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शेष बचे गांवों में जल्द गठित करें बाल सुरक्षा कमेटियां : उपायुक्त

Sun, 05 Nov 2023 01:49 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 05 Nov 2023 01:49 AM IST
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Child protection committees should be formed in the remaining villages soon: Deputy Commissioner
रोहतक। उपायुक्त अजय कुमार ने ग्राम स्तर पर जल्द से जल्द शेष बची बाल सुरक्षा कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने शनिवार को कैंप कार्यालय में बाल कल्याण समिति की समीक्षा बैठक में यह बात कही।उन्होंने कहा कि बाल सुरक्षा कमेटी बच्चों से संबंधित मामलों की निगरानी करेगी और बच्चों की सुरक्षा का दायित्व भी निभाएगी। यदि किसी बच्चे के साथ किसी प्रकार की हिंसा अथवा शोषण की समस्या आती है तो संबंधित कमेटी समस्या का निपटान भी गांव स्तर पर करवाने का प्रयास करेगी।
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उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि अब तक 40 गांव में बाल सुरक्षा कमेटियों का गठन किया जा चुका है। प्रभावित बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी उपायुक्त ने दिए। बैठक में उपायुक्त ने बच्चों के लिए लागू की गई पालना स्कीम के तहत जिला में प्रथम चरण में पांच स्थानों पर पालने रखने की स्वीकृति भी प्रदान की। इन पांच स्थानों में पीजीआईएमएस, सामान्य अस्पताल, सामान्य अस्पताल महम, सामान्य अस्पताल कलानौर व सामान्य अस्पताल सांपला शामिल है।
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इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी कुमारी दीपिका सैनी, डिप्टी सीएमओ डॉ. के एल मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र कुमार, डीआईओ डॉ. जितेंद्र मलिक, कार्यक्रम अधिकारी नीलम, संरक्षण अधिकारी पूनम और बाल कल्याण समिति सदस्य रचना, बीना और कोमल उपस्थित रहे।
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पात्र बच्चों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही
उपायुक्त ने स्कॉलरशिप योजना की भी समीक्षा की। इस स्कीम के तहत पात्र बच्चों को प्रतिमाह के हिसाब से 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस स्कीम में उन बच्चों को शामिल किया गया है जो बीपीएल परिवार से संबंध रखते हैं। ऐसे बच्चों के माता-पिता का निधन हो गया हो या माता तलाकशुदा या परित्यक्ता या माता-पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हो। इसके अलावा संबंधित बच्चों के माता-पिता दुर्घटना के चलते या मानसिक अस्वस्थता के कारण पीड़ित स्थिति में हो।
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