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Rohtak News: नेत्रदान और देहदान करके मिसाल कायम कर गए भीमसेन अरोड़ा
Thu, 29 Jan 2026 02:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:44 AM IST
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35...पीजीआई में सुभाष नगर निवासी भीमसेन अरोड़ा के देहदान के दौरान उपस्थित परिवार व चिकित्सक। स
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सुभाष नगर निवासी भीमसेन अरोड़ा ने मरने के बाद भी नेत्रदान और देहदान करके मिसाल कायम कर गए हैं। उनके पुत्र गौतम अरोड़ा व परिवार ने उनका शरीर पीजीआईएमएस के एनाटॉमी विभाग में छात्रों की रिसर्च के लिए दान किया। एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर गोपाल ने इसके लिए परिजनों का आभार जताया। परिवार को याद स्वरूप पौधा भी भेंट किया गया।
गौतम अरोड़ा ने बताया कि उनके पिता का हमेशा प्रयास रहता था कि किसी तरह से समाज की भलाई के लिए कार्य किया जाए। उनकी इच्छा थी कि आखिर में उनका शरीर किसी रिसर्च में काम आ आए।
डॉ. आरती ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि समाज में फैली हुईं भ्रांतियों से नहीं डरना चाहिए। ऐसे कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। इससे समाज जागरूक हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें जीते जी रक्तदान भी करना चाहिए और मरणोपरांत नेत्र एवं शरीर दान करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. गोपाल, डॉ. रितु, डॉ. आरती, डॉ. कमल व अन्य उपस्थित रहे।
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रोहतक। सुभाष नगर निवासी भीमसेन अरोड़ा ने मरने के बाद भी नेत्रदान और देहदान करके मिसाल कायम कर गए हैं। उनके पुत्र गौतम अरोड़ा व परिवार ने उनका शरीर पीजीआईएमएस के एनाटॉमी विभाग में छात्रों की रिसर्च के लिए दान किया। एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर गोपाल ने इसके लिए परिजनों का आभार जताया। परिवार को याद स्वरूप पौधा भी भेंट किया गया।
गौतम अरोड़ा ने बताया कि उनके पिता का हमेशा प्रयास रहता था कि किसी तरह से समाज की भलाई के लिए कार्य किया जाए। उनकी इच्छा थी कि आखिर में उनका शरीर किसी रिसर्च में काम आ आए।
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डॉ. आरती ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि समाज में फैली हुईं भ्रांतियों से नहीं डरना चाहिए। ऐसे कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। इससे समाज जागरूक हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें जीते जी रक्तदान भी करना चाहिए और मरणोपरांत नेत्र एवं शरीर दान करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. गोपाल, डॉ. रितु, डॉ. आरती, डॉ. कमल व अन्य उपस्थित रहे।
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