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Rohtak News: शहर के पार्क व ग्रीन बेल्ट देखभाल के लिए आरडब्ल्यू व एनजीओ के हाथों में ही सौंपे जाएं

Mon, 26 Dec 2022 11:09 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2022 11:09 PM IST
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City parks and green belts should be handed over to RW and NGOs for maintenance.
आंबेडकर चौक से पोस्टर हटाते नगर निगम के कर्मचारी। विज्ञप्ति
शहर के पार्क देखभाल के लिए आरडब्ल्यू, एनजीओ व पंजीकृत एजेंसी को सौंप जाएं। इसके लिए शहरी निकाय विभाग ने दोबारा नगर निगम आयुक्त को पत्र जारी किया है। आयुक्त ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जेई की ड्यूटी लगाई है कि वे वार्ड वाइज संबंधित संस्थाओं से संपर्क करें। जबकि हाउस ने प्रस्ताव पास किया था कि पार्कों को निजी हाथों में ही रहने दिया जाए।
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शहर में 200 से ज्यादा पार्क हैं, जिसमें अकेले वार्ड नंबर 13 में 22 पार्क हैं। निगम की तरफ से पार्कों की देखभाल के लिए निजी एजेंसी को सौंपा है। 17 नवंबर को हुई हाउस की बैठक में निगम प्रशासन की तरफ से प्रस्ताव आया कि सरकार ने पत्र जारी किया है कि पार्कों को रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन या एनजीओ को सौंपा जाए। इसके लिए 4 रुपये प्रति वर्ग गज राशि का भुगतान हर माह की 7 तारीख से पहले किया जाए। हाउस में कई पार्षदों ने यह कहकर प्रस्ताव को खारिज कर दिया था कि जब नगर निगम प्रशासन ही पार्कों की देखरेख करने में सक्षम नहीं है तो संस्थाएं कैसे देखभाल करेंगी। इसके बाद प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। पार्क पहले की तरह निजी एजेंसी के हाथों में ही रहे। अब दिसंबर में शहरी निकाय विभाग ने प्रदेश के अंदर सभी निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधिकारियों को पत्र लिखकर पार्क व ग्रीन बेल्ट की देखभाल के लिए संस्थाओं को सौंपने की हिदायत दी है।
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पत्र में ये लिखा
शहरी निकाय विभाग के पार्क ही संस्थाओं को दिए जाएंगे।
जो पार्क सरकारी व गैर सरकारी एजेंसी या औद्योगिक इकाई ने सीएसआर के तहत देखभाल के लिए लिए हैं, वे योजना से बाहर रहेंगे।
एक संस्था को एक या एक से अधिक पार्क देखभाल के लिए दिए जा सकते हैं।
पंजीकृत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन या एजेंसी ही पार्क देखभाल के लिए ले सकती है।
नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका पार्कों की देखभाल के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी।
पार्कों व ग्रीन बेल्ट संस्थाओं को देने के साथ एक नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पार्कों के कार्य करवाने की रहेगी।
संस्था को हर माह की सात तारीख से पहले तय रेट पर भुगतान किया जाएगा।
सरकार ने सेक्टरों व कॉलोनियों में स्थित पार्कों व ग्रीन बेल्ट की देखरेख के कार्य के लिए विशेष नीति बनाई गई है। उसके तहत पंजीकृत एजेंसी, आरडब्ल्यू व एनजीओ पार्कों के सुंदरीकरण की देखरेख करेंगी। इसके लिए निगम 4 रुपये प्रति वर्ग गज हिसाब से मासिक राशि का भुगतान करेगा। जेई की ड्यूटी लगाई गई है कि वे शर्तों को पूरी करने वाली संस्थाओं से संपक करें। धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
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कड़ाके की ठंड के बीच निगम ने हटाए होर्डिंग
उधर, निगम की तरफ से सोमवार को शहर में होर्डिंग हटाओ अभियान चलाया गया। निगम की टीम ने सोनीपत रोड, अंबेडकर चौक, कैनाल रेस्ट हाउस चौक, अशोका चौक, मेडिकल मोड़, पावर हाउस व राजीव चौक से पोस्टर व होर्डिंग हटाए।
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