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देश के 310 डेंटल कॉलेजों को डीसीआई का पैगाम

Fri, 15 Apr 2016 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक Updated Fri, 15 Apr 2016 02:29 AM IST
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CCI invitation to 310 dental colleges in the country, send all ragging reports by end of the april
दांत - फोटो : dental
 डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) ने देश के 310 डेंटल कॉलेजों को पैगाम जारी कर दिया है। कहा गया है कि सभी कॉलेज इस माह के आखिर तक हर हाल में अपनी वार्षिक रैगिंग रिपोर्ट काउंसिल को भेज दें। इसमें 30 सरकारी डेंटल संस्थान भी हैं। अकेले प्रदेश में पंडित भगवत दयाल शर्मा दंत चिकित्सा महाविद्यालय के अलावा आठ निजी डेंटल कॉलेज हैं। इस नियम से देश में दंत चिकित्सा की शिक्षा ग्रहण कर रहे तकरीबन 22 हजार विद्यार्थियों को रैगिंग से बचाया जा सकेगा।
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डीसीआई रैगिंग मामले में किसी भी तरह से ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। जब विभिन्न संस्थानों को वार्षिक रिपोर्ट भेजने को कहा गया तो कई ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब डीसीआई ने सख्ती बरतते हुए रिपोर्ट भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित कर दी है। इसके लिए बाकायदा काउंसिल ने पूरा प्रारूप तैयार किया है। इसमें संबंधित कॉलेजों को पूरे शैक्षणिक सत्र का ब्यौरा भरकर दिल्ली डीसीआई के पास भेजना होगा।
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रतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी किए थे कि संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिए जागरूकता फैलाई जानी चाहिए। इसके लिए हर संस्थान में होर्डिंग्स, बैनर, पर्चे चस्पाने के साथ नोटिस बोर्ड लगवाए जाते हैं। अब डीसीआई रैगिंग के मामले में स्टूडेंट्स की सुनवाई से लेकर कार्रवाई तक की पूरी जानकारी रिपोर्ट मांग रहा है।
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अबकी बार देरी पडे़गी महंगी
इस बार रिपोर्ट भेजने में देरी करना महंगा पड़ सकता है। बाकायदा निगरानी के लिए मॉनीटरिंग कमेटी गठित करने की सिफारिश की जाएगी। इस कमेटी को विशेष तरजीह दी जाएगी। इसमें वहां की शिकायतों को सुना जाएगा।


बोले अधिकारी
पिछले चार-पांच साल के दौरान प्रदेश के डेंटल कॉलेजों में रैगिंग का मामला सामने नहीं आया है। इसकी मुख्य वजह यह थी कि निजी डेंटल कॉलेज के प्राचार्य को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यदि कहीं रैगिंग होती तो संबंधित कॉलेज का प्राचार्य भी उसमें जिम्मेदार होता। रैगिंग अपराध है, इस पर रोक जरूरी है। 
- डा. संजय तिवारी, सदस्य, कार्यकारी समिति डीसीआई।
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