{"_id":"61a716f4498d1231ef3b9280","slug":"corporation-will-file-a-case-for-spoiling-31-cctv-cameras-rohtak-news-rtk631404629","type":"story","status":"publish","title_hn":"31 सीसीटीवी कैमरे खराब करने पर निगम दर्ज कराएगा मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
31 सीसीटीवी कैमरे खराब करने पर निगम दर्ज कराएगा मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुरक्षा व्यवस्था के लिए नगर निगम द्वारा लगाए 241 सीसीटीवी कैमरों में से 31 कैमरे सरकारी विभागों और कंपनियों ने अपना काम करते समय खराब कर दिए हैं। कई बार कहने पर भी कैमरे सही नहीं कराए जा रहे हैं। मंगलवार को नगर आयुक्त ने बीएंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग, अमृत योजना के ठेकेदार, बीपीसीएल व एक कंपनी के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
नगर आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि निगम में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए दो कंपनी को ठेका है। एक कंपनी को 160 और दूसरी को 90 कैमरे लगाकर संचालित करने हैं। 150 कैमरे लगाने वाली कंपनी के पास 9 कैमरे रिजर्व में हैं, जो जल्द लगेंगे। 112 कैमरे काम कर रहे हैं जबकि 31 कैमरे खराब पड़े हैं। इन कैमरों को बीएंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग, बीपीसीएल, अमृत योजना के ठेकेदार और एक कंपनी ने अपना निर्माण कार्य करने के दौरान खराब कर दिया है। कई बार कहने पर भी कैमरों को सही नहीं कराया जा रहा है। इसलिए संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने का आदेश दिए हैं। मुकदमा सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के आरोप में दर्ज कराया जाएगा। वहीं, दूसरी कंपनी के 90 कैमरों में से 71 काम कर रहे हैं। 14 की रिपेयरिंग का काम चल रहा है।
शीला बाईपास से हटाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
शीला बाईपास चौराहे पर लगे पांच सीसीटीवी कैमरे नगर निगम ने फ्लाईओवर का निर्माण कार्य होने की वजह से बंद कर दिए थे। अब इन कैमरों को निगम यहां से हटाकर दूसरी जगह पर लगवाएगा। आयुक्त ने बताया कि जब फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो जाएगा तब दोबारा से कैमरे लगवा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
एसपी से पूछा 9 नए कैमरे लगाने का स्थान
नगर आयुक्त ने आदेश दिए हैं कि पुलिस अधीक्षक से पूछा जाए कि किन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते कैमरे लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि रिजर्व में रखे 9 कैमरों को भी लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगवाए गए कैमरों में से 31 बीएंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग, बीपीसीएल, अमृत योजना के ठेकेदार व एक निजी कंपनी ने अपना कार्य करने के दौरान खराब कर दिए। कई बार कहने के बावजूद कैमरों को सही नहीं कराया जा रहा है। इसकी वजह से सरकारी विभागों व ठेकेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर आयुक्त, रोहतक
विज्ञापन
नगर आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि निगम में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए दो कंपनी को ठेका है। एक कंपनी को 160 और दूसरी को 90 कैमरे लगाकर संचालित करने हैं। 150 कैमरे लगाने वाली कंपनी के पास 9 कैमरे रिजर्व में हैं, जो जल्द लगेंगे। 112 कैमरे काम कर रहे हैं जबकि 31 कैमरे खराब पड़े हैं। इन कैमरों को बीएंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग, बीपीसीएल, अमृत योजना के ठेकेदार और एक कंपनी ने अपना निर्माण कार्य करने के दौरान खराब कर दिया है। कई बार कहने पर भी कैमरों को सही नहीं कराया जा रहा है। इसलिए संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने का आदेश दिए हैं। मुकदमा सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के आरोप में दर्ज कराया जाएगा। वहीं, दूसरी कंपनी के 90 कैमरों में से 71 काम कर रहे हैं। 14 की रिपेयरिंग का काम चल रहा है।
विज्ञापन
शीला बाईपास से हटाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
शीला बाईपास चौराहे पर लगे पांच सीसीटीवी कैमरे नगर निगम ने फ्लाईओवर का निर्माण कार्य होने की वजह से बंद कर दिए थे। अब इन कैमरों को निगम यहां से हटाकर दूसरी जगह पर लगवाएगा। आयुक्त ने बताया कि जब फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो जाएगा तब दोबारा से कैमरे लगवा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
एसपी से पूछा 9 नए कैमरे लगाने का स्थान
नगर आयुक्त ने आदेश दिए हैं कि पुलिस अधीक्षक से पूछा जाए कि किन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते कैमरे लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि रिजर्व में रखे 9 कैमरों को भी लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगवाए गए कैमरों में से 31 बीएंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग, बीपीसीएल, अमृत योजना के ठेकेदार व एक निजी कंपनी ने अपना कार्य करने के दौरान खराब कर दिए। कई बार कहने के बावजूद कैमरों को सही नहीं कराया जा रहा है। इसकी वजह से सरकारी विभागों व ठेकेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर आयुक्त, रोहतक