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पानीपत से रोहतक तक तोड़े गए सभी 18 ब्रेकर, रोहतक से हिसार रूट पर अभी टूटे 20 में से आठ
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फास्टैग अनिवार्यता के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने देश की सभी सड़कें ब्रेकर रहित बनाने का फैसला लिया है। इसमें एनएचआई ने लोकल प्रशासनिक सहायता से देशभर के सभी नेशनल हाईवे से ब्रेकर हटाने का आदेश सभी टोल प्लाजा पर भेज रखा है। आदेश जारी होने के बाद दो सप्ताह के अंदर ही पानीपत से रोहतक के बीच सभी 18 ब्रेकर को हटा दिया गया है। अब पानीपत से रोहतक आने वाले वाहन चालकों को 85 किलोमीटर तक का सफर बिना ब्रेकर के गुजरेगा। उधर, रोहतक से आगे हिसार तक अभी तक 20 में से 8 ब्रेकर हटाए जा चुके हैं। रोहतक हिसार रूट पर भैणी महाराजपुर में ब्रेकर तोड़ते वक्त गांव वालों के विरोध के कारण कार्य रोकना पड़ा। टोल सीजीएम वीरेंद्र शेखावत ने बताया कि पानीपत रोहतक के प्रोजेक्ट पर सबसे पहले काम पूरा कर लिया गया है। हिसार रूट पर भी गांव वालों को जागरूक करके और प्रशासनिक सहायता से इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
रोहतक से पानीपत रूट पर सबसे पहले रूखी गांव में ब्रेकर आते हुए तीन व जाते हुए तीन कुल छह ब्रेकर थे। पानीपत के गांव शाहपुर में कुल चार ब्रेकर थे। ये ब्रेकर डिड़वाडी मोड़ पर व शाहपुर गांव की एंट्री पर थे। वहीं नोल्था में दो और डाहर चौक पर 6 ब्रेकर थे। यानी इस 85 किलोमीटर के रूट पर कुल 18 ब्रेकर थे जो हटा दिए गए हैं। जिन जगहों से ब्रेकर हटाए गए हैं वहां पर आठ एमएम मोटी थर्मोप्लास्टिक की पट्टियां बनाई जाएंगी। ये पट्टियां एक के बाद एक तीन तक बनाई जाएंगी। जिनसे वाहन अधिक गति में गुजरता है तो उसमें कंपन महसूस होगा। इससे पहले प्लास्टिक के ब्रेकर का प्रावधान था। ये बड़े-बड़े ब्रेकर अवैध थे।
आदर्श टोल मकड़ौली पर फास्टैग की व्यवस्था और ब्रेकर रहित रोड की वीडियोग्राफी भेजी जाएगी दिल्ली
आदर्श टोल मकड़ौली से फास्टैग की व्यवस्था व सिंगल कैश लेन में वाहनों की व्यवस्था और संकेतक सहित रोहतक से पानीपत तक हटाए गए ब्रेकर की वीडियोग्राफी दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी। रोहतक हिसार प्रोजेक्ट की भी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजी जाएगी। आदर्श टोल मकड़ौली की वीडियो को अन्य प्लाजाओं पर रोल मॉडल के रुप में दिखाया जाएगा।
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रोहतक पानीपत प्रोजेक्ट से सभी ब्रेकर हटा दिए गए हैं। पहले रात के समय में ब्रेकर बनाने की योजना थी, लेकिन उसे बदलकर पहले गांव वालों को सेफ्टी के प्रति जागरूक किया और फिर दिन में ये ब्रेकर हटाए। रविवार को सभी ब्रेकर हटा दिए गए। इसमें प्रशासन का सहयोग भी सराहनीय रहा। रोहतक-हिसार प्रोजेक्ट पर भी लोगों को जागरूक करके व प्रशासनिक सहायता से जल्द ही ब्रेकर हटाए जाएंगे।
- कर्नल वीरेंद्र शेखावत, सीजीएम, मकड़ौली टोल।
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रोहतक से पानीपत रूट पर सबसे पहले रूखी गांव में ब्रेकर आते हुए तीन व जाते हुए तीन कुल छह ब्रेकर थे। पानीपत के गांव शाहपुर में कुल चार ब्रेकर थे। ये ब्रेकर डिड़वाडी मोड़ पर व शाहपुर गांव की एंट्री पर थे। वहीं नोल्था में दो और डाहर चौक पर 6 ब्रेकर थे। यानी इस 85 किलोमीटर के रूट पर कुल 18 ब्रेकर थे जो हटा दिए गए हैं। जिन जगहों से ब्रेकर हटाए गए हैं वहां पर आठ एमएम मोटी थर्मोप्लास्टिक की पट्टियां बनाई जाएंगी। ये पट्टियां एक के बाद एक तीन तक बनाई जाएंगी। जिनसे वाहन अधिक गति में गुजरता है तो उसमें कंपन महसूस होगा। इससे पहले प्लास्टिक के ब्रेकर का प्रावधान था। ये बड़े-बड़े ब्रेकर अवैध थे।
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आदर्श टोल मकड़ौली पर फास्टैग की व्यवस्था और ब्रेकर रहित रोड की वीडियोग्राफी भेजी जाएगी दिल्ली
आदर्श टोल मकड़ौली से फास्टैग की व्यवस्था व सिंगल कैश लेन में वाहनों की व्यवस्था और संकेतक सहित रोहतक से पानीपत तक हटाए गए ब्रेकर की वीडियोग्राफी दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी। रोहतक हिसार प्रोजेक्ट की भी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजी जाएगी। आदर्श टोल मकड़ौली की वीडियो को अन्य प्लाजाओं पर रोल मॉडल के रुप में दिखाया जाएगा।
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रोहतक पानीपत प्रोजेक्ट से सभी ब्रेकर हटा दिए गए हैं। पहले रात के समय में ब्रेकर बनाने की योजना थी, लेकिन उसे बदलकर पहले गांव वालों को सेफ्टी के प्रति जागरूक किया और फिर दिन में ये ब्रेकर हटाए। रविवार को सभी ब्रेकर हटा दिए गए। इसमें प्रशासन का सहयोग भी सराहनीय रहा। रोहतक-हिसार प्रोजेक्ट पर भी लोगों को जागरूक करके व प्रशासनिक सहायता से जल्द ही ब्रेकर हटाए जाएंगे।
- कर्नल वीरेंद्र शेखावत, सीजीएम, मकड़ौली टोल।