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महिला बोली-मै आईएसआई एजेंट नहीं, सामाजिक कार्यकर्ता हूं मैं
Updated Fri, 20 Apr 2018 03:16 AM IST
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आईएसआई की महिला एजेंट द्वारा गौरव से जासूसी कराने का मामला----
120 घंटे बाद भी आरोपी तक नहीं पहुंची पुलिस, अमर उजाला फोन कर महिला बोली, मैं आईएसआई एजेंट नहीं, गौरव मुझे फंसा रहा है
- पुलिस ने जांच में महिला का शामिल किया नाम पर दर्ज नहीं किया केस, बोली - अभी तक नहीं लग सका उसका सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आईएसआई एजेंट के लिए जासूसी करने के आरोपी गौरव के मामले में वीरवार की देर रात चौंकाने वाली बात सामने आई। गौरव से कथित तौर पर जासूसी कराने वाली महिला का पुलिस 120 घंटे बाद भी पता नहीं लगा सकी। लेकिन महिला ने वीरवार को अमर उजाला कार्यालय में फोन कर अपनी बात रखी। महिला ने बताया कि वह आईएसआई एजेंट नहीं है बल्कि दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता है। उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
सोनीपत के गन्नौर निवासी गौरव को सिविल थाना पुलिस ने बीती 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। गौरव पर आईएसआई एजेंट को गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप था। पुलिस ने खुलासा किया था कि गौरव महिला आईएसआई एजेंट के संपर्क में था तथा उसे व्हाट्सएप व फेसबुक के माध्यम से सेना से संबंधित जानकारियां भेज रहा था। पुलिस ने महिला की भी जांच शुरू कर दी। मगर उसे आरोपी नहीं बनाया गया। चार दिन बीतने के बाद भी महिला का फेसबुक एकाउंट और व्हाट्सएप नंबर होने के बावजूद उस तक नहीं पहुंच सकी। सिविल थाना इंचार्ज ने जल्द महिला का पता लगाने का दावा किया था।
अमर उजाला कार्यालय में वीरवार की देर शाम करीब पौने नौ बजे एक महिला की कॉल आई। कॉल करने वाली ने खुद को गौरव से चैट करने वाली महिला बताया। महिला ने कहा गौरव से फेसबुक पर चैट करती थी। मगर वह पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट नहीं है। उसका मायका चंडीगढ़ में है और वह साउथ दिल्ली में रहती है। उसकी उम्र करीब 65 साल है। वह दिल्ली की एक सामाजिक संगठन की भी सदस्य है। करीब तीन माह पूर्व ही फेसबुक पर उसकी मुलाकात हरियाणा के गौरव से हुई थी। गौरव ने उससे तीन हजार रुपये भी मांगे थे मगर उसने देने से इनकार कर दिया था। पुलिस और आरोपी गौरव उसे फंसाने का प्रयास कर रहा है। वह सामाजिक कार्यकर्ता है, न की कोई आईएसआई एजेंट। अभी तक पुलिस ने उससे पूछताछ करना तक मुनासिब नहीं समझा है। मामले को लेकर वह पुलिस अधिकारियों से भी मिलेगी।
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- गौरव से सोशल मीडिया पर बात करने वाली महिला के संबंध में जांच की जा रही है। अभी महिला के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। जल्द ही महिला का पता लगा लिया जाएगा।
- श्री भगवान, थाना प्रभारी सिविल लाइन रोहतक
गौरव ने बताया कि वह श्रीनगर में सिपाही है
महिला ने बताया कि गौरव अक्सर उसे बताता था कि वह सेना में श्रीनगर में सिपाही के पद पर तैनात है। दावा किया कि गौरव समझता था कि वह 25 से 30 साल की है। दो बार उसने वीडियो कॉल भी की थी मगर उस समय मेरे मोबाइल का कैमरा खराब था, जिसके कारण वह मुझे नहीं देख सका था। प्रोफाइल पिक्चर पर मेरी पुरानी पिक्चर लगी हुई थी। जिससे वह समझता था कि उसकी उम्र कम है।
बर्थडे गिफ्ट भी मांगा था
महिला ने बताया कि गौरव ने उससे बर्थडे गिफ्ट भी मांगा था। मगर मैने मैसेंजर पर ही बर्थडे केक की पिक भेज दी थी॥। महिला ने दावा किया है कि वह मूल रुप से चंडीगढ़ की रहने वाली है। उसकी शादी दिल्ली में हुई थी। उसके पति की वर्ष 2000 में मौत हो गई थी। उसकी दो बेटियां है।
अमर उजाला में खबर पढ़ते ही कर दिया था ब्लॉक
महिला ने कहा कि जब उसने अमर उजाला में अपनी और गौरव की खबर पढ़ी तो उसने फेसबुक पर गौरव को तुरंत ही ब्लॉक कर दिया था। वह पूरी तरह से निर्दोष है।
महिला आईएसआई एजेंट नहीं तो असली आरोपी कौन
यदि महिला की बातों पर यकीन किया जाए तो वह आईएसआई एजेंट नहीं है। अब यदि महिला आईएसआई एजेंट नहंी है तो फिर गौरव ने महिला को आईएसआई एजेंट होने का दावा क्यों किया? यह सवाल हर किसी के दिमाग में आन खड़ा हो गया है। हालांकि पुलिस महिला के संबंध में अभी जांच करने की बात कह रही है।
महिला ने भेजे अपनी पहचान के सुबूत
महिला ने खुद को गौरव से चैट के माध्यम से बात करने वाली महिला होने का दावा किया है। सुबूत के तौर पर महिला ने अमर उजाला को अपनी फोटो व पहचान पत्र की कॉपी भी भेजी है। जिसमें महिला के नाम के अलावा अन्य पूरा ब्योरा लिखा हुआ है। हालांकि यह महिला गौरव से चैट करने वाली है या फिर कोई अन्य यह पुलिस की जांच में ही क्लीयर हो सकेगा।
