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भाजपा ने बुना डैमेज कंट्रोल का तानाबाना
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नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्षदों के धरना-प्रदर्शन से राजनीतिक गलियारों का तापमान बढ़ गया है। इसकी वजह भाजपा पार्षदों के जनसमस्याओं का निदान नहीं होने व भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने की मांग करना है। वहीं, भाजपा ने डैमेज कंट्रोल का तानाबाना बुनाना शुरू कर दिया है। बुधवार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास पर जिलाध्यक्ष, मेयर व कुछ पार्षदों की बैठक हुई। इसमें कहा गया कि जांच की मांग सदन में करेंगे सड़क पर नहीं। संगठन ऐसा करने की इजाजत नहीं देता है।
सूत्रों के अनुसार आंदोलित भाजपा पार्षदों ने अमरूत योजना के तहत करीब 250 करोड़ रुपये के कार्य होने, एनडीसी व प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर भ्रष्टाचार करने और जनता की पेयजल व सीवर की मूलभूत समस्याओं का निदान नहीं होने के आरोप लगाए हैं। चूंकि आरोप सीधे भ्रष्टाचार और लोगों की मूलभूत समस्याओं से जुड़े हैं, इसलिए कई सवाल खड़े हो गए हैं। मांगें पूरी नहीं होने की वजह से पार्षदों का विरोध-प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़ा रूप भी लेता जा रहा है। कहीं, भाजपा पार्षदों के आरोपों को कोई दल मुद्दा न बना ले, इसलिए भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। इसके चलते बुधवार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास पर पार्षदों की बैठक हुई। इसमें भाजपा संगठन के जिलाध्यक्ष अजय बंसल और मेयर मनमोहन गोयल के अलावा पार्षद कंचन खुराना के पति अशोक खुराना, पार्षद राधेश्याम ढल, पार्षद मुक्ता नागपाल के पति दीपक नागपाल, डिंपल जैन के पति अमित, सुरेश किराड़, मनोनीत पार्षद आदेश सक्सेना, अमित बंसल व जेजेपी पार्षद राजेश सैनी आदि शामिल हुए। बैठक में पूर्व मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले मेें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाई जाएगी। पार्षद जांच की मांग सदन में करें सड़क पर नहीं। संगठन के नियमों से बाहर जाने से जनता के बीच में संदेश गलत जाता है। संगठन की एक लक्ष्मण रेखा है, जिसका पालन करना चाहिए। पार्षदों की मांग पर जांच तुरंत कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।
डबल रोल में दिखे चुनिंदा पार्षद
बुधवार को चुनिंदा पार्षदों का दोहरा रूप दिखा। सुबह नगर निगम सदन में जब पार्षद धरने पर बैठे तो वह भी शामिल हो गए। करीब आधा घंटा बैठने के बाद पार्षद जरूरी काम से जाने की बात कहकर पूर्व मंत्री के आवास पर चल रही बैठक में शामिल हुए। दोपहर करीब पौने दो बजे वह दोबारा धरने में जाकर शामिल हो गए।
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पूर्व मंत्री के आवास पर हुई बैठक में संगठन को लेकर ही बात हुई है, जिसमें जिलाध्यक्ष व पार्षद भी थे। आंदोलित पार्षदों से जिलाध्यक्ष बात कर रहे हैं।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
हमारी आंतरिक मीटिंग थी। पार्षदों की छोटी-मोटी शिकायतें हैं, उन्हें दूर करवाएंगे। सभी को मना लिया जाएगा। हमारी तरफ से कोई कमी होगी तो उसे भी दूर करेंगे।
- अजय बंसल, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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सूत्रों के अनुसार आंदोलित भाजपा पार्षदों ने अमरूत योजना के तहत करीब 250 करोड़ रुपये के कार्य होने, एनडीसी व प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर भ्रष्टाचार करने और जनता की पेयजल व सीवर की मूलभूत समस्याओं का निदान नहीं होने के आरोप लगाए हैं। चूंकि आरोप सीधे भ्रष्टाचार और लोगों की मूलभूत समस्याओं से जुड़े हैं, इसलिए कई सवाल खड़े हो गए हैं। मांगें पूरी नहीं होने की वजह से पार्षदों का विरोध-प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़ा रूप भी लेता जा रहा है। कहीं, भाजपा पार्षदों के आरोपों को कोई दल मुद्दा न बना ले, इसलिए भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। इसके चलते बुधवार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास पर पार्षदों की बैठक हुई। इसमें भाजपा संगठन के जिलाध्यक्ष अजय बंसल और मेयर मनमोहन गोयल के अलावा पार्षद कंचन खुराना के पति अशोक खुराना, पार्षद राधेश्याम ढल, पार्षद मुक्ता नागपाल के पति दीपक नागपाल, डिंपल जैन के पति अमित, सुरेश किराड़, मनोनीत पार्षद आदेश सक्सेना, अमित बंसल व जेजेपी पार्षद राजेश सैनी आदि शामिल हुए। बैठक में पूर्व मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले मेें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाई जाएगी। पार्षद जांच की मांग सदन में करें सड़क पर नहीं। संगठन के नियमों से बाहर जाने से जनता के बीच में संदेश गलत जाता है। संगठन की एक लक्ष्मण रेखा है, जिसका पालन करना चाहिए। पार्षदों की मांग पर जांच तुरंत कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।
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डबल रोल में दिखे चुनिंदा पार्षद
बुधवार को चुनिंदा पार्षदों का दोहरा रूप दिखा। सुबह नगर निगम सदन में जब पार्षद धरने पर बैठे तो वह भी शामिल हो गए। करीब आधा घंटा बैठने के बाद पार्षद जरूरी काम से जाने की बात कहकर पूर्व मंत्री के आवास पर चल रही बैठक में शामिल हुए। दोपहर करीब पौने दो बजे वह दोबारा धरने में जाकर शामिल हो गए।
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पूर्व मंत्री के आवास पर हुई बैठक में संगठन को लेकर ही बात हुई है, जिसमें जिलाध्यक्ष व पार्षद भी थे। आंदोलित पार्षदों से जिलाध्यक्ष बात कर रहे हैं।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
हमारी आंतरिक मीटिंग थी। पार्षदों की छोटी-मोटी शिकायतें हैं, उन्हें दूर करवाएंगे। सभी को मना लिया जाएगा। हमारी तरफ से कोई कमी होगी तो उसे भी दूर करेंगे।
- अजय बंसल, जिलाध्यक्ष, भाजपा