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Rohtak News: सहनी पड़ रही प्रदूषण की मार, खत्म नहीं हो रहा टावर शुरू होने का इंतजार
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रोहतक। एक तरफ शहर में प्रदूषण का स्तर तीन गुना बढ़ गया है, दूसरी तरफ प्रदूषण सोखने के लिए गोहाना अड्डे पर लगाया गया स्मॉग टावर एक माह 25 दिन बाद भी चालू नहीं हो सका है। दावा किया गया था कि स्मॉग टावर एक घंटे में पांच किलोमीटर दायर की एक लाख क्यूबिक हवा शुद्ध करेगा। पूछने पर नगर निगम आयुक्त जितेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली के कनेक्शन के लिए आवदेन किया है। कनेक्शन मिलते ही टावर को चालू कर दिया जाएगा।
निगम के आंकड़ों के मुताबिक साल 2011 में शहर की जनसंख्या पौने चार लाख थी, जो 2017 में बढ़कर 5 लाख 12 हजार हो गई। अनुमान है कि अब जनसंख्या बढ़कर 6 लाख के करीब हो गई है। जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसके कारण प्रदूषण भी बढ़ रहा है। अक्तूबर और नवंबर माह में हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। एक सप्ताह पहले शहर में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 50 था, जो शुक्रवार को बढ़कर 151 पहुंच गया। हालात को देखते हुए निगम ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर ) तहत एक निजी कंपनी से 11 अगस्त को गोहाना अड्डे पर स्मॉग टावर लगवाया था, जो अब तक चालू नहीं हो सका है।
20 फीट ऊंचे टावर को बिजली व पानी के कनेक्शन की जरूरत
टावर की ऊंचाई 20 फीट ऊंचा है, जबकि चौड़ाई दो फीट तक है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील से बने टावर में विशेष पंखे व मोटर लगी हैं। हवा को साफ करते समय मशीन पानी का छिड़काव करेगी। इसके बाद हवा में मौजूद प्रदूषण के कण नीचे रह जाएंगे और हवा को शुद्ध करके टावर वापस छोड़ देगा। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे कनेक्शन करवाएं, लेकिन अब तक टावर चालू होना तो दूर, कनेक्शन तक नहीं हो सके।
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स्मॉग टावर के लिए बिजली कनेक्शन लेना होगा, जिसके लिए नगर निगम ने आवेदन कर दिया है। बिजली और पानी सप्लाई मिलते ही टावर को चालू करवा दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, आयुक्त, नगर निगम
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निगम के आंकड़ों के मुताबिक साल 2011 में शहर की जनसंख्या पौने चार लाख थी, जो 2017 में बढ़कर 5 लाख 12 हजार हो गई। अनुमान है कि अब जनसंख्या बढ़कर 6 लाख के करीब हो गई है। जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसके कारण प्रदूषण भी बढ़ रहा है। अक्तूबर और नवंबर माह में हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। एक सप्ताह पहले शहर में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 50 था, जो शुक्रवार को बढ़कर 151 पहुंच गया। हालात को देखते हुए निगम ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर ) तहत एक निजी कंपनी से 11 अगस्त को गोहाना अड्डे पर स्मॉग टावर लगवाया था, जो अब तक चालू नहीं हो सका है।
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20 फीट ऊंचे टावर को बिजली व पानी के कनेक्शन की जरूरत
टावर की ऊंचाई 20 फीट ऊंचा है, जबकि चौड़ाई दो फीट तक है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील से बने टावर में विशेष पंखे व मोटर लगी हैं। हवा को साफ करते समय मशीन पानी का छिड़काव करेगी। इसके बाद हवा में मौजूद प्रदूषण के कण नीचे रह जाएंगे और हवा को शुद्ध करके टावर वापस छोड़ देगा। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे कनेक्शन करवाएं, लेकिन अब तक टावर चालू होना तो दूर, कनेक्शन तक नहीं हो सके।
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स्मॉग टावर के लिए बिजली कनेक्शन लेना होगा, जिसके लिए नगर निगम ने आवेदन कर दिया है। बिजली और पानी सप्लाई मिलते ही टावर को चालू करवा दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, आयुक्त, नगर निगम