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Rohtak News: अव्यवस्था...पीजीआई में एक बेड पर दो से तीन मरीजों का उपचार
Thu, 22 May 2025 02:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 22 May 2025 02:41 AM IST
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21सीटीके12.....पीजीआई इमरजेंसी में एक ही बेड पर दो मरीजों को ग्लूकोस चढ़ता हुआ। संवाद
तुषार शर्मा
रोहतक। पारा 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। झुलसाती गर्मी व बढ़ते पारे का असर लोगों पर पड़ने लगा है। अस्पताल मरीजों से अटे पड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि पीजीआई के आपातकालीन विभाग की व्यवस्था चरमरा गई है। यहां मरीजों की भीड़ के चलते बेड की संख्या कम पड़ गई है।
एक-एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाया हुआ है। मरीजों को ग्लूकोज देने के लिए लिटाने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। इस कारण उन्हें बैठे हुई ही ग्लूकोज दिया जा रहा है। यहां रोज करीब 650 मरीज आ रहे हैं। आपातकालीन विभाग का जायजा लिया तो मरीजों की यह तकलीफ सामने आई। संवाद
300 से बढ़कर 600 हो गई मरीजों की संख्या
गर्मी में पेट दर्द, बुखार, उल्टी, पेचिश, लू, डिहाइड्रेशन की समस्या आम हाे गई है। इस कारण मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। पिछले सप्ताह तक इन मरीजों की संख्या 300 थी। अब यह बढ़कर 600 हो गई है। पीजीआई के आपातकालीन विभाग में तो मरीजों को बैठने तक की जगह मुश्किल से मिल रही है। यही वजह है कि एक ही बेड पर दो से तीन मरीज रखे जा रहे हैं।
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गर्मी की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस कारण एक बेड पर दो मरीजों को रखा जा रहा है। यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया जाता है। गंभीर मरीज को ही भर्ती किया जाता है।
- डॉ. प्रियंका चाेपड़ा, डीएमएस, इमरजेंसी वार्ड, पीजीआई।
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रोहतक। पारा 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। झुलसाती गर्मी व बढ़ते पारे का असर लोगों पर पड़ने लगा है। अस्पताल मरीजों से अटे पड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि पीजीआई के आपातकालीन विभाग की व्यवस्था चरमरा गई है। यहां मरीजों की भीड़ के चलते बेड की संख्या कम पड़ गई है।
एक-एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाया हुआ है। मरीजों को ग्लूकोज देने के लिए लिटाने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। इस कारण उन्हें बैठे हुई ही ग्लूकोज दिया जा रहा है। यहां रोज करीब 650 मरीज आ रहे हैं। आपातकालीन विभाग का जायजा लिया तो मरीजों की यह तकलीफ सामने आई। संवाद
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300 से बढ़कर 600 हो गई मरीजों की संख्या
गर्मी में पेट दर्द, बुखार, उल्टी, पेचिश, लू, डिहाइड्रेशन की समस्या आम हाे गई है। इस कारण मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। पिछले सप्ताह तक इन मरीजों की संख्या 300 थी। अब यह बढ़कर 600 हो गई है। पीजीआई के आपातकालीन विभाग में तो मरीजों को बैठने तक की जगह मुश्किल से मिल रही है। यही वजह है कि एक ही बेड पर दो से तीन मरीज रखे जा रहे हैं।
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गर्मी की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस कारण एक बेड पर दो मरीजों को रखा जा रहा है। यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया जाता है। गंभीर मरीज को ही भर्ती किया जाता है।
- डॉ. प्रियंका चाेपड़ा, डीएमएस, इमरजेंसी वार्ड, पीजीआई।

21सीटीके12.....पीजीआई इमरजेंसी में एक ही बेड पर दो मरीजों को ग्लूकोस चढ़ता हुआ। संवाद

21सीटीके12.....पीजीआई इमरजेंसी में एक ही बेड पर दो मरीजों को ग्लूकोस चढ़ता हुआ। संवाद