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Rohtak News: क्षतिग्रस्त कार की मरम्मत समय पर न करने पर 33 हजार देने के आदेश

Wed, 24 Dec 2025 02:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:31 AM IST
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An order was issued to pay 33,000 rupees for not repairing a damaged car on time.
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने क्षतिग्रस्त कार को समय पर ठीक न कराने पर इफ्को टोक्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अपने ग्राहक लक्ष्मी नगर निवासी चांद सिंह अहलावत को 33,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसमें 18006 रुपये का भुगतान नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ व सेवा में कमी के कारण 10,000 रुपये व मुकदमे के खर्च के तौर पर 5000 रुपये शामिल हैं।
फोरम में दी शिकायत में चांद सिंह अहलावत ने कहा है कि उन्होंने बीमा कंपनी से 19 फरवरी 2020 से 18 फरवरी 2021 की अवधि के लिए गाड़ी का बीमा कराया था। इसके बाद 27 जनवरी 2021 की रात गाड़ी नया बस स्टैंड स्थित हुडा सिटी पार्क के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कंपनी को 28 जनवरी 2021 को घटना के बारे में सूचित किया गया।
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उनके एजेंट मनु ने क्षतिग्रस्त कार की तस्वीरें लीं। एजेंट के कहने पर शिकायतकर्ता को 4 फरवरी को अपनी कार वर्कशॉप ले गए। यहां क्षतिग्रस्त कार का सर्वे किया। सभी दस्तावेज शिकायतकर्ता से जमा करा लिए। इसके बाद कंपनी ने क्लेम की सूचना के साथ 4 फरवरी को जॉब कार्ड जारी किया।
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कार की मरम्मत का अनुमानित खर्च 66,772.16 रुपये बताते हुए कार शोरूम के अधिकारी ने गाड़ी की मरम्मत के लिए स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने की बात कही। शिकायतकर्ता को कम से कम 25 दिन इंतजार करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता का कहना था कि 18 फरवरी को कार की बीमा अवधि समाप्त हो जाएगी, इसलिए इससे पहले मरम्मत की जाए। इसके बावजूद मरम्मत नहीं की गई।
इस कारण शिकायतकर्ता ने 4 मार्च को निजी कंपनी से कार 20,296 रुपये में दुरुस्त कराई। इसका बिल सर्वेयर अमन बहल को दिया। कंपनी ने 10 मई को शिकायतकर्ता के खाते में केवल 3739.01 रुपये जमा किए जबकि क्लेम 20,296 रुपये मांगा गया था। पूरा क्लेम नहीं देने पर फोरम में शिकायत देकर पीड़ित ने 70,296 रुपये का भुगतान मांगा। फोरम ने मामले की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
यह राशि आदेश की तारीख से एक माह के भीतर देनी होगी। यह फैसला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत प्राप्त शिकायत का समाधान करते हुए मंगलवार को उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह कादियान ने दिया है।
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फोरम को ऑनलाइन भी दे सकते हैं शिकायत
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह कादयान ने कहा कि उपभोक्ता अपने अधिकारों को समझें, जागरूक बनें। शिकायतों के निवारण व शिकायत देने संबंधित किसी भी प्रकार की अन्य समस्या को लेकर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की शरण ले सकते हैं। आयोग से पर्याप्त जानकारी लेकर ई-जाग्रति ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरिए भी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। फोरम के सदस्य डॉ. तृप्ति पन्नू व डॉ. विजेंदर सिंह के साथ फैसले लिए जाते हैं।



आयोग ने किया 601 शिकायतों का निपटारा
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पास करीब 2500 शिकायतें हैं। इनमें से इस वर्ष 601 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। इनमें से 54 शिकायतें उपभोक्ता महज 90 दिनों में निपटाई गईं। हर मह लगाई गई लोक अदालतों में 84 उपभोक्ताओं के मामले हल किए गए। इस वर्ष में लगाई गई राष्ट्रीय लोक अदालतों में 69 शिकायतों का निवारण किया गया।
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