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एएसआई की बर्खास्तगी के लिए आईजी दफ्तर के बाहर धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 23 Nov 2015 01:50 AM IST
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शराब ठेकेदार से वसूली करने के आरोप में फंसे सीआईए-2 के एएसआई की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं।
उसकी बर्खास्तगी की मांग को लेकर पीड़ित ठेकेदार रविवार को आईजी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गया। हालांकि कलानौर पुलिस उसे समझा-बुझा वापस ले गई।
ठेकेदार रणबीर का आरोप है सीआईए-2 के एएसआई जगबीर पिछले कई माह से उसे परेशान कर रहा है। वह हर माह डेढ़ लाख रुपये लेता है।
रुपये देने से इन्कार करने पर झूठा मुकदमा दायर कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसपी शशांक आनंद से भी की थी।
जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ठेकेदार अपनी ठेके की दुकान की छत पर चढ़ बैठा था और करीब चार दिन तक उसने भूख हड़ताल भी की थी।
इसके बाद मामले की जांच हुई और शनिवार को एएसआई जगबीर को लाइन हाजिर कर दिया गया था। लेकिन अब ठेकेदार एएसआई की बर्खास्तगी की मांग को लेकर अड़ गया और रविवार को आईजी ऑफिस पहुंच गया। यहां वह धरना देकर बैठ गया। जब काफी समझाने के बाद भी नहीं माना तो कलानौर एसएचओ को फोन किया गया। कुछ देर बाद कलानौर पुलिस आई और उसे आश्वासन देकर ले गई। ठेकेदार करीब दो घंटे धरने पर बैठा रहा।
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उसकी बर्खास्तगी की मांग को लेकर पीड़ित ठेकेदार रविवार को आईजी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गया। हालांकि कलानौर पुलिस उसे समझा-बुझा वापस ले गई।
ठेकेदार रणबीर का आरोप है सीआईए-2 के एएसआई जगबीर पिछले कई माह से उसे परेशान कर रहा है। वह हर माह डेढ़ लाख रुपये लेता है।
रुपये देने से इन्कार करने पर झूठा मुकदमा दायर कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसपी शशांक आनंद से भी की थी।
जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ठेकेदार अपनी ठेके की दुकान की छत पर चढ़ बैठा था और करीब चार दिन तक उसने भूख हड़ताल भी की थी।
इसके बाद मामले की जांच हुई और शनिवार को एएसआई जगबीर को लाइन हाजिर कर दिया गया था। लेकिन अब ठेकेदार एएसआई की बर्खास्तगी की मांग को लेकर अड़ गया और रविवार को आईजी ऑफिस पहुंच गया। यहां वह धरना देकर बैठ गया। जब काफी समझाने के बाद भी नहीं माना तो कलानौर एसएचओ को फोन किया गया। कुछ देर बाद कलानौर पुलिस आई और उसे आश्वासन देकर ले गई। ठेकेदार करीब दो घंटे धरने पर बैठा रहा।