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Rohtak: व्यापारी नेता ने किया निगम क्लर्क का स्टिंग, सड़क पर पैसे फेंक क्लर्क बोला- जबरन डाले जेब में पैसे
Tue, 27 Dec 2022 09:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 27 Dec 2022 09:09 PM IST
सार
प्रॉपर्टी आईडी की श्रेणी बदलने के नाम पर 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। निगम आयुक्त ने क्लर्क को निलंबित किया है। सड़क से लेकर कार्यालय तक 500-500 के नोट बिखर गए। व्यापारी व क्लर्क के बीच पहले भी खींचतान हो चुकी है।
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नोटों की फोटोस्टेट दिखाते व्यापारी नेता गुलशन निझावन। बिखरे नोट रुमाल से ठाते तहसीलदार शिव कुमार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में नगर निगम के नगर सुधार मंडल कार्यालय के बाहर मंगलवार सुबह हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया। व्यापारी नेता गुलशन निझावन ने प्रॉपर्टी आईडी की श्रेणी बदलने के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाकर क्लर्क का स्टिंग आपरेशन कर दिया।
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वहीं रिश्वत लेने का आरोप लगते ही क्लर्क ने जेब से पैसे निकाल कर सड़क व कार्यालय के अंदर फेंक दिए। बोला-मैंने कोई पैसे नहीं मांगे, जबरन मेरी जेब में पैसे डाले गए हैं। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क संदीप को निलंबित कर दिया। साथ ही स्टिंग का वीडियो भी वायरल हो गया।
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व्यापारी नेता गुलशन निझावन ने दी शिकायत में बताया कि उसके परिचित को प्रॉपर्टी आईडी की श्रेणी बदलवानी थी। इसके लिए वह मंगलवार सुबह करीब सवा 10 बजे नगर निगम के नगर सुधार मंडल कार्यालय में पहुंचा। आरोप है कि क्लर्क संदीप ने इसके लिए पांच हजार रुपये रिश्वत मांगे।
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परिचित ने व्यापारी नेता को पूरे मामले से अवगत कराया। व्यापारी नेता गुलशन ने 500-500 रुपये के 10 नोटों पर अपने हस्ताक्षर किए। उनकी फोटो उतारकर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया।
साथ ही बताया कि वे क्लर्क का स्टिंग ऑपरेशन करने जा रहे हैं। परिचित ने क्लर्क को पांच हजार रुपये दे दिए। आरोप है कि उक्त नोट क्लर्क ने अपनी जेब में रख लिए। इसके बाद व्यापारी नेता मोबाइल कैमरा ऑन करके कार्यालय के बाहर चाय पी रहे क्लर्क संदीप के पास पहुंचे।
निगम आयुक्त को रुपये की फोटो भेजने की बात कहते ही सड़क पर बिखर गए पांच-पांच के नोट
वायरल वीडियो में व्यापारी नेता गुलशन क्लर्क को कह रहे हैं कि आपने पांच हजार रुपये रिश्वत ली है। क्लर्क मना कर रहा है। जब निझावन ने उसे बताया कि जो नोट आपकी जेब में हैं, उनकी फोटो कॉपी पहले से निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा को भेजा चुका हूं। यह सुनते ही क्लर्क आरोप नकारते हुए कार्यालय के अंदर जाने लगता है। व्यापारी नेता कहते हैं कि देखो, 500-500 रुपये के नोट सड़क पर अब फेंके हैं। इतना ही नहीं, निगम कार्यालय के अंदर भी कोने में नोट फेंक दिए जाते हैं। निगम के एटीपी तिलकराज व कर्मचारी बाहर निकल आते हैं। काफी देर व्यापारी आरोप लगाता रहता था, जबकि क्लर्क नकारता रहता है।
तहसीलदार ने सील की राशि
हंगामे की सूचना मिलने पर निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार ने तहसीलदार शिवकुमार को नगर सुधार मंडल कार्यालय में भेजा। उन्होंने सभी नोट रुमाल से उठाकर एक सफेद लिफाफे में डालकर अपने व शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर के साथ सील किए। यह सील लिफाफा अधिकारी को सौंपा। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि शिकायतकर्ता से लिखित में शिकायत ली गई है। साथ ही क्लर्क संदीप को सस्पेंड कर दिया।
नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर काफी समस्य से लोग परेशान हैं। कर्मचारियों की गलती की वजह से लोग रोजाना अपना काम छोड़ कर आईडी ठीक कराने के लिए आ रहे हैं। यहां उनसे रुपये मांगे जा रहे हैं। इसी खेल का खुलासा करने के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया था। इसमें आरोपी पकड़ा गया। मेरे दोस्त से भी पांच हजार रुपये मांगे गए। इस पर अपने हस्ताक्षर युक्त नोट उसे देकर कर्मचारी के पास भेजा। कर्मचारी ने हस्ताक्षर युक्त नोट ले लिए। बाद में उसे अपने फंसने का अंदेशा होने पर नोट कार्यालय के बाहर फेंक दिए। -गुलशन निझावन, महासचिव रोहतक व्यापार मंडल व प्रधान, पालिका बाजार एसोसिएशन।
मैं कर शाखा में तैनात हूं। पिछले तीन-चार महीने से ये लोग पीछे पड़े थे। पहले आवेदन किया था। उसमें दस्तावेज पूरे नहीं थे। उस मामले में इन्होंने मुझे निलंबित कराया था। उसमें मेरी कोई गलती नहीं थी। मेरे पास अधिकारी का फोन आया था कि इनका काम देख लेना। ये आए तो इन्हें अटेंड किया। कुछ लोगों को चाय पानी पूछते समय ये पीछे से आए और जबरन मेरी जेब में रुपये डाल दिए। मुझे जानबूझ कर फंसाया जा रहा है। - संदीप कुमार, क्लर्क, नगर निगम।
निगम क्लर्क संदीप पर आरोप है कि उसने पांच हजार रुपये रिश्वत लिए। अधिकारियों ने क्लर्क को बिना जांच पड़ताल के सस्पेंड कर दिया। मेरी निगम अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। क्योंकि यह कर्मचारी पहले उसी व्यक्ति की शिकायत पर निलंबित हो चुका है। ऐसे में दोबारा रिश्वत क्यों लेगा, यह समझ से परे है। -संजय बिड़लान, प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ।
व्यापारी नेता व शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत पर क्लर्क संदीप को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही वीडियो फुटेज भी कब्जे में ली गई है। मामले की गहराई से जांच होगी। जांच में दोषी मिलने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। -महेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
क्लर्क दोषी मिला तो करवाएंगे एफआईआर
व्यापारी नेता गुलशन निझावन का मेरे पास फोन आया था। साथ ही नोटों की फोटो कॉपी भी भेजी थी। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्लर्क को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। दोषी मिलने पर एफआईआर भी दर्ज कराएंगे। - धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
निगम में नवीन जयहिंद ने भी फेंके थे नोट
नगर निगम कर्मियों पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। पिछले दिनों बिल्डिंग ब्रांच पर आरोप लगे थे कि नक्शा को लेकर जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने साथियों के साथ निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया था। साथ ही मेयर मनमोहन गोयल के सामने पैसे भी निगम के गेट पर डाले थे। हालांकि जांच में निगम प्रशासन ने बिल्डिंग ब्रांच को क्लीनचिट दे दी थी।