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कोरोना से जीती जंग, ब्लैक फंगस में अटकी जान
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जिले में 29 साल के युवक को होम आइसोलेशन के दौरान बगैर डॉक्टर की सलाह के दवा खाना महंगा पड़ गया है। युवक कोरोना से तो ठीक हो गया, लेकिन अब ब्लैक फंगस की चपेट में आ गया है। स्थिति यह है कि निजी अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन तो हो गया, लेकिन अब इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। 7500 से 12 हजार रुपये तक छह इंजेक्शन किसी तरह मिल गए, अब 27 से 35 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। पीजीआईएमएस जैसे संस्थान में भी मरीज को इंजेक्शन नहीं मिल रहा है।
भाजपा के निगम पार्षद ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनका बेटा पीजीआईएमएस में भर्ती है। दो मरीजों की ब्लैक फंगस के चलते आंखें निकालनी पड़ी हैं और कई मरीज गंभीर हालत में हैं। लेकिन यहां इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक मई को उनके बेटे को कोरोना हुआ और वह 10 दिन तक घर पर होम आइसोलेशन में रहा। कुछ दवाएं व्हाट्सएप पर देखकर उसने खा ली, इस दौरान उसे कोई समस्या भी नहीं हुई। इसके बाद उसे ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने लगे। मरीज को दिखाई देना कम हुआ तो उसे 11 मई को निजी अस्पताल ले गए। यहां मरीज का सिटी स्कैन कराया और ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई। 12 मई को मरीज को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर दिया। बीमारी रोकने के लिए इंजेक्शन लिखे, जिसे 7500 से 12 हजार रुपये में खरीदा। इसके लिए भी चंडीगढ़ व दिल्ली तक जाना पड़ा। अब इस इंजेक्शन के कोई 27 तो कोई 35 हजार रुपये मांग रहा है। निजी अस्पताल ने मरीज को पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। चार दिन से पीजीआईएमएस में मरीज को कोई इंजेक्शन नहीं मिला है। यहां मरीज परेशान हैं, इसकी शिकायत सीएम को भेज चुका हूं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
ब्लैक फंगस से पीजीआई में दो की मौत, 88 मरीज उपचाराधीन
ब्लैक फंगस से पीजीआईएमएस में मंगलवार को दो मरीजों की मौत हो गई है और 88 मरीज उपचाराधीन हैं। इसके अलावा कई मरीज निजी अस्पतालों में भी भर्ती हैं। इंजेक्शन की अनुपलब्धता के कारण निजी अस्पताल भी मरीजों को पीजीआईएमएस रेफर कर रहे हैं।
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पीजीआईएमएस में मंगलवार को खरकड़ा की 40 वर्षीय सुनीता व लोहारू भिवानी की 71 वर्षीय गीता ने ब्लैक फंगस के उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। वहीं भिवानी के खरक निवासी राहुल ने बताया कि मरीजों की हालत बहुत खराब है। मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि मंगलवार को हमें 124 मरीजों के लिए इंजेक्शन की मंजूरी मिली है। इन इंजेक्शन को लाने के लिए टीम को गुरुग्राम भेज दिया गया है। हमने मरीजों के हिसाब से डिमांड भेज रखी है, जैसे ही इंजेक्शन उपलब्ध हो रहे हैं मरीजों को लगा दिए जा रहे हैं।
हरियाणा सरकार के निर्देशों पर ब्लैक फंगस मरीजों के लिए लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। जैसे ही सरकार इंजेक्शन उपलब्ध करवा रही है, मरीजों को लगा दिया जाता है। सोमवार को आठ ऑपरेशन किए गए और मंगलवार की शाम तक पांच मरीजों के ऑपरेशन हो चुके हैं और कुछ मरीज वेटिंग में थे।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस
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भाजपा के निगम पार्षद ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनका बेटा पीजीआईएमएस में भर्ती है। दो मरीजों की ब्लैक फंगस के चलते आंखें निकालनी पड़ी हैं और कई मरीज गंभीर हालत में हैं। लेकिन यहां इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक मई को उनके बेटे को कोरोना हुआ और वह 10 दिन तक घर पर होम आइसोलेशन में रहा। कुछ दवाएं व्हाट्सएप पर देखकर उसने खा ली, इस दौरान उसे कोई समस्या भी नहीं हुई। इसके बाद उसे ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने लगे। मरीज को दिखाई देना कम हुआ तो उसे 11 मई को निजी अस्पताल ले गए। यहां मरीज का सिटी स्कैन कराया और ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई। 12 मई को मरीज को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर दिया। बीमारी रोकने के लिए इंजेक्शन लिखे, जिसे 7500 से 12 हजार रुपये में खरीदा। इसके लिए भी चंडीगढ़ व दिल्ली तक जाना पड़ा। अब इस इंजेक्शन के कोई 27 तो कोई 35 हजार रुपये मांग रहा है। निजी अस्पताल ने मरीज को पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। चार दिन से पीजीआईएमएस में मरीज को कोई इंजेक्शन नहीं मिला है। यहां मरीज परेशान हैं, इसकी शिकायत सीएम को भेज चुका हूं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
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ब्लैक फंगस से पीजीआई में दो की मौत, 88 मरीज उपचाराधीन
ब्लैक फंगस से पीजीआईएमएस में मंगलवार को दो मरीजों की मौत हो गई है और 88 मरीज उपचाराधीन हैं। इसके अलावा कई मरीज निजी अस्पतालों में भी भर्ती हैं। इंजेक्शन की अनुपलब्धता के कारण निजी अस्पताल भी मरीजों को पीजीआईएमएस रेफर कर रहे हैं।
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पीजीआईएमएस में मंगलवार को खरकड़ा की 40 वर्षीय सुनीता व लोहारू भिवानी की 71 वर्षीय गीता ने ब्लैक फंगस के उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। वहीं भिवानी के खरक निवासी राहुल ने बताया कि मरीजों की हालत बहुत खराब है। मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि मंगलवार को हमें 124 मरीजों के लिए इंजेक्शन की मंजूरी मिली है। इन इंजेक्शन को लाने के लिए टीम को गुरुग्राम भेज दिया गया है। हमने मरीजों के हिसाब से डिमांड भेज रखी है, जैसे ही इंजेक्शन उपलब्ध हो रहे हैं मरीजों को लगा दिए जा रहे हैं।
हरियाणा सरकार के निर्देशों पर ब्लैक फंगस मरीजों के लिए लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। जैसे ही सरकार इंजेक्शन उपलब्ध करवा रही है, मरीजों को लगा दिया जाता है। सोमवार को आठ ऑपरेशन किए गए और मंगलवार की शाम तक पांच मरीजों के ऑपरेशन हो चुके हैं और कुछ मरीज वेटिंग में थे।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस