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Rohtak News: विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ लाइफ स्किल्ज में भी दक्ष बनाएं शिक्षक
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में शिक्षा के अनुकूल वातावरण बनाने में शिक्षक महती भूमिका निभाएं और विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में अपना अहम योगदान दें। यह उद्गार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने वीरवार को इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में इमसॉर और आईएचटीएम के प्राध्यापकों से संवाद करते समय किया। कुलपति ने आईएचटीएम एवं इमसॉर के प्राध्यापकों को प्रेरित करते हुए कहा कोई भी शिक्षण संस्थान अपनी इमारत से नहीं, वहां के शिक्षकों एवं शैक्षणिक माहौल से जाना जाता है। उन्होंने इमसॉर व आईएचटीएम के शिक्षकों से नए सत्र से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ लाइफ स्किल्ज में भी दक्ष बनाने का आह्वान किया। शिक्षा के बदलते दौर के अनुसार शिक्षक खुद में वैल्यू एडिशन करें। इसका लाभ उनके साथ विद्यार्थियों को मिलेगा।
कुलपति ने इस इंटरैक्शन कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ प्रभावी टीचिंग-लर्निंग, नियमित कक्षाएं, कक्षाओं में विद्यार्थियों की हाजिरी सुनिश्चित करना, विद्यार्थियों की कैपिसिटी बिल्डिंग एवं बेहतर प्लेसमेंट समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुरेंद्र कुमार ने शिक्षकों से नई शिक्षा नीति के अनुरूप अपने सामर्थ्य को बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आईएचटीएम निदेशक प्रो. आशीष दहिया व इमसॉर निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा ने अपने संस्थानों में चल रही एडमिशन प्रक्रिया का ब्योरा दिया। भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया। इमसॉर व आईएचटीएम के शिक्षकों ने भी इस इंटरैक्शन कार्यक्रम में बेहतर शैक्षणिक संस्कृति स्थापित करने के इनपुट्स दिए।
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कुलपति ने इस इंटरैक्शन कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ प्रभावी टीचिंग-लर्निंग, नियमित कक्षाएं, कक्षाओं में विद्यार्थियों की हाजिरी सुनिश्चित करना, विद्यार्थियों की कैपिसिटी बिल्डिंग एवं बेहतर प्लेसमेंट समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुरेंद्र कुमार ने शिक्षकों से नई शिक्षा नीति के अनुरूप अपने सामर्थ्य को बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आईएचटीएम निदेशक प्रो. आशीष दहिया व इमसॉर निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा ने अपने संस्थानों में चल रही एडमिशन प्रक्रिया का ब्योरा दिया। भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया। इमसॉर व आईएचटीएम के शिक्षकों ने भी इस इंटरैक्शन कार्यक्रम में बेहतर शैक्षणिक संस्कृति स्थापित करने के इनपुट्स दिए।
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