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थैलेसीमिया की सही जानकारी, जीवन भर की समझदारी : डॉ. राहुल जाखड़
Thu, 09 May 2024 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 09 May 2024 02:53 AM IST
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झज्जर। अंतरराष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन छोटूराम धर्मशाला में किया गया। इस अवसर पर विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता रामअवतार गहलावत (दीपक) को जिला रेड सोसायटी झज्जर द्वारा सम्मानित किया गया। रक्तदान शिविर में 91 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, इसमें मुख्य अतिथि पंकज जाखड़ रहे। रक्त संग्रहण का कार्य सिविल अस्पताल झज्जर व जिला रेडक्रॉस टीम ने किया। रक्तदाताओं को बैज लगाकर व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. राहुल जाखड़ ने बताया कि थैलेसीमिया एक वंशानुगत रक्त विकार है, जो एक सामान्य जिनके माध्यम से माता-पिता से बच्चों में आ जाता है। थैलेसीमिया ग्रस्त व्यक्ति असामान्य कार्यशील लाल रक्त कणिकाओं को पैदा करने में असमर्थ होता है, जिस कारण व्यक्ति को रक्त की कमी हो जाती है और थैलेसीमिया के मरीजों को लगातार दो-तीन सत्ता के अंतराल में खून की आवश्यकता रहती है। इसलिए रक्तदान करना जीवन में सबसे बड़ा पुण्य कमाना है। रक्तदान कर व्यक्ति अनजान हो जाता है। लेकिन वही रक्त किसी की जान बचाकर रक्तदान करने वाले को आशीष प्रदान करता है। इसलिए थैलेसीमिया जैसी बीमारी की जानकारी ही जीवन भर की समझदारी बन सकती है। थैलेसीमिया दिवस पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला अर्श काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा ने बताया कि थैलेसीमिया जागरूकता सामग्री वितरित की गई। थैलेसीमिया पखवाड़ा 22 मई तक मनाया जाएगा और लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर जिला रेडक्रॉस सोसाइटी उप सचिव पवन शर्मा, डॉ. रोबिन, ब्लड बैंक नर्सिंग ऑफिसर ममता, रक्त काउंसलर अशोक कुमार, नर्सिंग ऑफिसर कविता, सामाजिक संस्था के संरक्षक रामअवतार उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. राहुल जाखड़ ने बताया कि थैलेसीमिया एक वंशानुगत रक्त विकार है, जो एक सामान्य जिनके माध्यम से माता-पिता से बच्चों में आ जाता है। थैलेसीमिया ग्रस्त व्यक्ति असामान्य कार्यशील लाल रक्त कणिकाओं को पैदा करने में असमर्थ होता है, जिस कारण व्यक्ति को रक्त की कमी हो जाती है और थैलेसीमिया के मरीजों को लगातार दो-तीन सत्ता के अंतराल में खून की आवश्यकता रहती है। इसलिए रक्तदान करना जीवन में सबसे बड़ा पुण्य कमाना है। रक्तदान कर व्यक्ति अनजान हो जाता है। लेकिन वही रक्त किसी की जान बचाकर रक्तदान करने वाले को आशीष प्रदान करता है। इसलिए थैलेसीमिया जैसी बीमारी की जानकारी ही जीवन भर की समझदारी बन सकती है। थैलेसीमिया दिवस पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला अर्श काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा ने बताया कि थैलेसीमिया जागरूकता सामग्री वितरित की गई। थैलेसीमिया पखवाड़ा 22 मई तक मनाया जाएगा और लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर जिला रेडक्रॉस सोसाइटी उप सचिव पवन शर्मा, डॉ. रोबिन, ब्लड बैंक नर्सिंग ऑफिसर ममता, रक्त काउंसलर अशोक कुमार, नर्सिंग ऑफिसर कविता, सामाजिक संस्था के संरक्षक रामअवतार उपस्थित रहे।
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