़ बेकाबू हो गई। मंदिर प्रशासन ने तीन बार पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर स्थिति से अवगत कराया तो साढे़ सात बजे पुलिस पहुंची और स्थिति पर काबू पाया।
महंत थानेश्वरदास ने बताया कि उन्होंने मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही पुलिस कप्तान से सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा था। इसके बावजूद पुलिस बुधवार को सुबह मौका छोड़कर चली गई। इस दौरान भीड़ प्रवेश द्वार के अलावा निकासी द्वार से प्रवेश कर गई। स्थिति यह हुई कि आने व जाने वाली भीड़ आमने-सामने हो गई और खूब धक्का-मुक्की हुई। मजबूरी में पुलिस कंट्रोल रूम से मदद मांगी गई। महंत ने बताया कि रात को भी दो महिला पुलिस कर्मी को भेजा गया, जबकि भीड़ में महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक होती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार को सुबह महिलाएं बच्चों को लेकर बेरिकेड्स लांघ रही थीं। पुलिस के न होने से अव्यवस्था का आलम हो गया। उन्होंने पुलिस से कारण पूछा तो बताया गया कि उनके अधिकारी आ रहे थे, इसलिए उन्हें वहां जाना पड़ा। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने किसी भी अव्यवस्था के होने से इनकार किया और कहा कि वह मौके पर तैनात हैं।
मंदिरों में लगा प्रसाद का ढेर
बुधवार को दोपहर साढे़ 12 बजे पहला मेला समाप्त हुआ। महंत थानेश्वर दास ने बताया कि मंदिर में 84 गांवों की इष्ट देवी शीतला मां की पूजा होती है। भक्तों ने कई कुंटल प्रसाद चढ़ाया। अगले बुधवार को भी मेला मंदिर में लगेगा और यह मेला हर बुधवार को चारों बुधवार को लगता है। यह परंपरा 400 सालों से चली आ रही है। वह अपने परिवार की नौंवी पीढ़ी के साथ मां की पूजा करते हैं।
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दो धर्मशालाओं में से एक पर लगा रहा ताला, श्रद्धालु रहे परेशान
मंदिर परिसर में दो धर्मशालाएं हैं। इसमें से एक को मेले की भीड़ के दौरान भी नहीं खोला गया। धर्मशाला के आगे ईंटों का ढेर परेशानी का कारण बना रहा। भक्तों ने मांग की है कि कम से कम मेले के दौरान तो दोनों धर्मशाला को खोला जाना चाहिए। इससे अव्यवस्थाओं से काफी राहत मिलेगी।
समाजसेवी संस्थाओं ने संभाला मोर्चा
मंदिर परिसर में पंच परमेष्ठी युवा मंडल, शीतला माता सेवा समिति ने व्यवस्था बनाने के लिए मोर्चा संभाला। पंच परमेष्ठ युवा मंडल के सदस्य विवेक जैन ने बताया कि भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वह अगले बुधवार को विशेष प्रबंध करने का इंतजाम करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। चैत्र माह की सप्तमी व पहले बुधवार को माता दरवाजा स्थित शीतला माता के मंदिर में शुरू हुए मेले में हजारों की भीड़ ने पूजा अर्चना की और अपनी इष्ट देवी की आराधना की। रात को समाजसेवी संस्था व पुलिस प्रशासन ने मिलकर व्यवस्था संभाली। सुबह पांच बजे से पुलिस के मौके पर न होने पर भीड़ बेकाबू हो गई। मंदिर प्रशासन ने तीन बार पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर स्थिति से अवगत कराया तो साढे़ सात बजे पुलिस पहुंची और स्थिति पर काबू पाया।
महंत थानेश्वरदास ने बताया कि उन्होंने मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही पुलिस कप्तान से सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा था। इसके बावजूद पुलिस बुधवार को सुबह मौका छोड़कर चली गई। इस दौरान भीड़ प्रवेश द्वार के अलावा निकासी द्वार से प्रवेश कर गई। स्थिति यह हुई कि आने व जाने वाली भीड़ आमने-सामने हो गई और खूब धक्का-मुक्की हुई। मजबूरी में पुलिस कंट्रोल रूम से मदद मांगी गई। महंत ने बताया कि रात को भी दो महिला पुलिस कर्मी को भेजा गया, जबकि भीड़ में महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक होती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार को सुबह महिलाएं बच्चों को लेकर बेरिकेड्स लांघ रही थीं। पुलिस के न होने से अव्यवस्था का आलम हो गया। उन्होंने पुलिस से कारण पूछा तो बताया गया कि उनके अधिकारी आ रहे थे, इसलिए उन्हें वहां जाना पड़ा। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने किसी भी अव्यवस्था के होने से इनकार किया और कहा कि वह मौके पर तैनात हैं।
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मंदिरों में लगा प्रसाद का ढेर
बुधवार को दोपहर साढे़ 12 बजे पहला मेला समाप्त हुआ। महंत थानेश्वर दास ने बताया कि मंदिर में 84 गांवों की इष्ट देवी शीतला मां की पूजा होती है। भक्तों ने कई कुंटल प्रसाद चढ़ाया। अगले बुधवार को भी मेला मंदिर में लगेगा और यह मेला हर बुधवार को चारों बुधवार को लगता है। यह परंपरा 400 सालों से चली आ रही है। वह अपने परिवार की नौंवी पीढ़ी के साथ मां की पूजा करते हैं।
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दो धर्मशालाओं में से एक पर लगा रहा ताला, श्रद्धालु रहे परेशान
मंदिर परिसर में दो धर्मशालाएं हैं। इसमें से एक को मेले की भीड़ के दौरान भी नहीं खोला गया। धर्मशाला के आगे ईंटों का ढेर परेशानी का कारण बना रहा। भक्तों ने मांग की है कि कम से कम मेले के दौरान तो दोनों धर्मशाला को खोला जाना चाहिए। इससे अव्यवस्थाओं से काफी राहत मिलेगी।
समाजसेवी संस्थाओं ने संभाला मोर्चा
मंदिर परिसर में पंच परमेष्ठी युवा मंडल, शीतला माता सेवा समिति ने व्यवस्था बनाने के लिए मोर्चा संभाला। पंच परमेष्ठ युवा मंडल के सदस्य विवेक जैन ने बताया कि भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वह अगले बुधवार को विशेष प्रबंध करने का इंतजाम करेंगे।