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सांपला हादसे की साइड स्टोरी
Updated Mon, 22 Jan 2018 02:29 AM IST
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सीए बनने की खुशी में पांच दोस्तों ने डिनर का बनाया प्लान, मुरथल जाने को तीन ढाबों पर ऑर्डर किया कैंसल, 34 किमी खींचकर ले गई मौत
- विक्की को भी साथ ले जाना चाहते थे पांचों दोस्त, परिजनों ने रोका, बच गई जा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रोहतक-सोनीपत रोड स्थित रोहट के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में डूबने वाले छात्रों ने सांपला से कुछ दूर दिल्ली रोड स्थित मन्नत ढाबे पर खाने का ऑर्डर भी कर दिया था। तभी एक दोस्त ने कहा कि खाने की पार्टी मुरथल ढाबे पर होगी। इसके बाद छात्रों ने मन्नत ढाबे पर दिया गया खाने का ऑर्डर कैंसल कर मुरथल रवाना हो गए थे। वक्त को कुछ और ही मंजूर था और करीब 34 किमी दूर मुरथल ढाबे पर पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गए। पांच दोस्तों में से सिर्फ चिराग की जान बची। वहीं, छात्र अपने छठे दोस्त विक्की को भी साथ ले जाना चाहते थे, लेकिन विक्की ने जाने से उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था।
सांपला के मुख्य बाजार निवासी हितेश उर्फ हनी अपने दोस्त लक्ष्यदीप धमीजा उर्फ लव, रोहित, सौरभ और चिराग के साथ पहले खाना खाने सांपला के पास कनिक ढाबे पर गए। हितेश ने सीए की परीक्षा पास की थी, जिस पर पार्टी का प्लान बनाया गया था। ढाबे पर पहुुंचने के बाद छात्रों ने अचानक दिल्ली रोड स्थित मन्नत ढाबे पर खाना खाने का मन बना लिया और ढाबे की तरफ रवाना हो गए। छात्रों ने यहां पहुंचकर खाने का ऑर्डर कर दिया। तभी एक छात्र हितेश से बोला कि सीए बनने की पार्टी मन्नत ढाबे पर नहीं बल्कि मुरथल ढाबे पर होनी चाहिए। तब सभी ने मन्नत ढाबे पर दिए ऑर्डर को कैंसल कर दिया और कार से मुरथल के लिए रवाना हो गए, रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित होकर रोहतक-सोनीपत रोड स्थित रोहट के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गिर गई। इसमें लक्ष्यदीप की मौत हो गई जबकि हितेश, रोहित और सौरभ का अभी तक पता नहीं चल सका है। हादसे के बाद चिराग किसी तरह अपनी जान बचाकर नहर से बाहर निकल आया था।
दोस्तों के साथ जाने वाला था विक्की, लेकिन परिजनों ने रोक दिया था
हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्य के दोस्त विक्की ने बताया कि वह शनिवार रात को घर पर था। तभी सारे दोस्त घर आए और मन्नत ढाबे पर जाकर खाना खाने के लिए चलने की बात कही। इस पर विक्की कुछ ही देर में उनके साथ चलने के लिए तैयार हो गया। रात होने के कारण विक्की के परिजनों ने उसे जाने से रोक दिया। इसके बाद विक्की ने अपने दोस्तों से जाने के लिए इनकार कर दिया। अब उसके परिजनों का कहना है कि शुक्र है विक्की रात को अपने दोस्तों के साथ नहीं गया।
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भाई विक्की नहर में कार पलट गई जल्दी आ जा
हादसे में बचने वाले चिराग ने नहर से बाहर आते ही सबसे पहले विक्की के मोबाइल पर कॉल करके हादसे की सूचना दी। चिराग ने एक पुलिस वाले के मोबाइल से विक्की के पास कॉल करके सूचना दी कि नहर में कार पलट गई है, वह जल्दी आ जाए। इसके कुछ देर बाद ही सभी छात्रों के परिजन अपने वाहनों से मुरथल के लिए रवाना हो गए थे।
अभी संभाला था कारोबार, भगवान ने छीन लिया बेटा- पिता महाबीर
हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्यदीप उर्फ लव के पिता महावीर का रो-रो कर बुरा हाल है। बर्तन का कारोबार करने वाले महावीर ने बिलखते हुए कहा कुछ दिन पहले ही बेटे लक्ष्य ने कारोबार संभाला था। एमबीए की पढ़ाई करने के बाद लक्ष्य फैक्ट्री के कामकाज में मदद करता था, लेकिन भगवान ने जवान बेटे को छीन लिया। महावीर ने कहा कि वह फिर से अकेले हो गये। महावीर का छोटा बेटा अभी पढ़ाई करता है।
सोचा था सीए बनकर परिवार का सहारा बनेगा हितेश : पिता रामप्रकाश
तीन दिन पहले सीए की परीक्षा पास करने वाले हितेश के पिता हादसे के बाद से सदमे में है। उनका कहना है कि जब बेटे ने सीए की परीक्षा पास की तो वह बहुत खुश था। वह दिल्ली और ऑनलाइन नोट तैयार करके पढ़ाई करता था। परीक्षा पास करने के बाद सोचा था कि बेटा सीए बनकर परिवार का सहारा बनेगा। मगर एक दिन भी बेटे को सीए बनते नहीं देख सका। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। हितेश के डूबने के बारे में देर रात तक उसकी मां को नहीं बताया गया।
हादसे के बाद सांपला का मुख्य बाजार और मंडी बंद
हादसे की सूचना मिलने के बाद सांपला में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने शोक में रविवार को दिन भर सांपला का मुख्य बाजार और मंडी बंद रखी। देर शाम तक दुकानों के शटर बंद रहे। पांचों युवकों का घर सांपला के मुख्य बाजार में है। सुबह से ही पांचों परिवारों में मातम छाया रहा। सांपला के मुख्य बाजार में सुबह से ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गये थे। जैसे ही परिजन लक्ष्य का शव लेकर पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। परिजन बिलखते हुए लक्ष्य की शव की तरफ दौड़ने पड़े। करीब पांच मिनट तक लक्ष्य का शव दर्शन के लिए घर के बाहर रखा गया। इसके बाद लक्ष्य का अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे पीड़ितों को सांत्वना देने
हादसे के बारे में जानकारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सांपला पहुंच गए। यहां उन्होंने लक्ष्य के परिजनों को सांत्वना दी। इसके साथ ही डूबने वाले अन्य छात्रों की तलाश के लिए नहर का पानी कम करवाने का आश्वासन दिया। पूर्व सीएम ने मृतक के पिता महावीर के साथ करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद वह वापस चले गए।
- सौरभ चला रहा था, रोहित की थी कार
हादसे के समय सौरभ कार चला रहा था। जिस कार में छात्र सवार थे वह रोहित की थी। रोहित अपने परिवार में इकलौता है। उसकी दो बहनें है। परिजनों ने बताया कि नहर में डूबने वाला सौरभ पिता के काम में उनका हाथ बंटाता था। सौरभ के पिता प्रदीप की चश्मे की दुकान है।
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- विक्की को भी साथ ले जाना चाहते थे पांचों दोस्त, परिजनों ने रोका, बच गई जा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रोहतक-सोनीपत रोड स्थित रोहट के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में डूबने वाले छात्रों ने सांपला से कुछ दूर दिल्ली रोड स्थित मन्नत ढाबे पर खाने का ऑर्डर भी कर दिया था। तभी एक दोस्त ने कहा कि खाने की पार्टी मुरथल ढाबे पर होगी। इसके बाद छात्रों ने मन्नत ढाबे पर दिया गया खाने का ऑर्डर कैंसल कर मुरथल रवाना हो गए थे। वक्त को कुछ और ही मंजूर था और करीब 34 किमी दूर मुरथल ढाबे पर पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गए। पांच दोस्तों में से सिर्फ चिराग की जान बची। वहीं, छात्र अपने छठे दोस्त विक्की को भी साथ ले जाना चाहते थे, लेकिन विक्की ने जाने से उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था।
सांपला के मुख्य बाजार निवासी हितेश उर्फ हनी अपने दोस्त लक्ष्यदीप धमीजा उर्फ लव, रोहित, सौरभ और चिराग के साथ पहले खाना खाने सांपला के पास कनिक ढाबे पर गए। हितेश ने सीए की परीक्षा पास की थी, जिस पर पार्टी का प्लान बनाया गया था। ढाबे पर पहुुंचने के बाद छात्रों ने अचानक दिल्ली रोड स्थित मन्नत ढाबे पर खाना खाने का मन बना लिया और ढाबे की तरफ रवाना हो गए। छात्रों ने यहां पहुंचकर खाने का ऑर्डर कर दिया। तभी एक छात्र हितेश से बोला कि सीए बनने की पार्टी मन्नत ढाबे पर नहीं बल्कि मुरथल ढाबे पर होनी चाहिए। तब सभी ने मन्नत ढाबे पर दिए ऑर्डर को कैंसल कर दिया और कार से मुरथल के लिए रवाना हो गए, रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित होकर रोहतक-सोनीपत रोड स्थित रोहट के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गिर गई। इसमें लक्ष्यदीप की मौत हो गई जबकि हितेश, रोहित और सौरभ का अभी तक पता नहीं चल सका है। हादसे के बाद चिराग किसी तरह अपनी जान बचाकर नहर से बाहर निकल आया था।
