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Rohtak News: अस्तृति, आकांक्षा, निशा और कल्पना रही अव्वल
Fri, 12 Apr 2024 10:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 12 Apr 2024 10:28 PM IST
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प्रतियोगिता में विजेता छात्राएं प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा के साथ।
बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ में बैसाखी के उपलक्ष्य में अहिल्याबाई होल्कर सदन ने अंतर सदन गिद्दा व भांगड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिसमें तीनों सदनों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि बैसाखी कृषि से जुड़ा हुआ एक त्योहार है, जिसे पंजाब और हरियाणा में काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है । सिख समुदाय में बैसाखी का त्योहार खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। बैसाखी के कई अलग-अलग नाम हैं, इसे असम में बिहू, बंगाल में नबा वर्षा, केरल में पूरम विशु कहते हैं। बैसाखी के दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन पुरुषों द्वारा भांगड़ा तथा महिलाओं द्वारा गिद्दा प्रस्तुत किया जाता है। अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में प्रथम वर्ष से अस्तुति ने प्रथम स्थान, द्वितीय वर्ष से आकांक्षा ने द्वितीय स्थान, प्रथम वर्ष से निशा व कल्पना ने तृतीय स्थान तथा प्रथम वर्ष से विशाखा ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा, नीतू जैन व खुशबू बंसल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस दिन 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग में घटी हिंसक घटना को याद कर डॉ. आशा शर्मा, अध्यापकगणों व छात्राओंं द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन अहिल्याबाई होल्कर सदन, एनएसएस व वाईआरसी इकाई द्वारा किया गया।
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महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि बैसाखी कृषि से जुड़ा हुआ एक त्योहार है, जिसे पंजाब और हरियाणा में काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है । सिख समुदाय में बैसाखी का त्योहार खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। बैसाखी के कई अलग-अलग नाम हैं, इसे असम में बिहू, बंगाल में नबा वर्षा, केरल में पूरम विशु कहते हैं। बैसाखी के दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन पुरुषों द्वारा भांगड़ा तथा महिलाओं द्वारा गिद्दा प्रस्तुत किया जाता है। अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में प्रथम वर्ष से अस्तुति ने प्रथम स्थान, द्वितीय वर्ष से आकांक्षा ने द्वितीय स्थान, प्रथम वर्ष से निशा व कल्पना ने तृतीय स्थान तथा प्रथम वर्ष से विशाखा ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा, नीतू जैन व खुशबू बंसल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस दिन 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग में घटी हिंसक घटना को याद कर डॉ. आशा शर्मा, अध्यापकगणों व छात्राओंं द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन अहिल्याबाई होल्कर सदन, एनएसएस व वाईआरसी इकाई द्वारा किया गया।
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