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रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बैठने के लिये 100 बेंच मिले और सुरक्षा के लिये लगाये सीसीटीवी
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रोहतक रेलवे स्टेशन पर सीसी टीवी कैमरा लगाते हुए ।
रोहतक। दिल्ली रेल मंडल के अफसरों ने नये साल पर रोहतक को शानदार तोहफा दिया है, जिसे देखने आप बुधवार को स्टेशन पर आएंगे तो सूरत बदली-बदली दिखेगी। यात्रियों को सुविधापूर्वक बैठने के लिए 100 बेंचें लगी दिखेंगी। अब स्टेशन पर एकसाथ 1080 यात्री आराम से बैठ सकेंगे। उन्हें बैठने के लिए खाली बेंच नहीं तलाशनी होगी। यही नहीं, हरेक की स्टेशन पर आवाजाही सीसीटीवी में कैद होगी। मंगलवार की देर रात 12 बजे 27 कैमरों ने काम करना शुरू कर दिया। जिनकी मॉनीटरिंग सीधे दिल्ली मुख्यालय से होगी।
दिल्ली रेल मंडल ने भेजे बेंच
दिल्ली रेल मंडल ने रोहतक स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए स्टील की 100 बेंच एकसाथ भेजी हैं। ये बेंच स्पेशल ट्रेन से रोहतक भेजी गईं, जिन्हें प्लेटफार्म नंबर एक पर उतारा गया। रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने बताया कि रेलवे अफसरों के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक जनवरी की सुबह तक प्रत्येक बेंच लग जानी चाहिए। इसलिए इनको शाम से लगवाना शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 40 बेंचों पर दोनों तरफ 14 यात्री आराम से बैठ सकते हैं। 60 बेंचों की चार यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यानी नई बेंचों पर 760 यात्री एकसाथ बैठ सकेंगे। उन्होंने बताया कि पुरानी 80 बेंचों को प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन के अंतिम छोरों पर लगवाया जाएगा, जिन पर एकसाथ 320 यात्री बैठ सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर 14 यात्रियों की क्षमता वाली 17 और चार यात्रियों की क्षमता वाली करीब 20 बेंच लगवाई जाएंगी। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि बुधवार की सुबह तक लोगों के प्लेटफार्म पर सभी बेंच लगी मिलेंगी।
27 सीसीटीवी ने शुरू किया काम
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और फुट ओवरब्रिज पर मंगलवार को युद्ध स्तर पर 27 सीसीटीवी लगाने और कंट्रोल रूम बनाने का काम किया गया। टेलीकॉम विभाग की सात टीमें इस काम में जुटी रहीं। वहीं, कंट्रोल रूम के लिए स्थान नहीं मिलने की वजह से कैमरों को लगाने का काम लटका पड़ा था। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फिलहाल कैमरों को रेलवे के सर्वर से जोड़ दिया गया। इसका कंट्रोल रूम रेलवे टेलीकॉम रूम में बनाया गया है। टेलीकॉम विभाग के डीएम रूपेश देर रात तक स्टेशन पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग रेलवे के सर्वर से कनेक्ट करने में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि 12 बजे बजे सभी 27 कैमरों ने काम करना शुरू कर दिया और उनकी रिकॉर्डिंग होने लगी। दिल्ली कंट्रोल रूम पर बैठे इंजीनियरों की टीम ने स्टेशन पर लगे सभी कैमरों को मॉनीटर से कनेक्ट करके देखना शुरू कर दिया है। रेलवे अधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम के लिए स्थान नहीं मिलने की वजह से कैमरों को लगने का काम लटका रहा था। उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए कि हर सूरत में एक जनवरी को स्टेशन पर कैमरे लगाकर संचालित कर दिए जाने चाहिए। इसके चलते सात टीमों को लगाकर कैमरों को लगाया गया। रेलवे सर्वर से कनेक्ट करके रिकार्डिंग शुरू हो गई है।
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दिल्ली रेल मंडल ने भेजे बेंच
दिल्ली रेल मंडल ने रोहतक स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए स्टील की 100 बेंच एकसाथ भेजी हैं। ये बेंच स्पेशल ट्रेन से रोहतक भेजी गईं, जिन्हें प्लेटफार्म नंबर एक पर उतारा गया। रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने बताया कि रेलवे अफसरों के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक जनवरी की सुबह तक प्रत्येक बेंच लग जानी चाहिए। इसलिए इनको शाम से लगवाना शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 40 बेंचों पर दोनों तरफ 14 यात्री आराम से बैठ सकते हैं। 60 बेंचों की चार यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यानी नई बेंचों पर 760 यात्री एकसाथ बैठ सकेंगे। उन्होंने बताया कि पुरानी 80 बेंचों को प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन के अंतिम छोरों पर लगवाया जाएगा, जिन पर एकसाथ 320 यात्री बैठ सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर 14 यात्रियों की क्षमता वाली 17 और चार यात्रियों की क्षमता वाली करीब 20 बेंच लगवाई जाएंगी। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि बुधवार की सुबह तक लोगों के प्लेटफार्म पर सभी बेंच लगी मिलेंगी।
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27 सीसीटीवी ने शुरू किया काम
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और फुट ओवरब्रिज पर मंगलवार को युद्ध स्तर पर 27 सीसीटीवी लगाने और कंट्रोल रूम बनाने का काम किया गया। टेलीकॉम विभाग की सात टीमें इस काम में जुटी रहीं। वहीं, कंट्रोल रूम के लिए स्थान नहीं मिलने की वजह से कैमरों को लगाने का काम लटका पड़ा था। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फिलहाल कैमरों को रेलवे के सर्वर से जोड़ दिया गया। इसका कंट्रोल रूम रेलवे टेलीकॉम रूम में बनाया गया है। टेलीकॉम विभाग के डीएम रूपेश देर रात तक स्टेशन पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग रेलवे के सर्वर से कनेक्ट करने में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि 12 बजे बजे सभी 27 कैमरों ने काम करना शुरू कर दिया और उनकी रिकॉर्डिंग होने लगी। दिल्ली कंट्रोल रूम पर बैठे इंजीनियरों की टीम ने स्टेशन पर लगे सभी कैमरों को मॉनीटर से कनेक्ट करके देखना शुरू कर दिया है। रेलवे अधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम के लिए स्थान नहीं मिलने की वजह से कैमरों को लगने का काम लटका रहा था। उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए कि हर सूरत में एक जनवरी को स्टेशन पर कैमरे लगाकर संचालित कर दिए जाने चाहिए। इसके चलते सात टीमों को लगाकर कैमरों को लगाया गया। रेलवे सर्वर से कनेक्ट करके रिकार्डिंग शुरू हो गई है।
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