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आईएसआई की महिला एजेंट द्वारा गौरव से जासूसी कराने का मामला----
120 घंटे बाद भी आरोपी तक नहीं पहुंची पुलिस, अमर उजाला फोन कर महिला बोली, मैं आईएसआई एजेंट नहीं, गौरव मुझे फंसा रहा है
- पुलिस ने जांच में महिला का शामिल किया नाम पर दर्ज नहीं किया केस, बोली - अभी तक नहीं लग सका उसका सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आईएसआई एजेंट के लिए जासूसी करने के आरोपी गौरव के मामले में वीरवार की देर रात चौंकाने वाली बात सामने आई। गौरव से कथित तौर पर जासूसी कराने वाली महिला का पुलिस 120 घंटे बाद भी पता नहीं लगा सकी। लेकिन महिला ने वीरवार को अमर उजाला कार्यालय में फोन कर अपनी बात रखी। महिला ने बताया कि वह आईएसआई एजेंट नहीं है बल्कि दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता है। उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
सोनीपत के गन्नौर निवासी गौरव को सिविल थाना पुलिस ने बीती 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। गौरव पर आईएसआई एजेंट को गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप था। पुलिस ने खुलासा किया था कि गौरव महिला आईएसआई एजेंट के संपर्क में था तथा उसे व्हाट्सएप व फेसबुक के माध्यम से सेना से संबंधित जानकारियां भेज रहा था। पुलिस ने महिला की भी जांच शुरू कर दी। मगर उसे आरोपी नहीं बनाया गया। चार दिन बीतने के बाद भी महिला का फेसबुक एकाउंट और व्हाट्सएप नंबर होने के बावजूद उस तक नहीं पहुंच सकी। सिविल थाना इंचार्ज ने जल्द महिला का पता लगाने का दावा किया था।
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अमर उजाला कार्यालय में वीरवार की देर शाम करीब पौने नौ बजे एक महिला की कॉल आई। कॉल करने वाली ने खुद को गौरव से चैट करने वाली महिला बताया। महिला ने कहा गौरव से फेसबुक पर चैट करती थी। मगर वह पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट नहीं है। उसका मायका चंडीगढ़ में है और वह साउथ दिल्ली में रहती है। उसकी उम्र करीब 65 साल है। वह दिल्ली की एक सामाजिक संगठन की भी सदस्य है। करीब तीन माह पूर्व ही फेसबुक पर उसकी मुलाकात हरियाणा के गौरव से हुई थी। गौरव ने उससे तीन हजार रुपये भी मांगे थे मगर उसने देने से इनकार कर दिया था। पुलिस और आरोपी गौरव उसे फंसाने का प्रयास कर रहा है। वह सामाजिक कार्यकर्ता है, न की कोई आईएसआई एजेंट। अभी तक पुलिस ने उससे पूछताछ करना तक मुनासिब नहीं समझा है। मामले को लेकर वह पुलिस अधिकारियों से भी मिलेगी।
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- श्री भगवान, थाना प्रभारी सिविल लाइन रोहतक
गौरव ने बताया कि वह श्रीनगर में सिपाही है
महिला ने बताया कि गौरव अक्सर उसे बताता था कि वह सेना में श्रीनगर में सिपाही के पद पर तैनात है। दावा किया कि गौरव समझता था कि वह 25 से 30 साल की है। दो बार उसने वीडियो कॉल भी की थी मगर उस समय मेरे मोबाइल का कैमरा खराब था, जिसके कारण वह मुझे नहीं देख सका था। प्रोफाइल पिक्चर पर मेरी पुरानी पिक्चर लगी हुई थी। जिससे वह समझता था कि उसकी उम्र कम है।
बर्थडे गिफ्ट भी मांगा था
महिला ने बताया कि गौरव ने उससे बर्थडे गिफ्ट भी मांगा था। मगर मैने मैसेंजर पर ही बर्थडे केक की पिक भेज दी थी॥। महिला ने दावा किया है कि वह मूल रुप से चंडीगढ़ की रहने वाली है। उसकी शादी दिल्ली में हुई थी। उसके पति की वर्ष 2000 में मौत हो गई थी। उसकी दो बेटियां है।
अमर उजाला में खबर पढ़ते ही कर दिया था ब्लॉक
महिला ने कहा कि जब उसने अमर उजाला में अपनी और गौरव की खबर पढ़ी तो उसने फेसबुक पर गौरव को तुरंत ही ब्लॉक कर दिया था। वह पूरी तरह से निर्दोष है।
महिला आईएसआई एजेंट नहीं तो असली आरोपी कौन
यदि महिला की बातों पर यकीन किया जाए तो वह आईएसआई एजेंट नहीं है। अब यदि महिला आईएसआई एजेंट नहंी है तो फिर गौरव ने महिला को आईएसआई एजेंट होने का दावा क्यों किया? यह सवाल हर किसी के दिमाग में आन खड़ा हो गया है। हालांकि पुलिस महिला के संबंध में अभी जांच करने की बात कह रही है।
महिला ने भेजे अपनी पहचान के सुबूत
महिला ने खुद को गौरव से चैट के माध्यम से बात करने वाली महिला होने का दावा किया है। सुबूत के तौर पर महिला ने अमर उजाला को अपनी फोटो व पहचान पत्र की कॉपी भी भेजी है। जिसमें महिला के नाम के अलावा अन्य पूरा ब्योरा लिखा हुआ है। हालांकि यह महिला गौरव से चैट करने वाली है या फिर कोई अन्य यह पुलिस की जांच में ही क्लीयर हो सकेगा।