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कांग्रेस में नहीं रही पहले वाली बात, 370 पर भटक गई पार्टी

Mon, 19 Aug 2019 01:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 01:48 AM IST
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bhupendra hudda parivartan raili
रोहतक। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस आला कमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार की महा परिवर्तन रैली में मंच से पूर्व सीएम ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर, मेरी पार्टी कांग्रेस कुछ भटक गई है। कई साथियों ने सरकार के फैसले का विरोध किया, लेकिन मैं राष्ट्रहित और स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकता। इसलिए सरकार के फैसले का स्वागत किया। नई पार्टी के गठन का फैसला 25 सदस्यीय कमेटी लेगी, जिसके गठन की घोषणा चंडीगढ़ में की जाएगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि 22 अगस्त को कांग्रेस आलाकमान की मीटिंग होनी है। तब तक हुड्डा ने कांग्रेस अलग होने या न होने का फैसला टालने का निर्णय लिया है।
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गोहाना रोड स्थित मेला ग्राउंड में समर्थक 13 विधायक, 60 से ज्यादा पूर्व विधायक व मंत्रियों की मौजूदगी में पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि मैं आज, मन, आत्मा और हर तरह के बंधन से मुक्त होकर आया हूं। भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल से किसान, कर्मचारी, मजदूर, व्यापारी व युवा वर्ग दुखी है। पहले बेरोजगारी की दर प्रदेश में 2.8 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 8.8 प्रतिशत हो गई है। हर रोज प्रदेश में औसतन 3 लोगों का कत्ल हो रहा है। नौकरियों के नाम पर युवाओं को ठगा गया है। एमए व बीएड करने वाले युवाओं को चपरासी बना दिया। खर्ची न पर्ची की बात करने वाले भाजपा नेता एक भी आरोप साबित करके बताएं। बेवजह बदनाम किया जा रहा है। भाजपा राज में एसएसएस बोर्ड का चेयरमैन तक सस्पेंड को चुका है। नौकरियां परचून की दुकान की तरह बांटी जा रही हैं। प्रदेश पर 2014 में 60 हजार करोड़ कर्ज था, जो अब पांच साल में बढ़कर 1 लाख 70 हजार करोड़ हो गया है। जबकि भाजपा ने न कोई बड़ा प्लांट लगाया और न ही कोई रेलवे लाइन बिछाई। उन्होंने कहा कि, आज 72 साल की उम्र हो गई है। चाहता तो राजनीतिक से सन्यास लेकर घर बैठ जाता, लेकिन स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हूं। लोगों की लड़ाई लड़ूंगा। जहां तक अनुच्छेद 370 की बात है, कांग्रेस के कुछ सीनियर साथियों ने संसद में प्रस्ताव का विरोध किया। कांग्रेस भटक गई है। पहले वाली बात नहीं रही। राष्ट्रहित व स्वाभिमान से मैं समझौता नहीं कर सकता, इसलिए सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि, 370 की आड़ में प्रदेश सरकार यह न समझे कि उनसे पांच साल का कोई हिसाब नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि, जब सरकार के मंत्री व विधायक उनके बीच में आएं तो पूछना, आपका 370 हटाने में क्या योगदान है।
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नई पार्टी के गठन पर 25 सदस्यीय कमेटी लेगी फैसला
मंच से कांग्रेस विधायक रघुबीर कादयान व कर्ण सिंह दलाल ने कहा कि, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जल्द कांग्रेस आलाकमान से बात करनी होगी। क्योंकि अब समय नहीं बचा है। अगर निर्णायक फैसला नहीं लिया गया तो आने वाली पीढ़ी उनको माफ नहीं करेगी। जवाब में, हुड्डा ने कहा कि चंडीगढ़ में बैठकर एक 25 सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी में 13 कांग्रेस विधायकों के साथ-साथ 12 पूर्व मंत्री व विधायक होंगे। जो कमेटी निर्णय लेगी, वे उसको मानेंगे।
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दीपेंद्र हुड्डा बोले, भाजपा 75 पार नहीं, होगी सत्ता से बाहर
वहीं, पूर्व सांसद व कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि आज प्रदेश की राजनीति दोराहे पर आकर खड़ी हो गयी है। प्रदेश वासी सोचे, भाजपा के 5 सालों में क्या खोया है, क्या पाया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में 75 पार नहीं, बल्कि सत्ता से बाहर होगी।
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हुड्डा ने सोनिया से मांगा समय, 22 के बाद मुलाकात संभव
कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मिलने का समय मांगा था। सोनिया ने कहा था कि जब भी पार्टी नेताओं से मिलूंगी तो सबसे पहले आपको बुलाऊंगी। 22 अगस्त को स्व. पीएम राजीव गांधी की 75वीं जयंती है। उस दिन या उसके बाद सोनिया गांधी से हुड्डा की मुलाकात हो सकती है। इस कारण नई पार्टी के गठन या पार्टी में रहने का फैसला 22 अगस्त तक टाल दिया गया है। दूसरा, नई पार्टी के गठन का जोखिम पूर्व सीएम हुड्डा अकेले अपने सिर नहीं लेना चाहते। क्योंकि कांग्रेसी नेता अपने हलके के हिसाब से सोच रहे हैं। इस कारण 25 सदस्यीय कमेटी को हुड्डा ने निर्णायक फैसला लेने की जिम्मेदारी दी है।

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रैली स्थल पर नहीं दिखा कांग्रेसी झंडा या बैनर, मंच से गांधी परिवार का भी नाम नहीं
पूर्व सीएम हुड्डा की परिवर्तन महारैली में कांग्रेस का झंडा या बैनर दिखाई नहीं दिए। मंच को भी तिरंगे से सजाया गया था। जगह-जगह कांग्रेसी झंडे की जगह तिरंगा लहरा रहा थ व गुलाबी पगड़ी दिखाई दे रही थी। मंच से एक दर्जन कांग्रेस नेताओं ने लोगाें को संबोधित किया, लेकिन गांधी परिवार का खुलकर नाम नहीं लिया। केवल एक बात कही, कांग्रेस आला कमान पूर्व सीएम हुड्डा के हाथ में कमान दे, तभी भाजपा को हराया जा सकता है।
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