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दोस्तों के साथ जाने वाला था विक्की, लेकिन परिजनों ने रोक दिया था
हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्य के दोस्त विक्की ने बताया कि वह शनिवार रात को घर पर था। तभी सारे दोस्त घर आए और मन्नत ढाबे पर जाकर खाना खाने के लिए चलने की बात कही। इस पर विक्की कुछ ही देर में उनके साथ चलने के लिए तैयार हो गया। रात होने के कारण विक्की के परिजनों ने उसे जाने से रोक दिया। इसके बाद विक्की ने अपने दोस्तों से जाने के लिए इनकार कर दिया। अब उसके परिजनों का कहना है कि शुक्र है विक्की रात को अपने दोस्तों के साथ नहीं गया।
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भाई विक्की नहर में कार पलट गई जल्दी आ जा
हादसे में बचने वाले चिराग ने नहर से बाहर आते ही सबसे पहले विक्की के मोबाइल पर कॉल करके हादसे की सूचना दी। चिराग ने एक पुलिस वाले के मोबाइल से विक्की के पास कॉल करके सूचना दी कि नहर में कार पलट गई है, वह जल्दी आ जाए। इसके कुछ देर बाद ही सभी छात्रों के परिजन अपने वाहनों से मुरथल के लिए रवाना हो गए थे।
अभी संभाला था कारोबार, भगवान ने छीन लिया बेटा- पिता महाबीर
हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्यदीप उर्फ लव के पिता महावीर का रो-रो कर बुरा हाल है। बर्तन का कारोबार करने वाले महावीर ने बिलखते हुए कहा कुछ दिन पहले ही बेटे लक्ष्य ने कारोबार संभाला था। एमबीए की पढ़ाई करने के बाद लक्ष्य फैक्ट्री के कामकाज में मदद करता था, लेकिन भगवान ने जवान बेटे को छीन लिया। महावीर ने कहा कि वह फिर से अकेले हो गये। महावीर का छोटा बेटा अभी पढ़ाई करता है।
सोचा था सीए बनकर परिवार का सहारा बनेगा हितेश : पिता रामप्रकाश
तीन दिन पहले सीए की परीक्षा पास करने वाले हितेश के पिता हादसे के बाद से सदमे में है। उनका कहना है कि जब बेटे ने सीए की परीक्षा पास की तो वह बहुत खुश था। वह दिल्ली और ऑनलाइन नोट तैयार करके पढ़ाई करता था। परीक्षा पास करने के बाद सोचा था कि बेटा सीए बनकर परिवार का सहारा बनेगा। मगर एक दिन भी बेटे को सीए बनते नहीं देख सका। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। हितेश के डूबने के बारे में देर रात तक उसकी मां को नहीं बताया गया।
हादसे के बाद सांपला का मुख्य बाजार और मंडी बंद
हादसे की सूचना मिलने के बाद सांपला में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने शोक में रविवार को दिन भर सांपला का मुख्य बाजार और मंडी बंद रखी। देर शाम तक दुकानों के शटर बंद रहे। पांचों युवकों का घर सांपला के मुख्य बाजार में है। सुबह से ही पांचों परिवारों में मातम छाया रहा। सांपला के मुख्य बाजार में सुबह से ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गये थे। जैसे ही परिजन लक्ष्य का शव लेकर पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। परिजन बिलखते हुए लक्ष्य की शव की तरफ दौड़ने पड़े। करीब पांच मिनट तक लक्ष्य का शव दर्शन के लिए घर के बाहर रखा गया। इसके बाद लक्ष्य का अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे पीड़ितों को सांत्वना देने
हादसे के बारे में जानकारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सांपला पहुंच गए। यहां उन्होंने लक्ष्य के परिजनों को सांत्वना दी। इसके साथ ही डूबने वाले अन्य छात्रों की तलाश के लिए नहर का पानी कम करवाने का आश्वासन दिया। पूर्व सीएम ने मृतक के पिता महावीर के साथ करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद वह वापस चले गए।
- सौरभ चला रहा था, रोहित की थी कार
हादसे के समय सौरभ कार चला रहा था। जिस कार में छात्र सवार थे वह रोहित की थी। रोहित अपने परिवार में इकलौता है। उसकी दो बहनें है। परिजनों ने बताया कि नहर में डूबने वाला सौरभ पिता के काम में उनका हाथ बंटाता था। सौरभ के पिता प्रदीप की चश्मे की दुकान है।