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Rohtak News: बड़े पशुओं पर फोकस, छोटे पशुओं का टीकाकरण अधूरा
Sun, 06 Sep 2026 09:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 06 Sep 2026 09:42 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले में पशुओं की सुरक्षा के लिए टीकाकरण अभियान चलाया गया। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए किए गए टीकाकरण के आंकड़े विभाग की दोहरी स्थिति दिखाते हैं। बड़े पशुओं के लिए चलाए जा रहे खुरपका-दमघोंटू (एफएमडी व एचएस) अभियान में करीब 90 फीसदी से अधिक टीकाकरण लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
हालांकि, भेड़, बकरी और अन्य छोटे पशुओं को विभाग 50 फीसदी टीके भी नहीं लगा पाया। शीप पॉक्स जैसी बीमारियों के लिए होने वाला टीकाकरण जिले में कई जगह शून्य की स्थिति में है। इन इलाकों में पशु नहीं हैं। या फिर विभाग की सुस्त चाल के कारण आंकड़ा शून्य है। यह एक बड़ा सवाल है। भेड़-बकरियों में शीप पॉक्स (चेचक) के बचाव के लिए 11,000 टीकाकरण का लक्ष्य तय था लेकिन महम और लाखनमाजरा में यह आंकड़ा शून्य पर अटका हुआ है। अन्य इलाकों से भी इसका करीब 25 फीसदी ही हो पाया है।
फिड़किया रोग से बचाव के लिए लगने वाला ईटीवी टीका 23,000 के लक्ष्य में से महज 7,685 को ही लग पाया। यह लगभग 33 फीसदी है। यह रोग पशुओं की आंतों में जहर फैलने का कारण बनता है। इस रोग से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण आवश्यक है। विभाग की यह धीमी प्रगति छोटे पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है।
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बकरियों के प्लेग माने जाने वाले पीपीआर रोग से बचाव के लिए भी टीकाकरण होता है। पीपीआर रोग के लिए 8,000 टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसके मुकाबले केवल 3,700 टीके ही लगाए जा सके। यह लक्ष्य का केवल 46 फीसदी है। यह दर्शाता है कि छोटे पशुओं के स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन रोगों से पशुओं की मृत्यु दर बढ़ सकती है।
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वर्जन
विभाग के पास जितनी वैक्सीन आती है इनको ब्लॉकवार वितरित कर दिया जाता है। वैक्सीन को 100 प्रतिशत लगाया जाता है। फिर भी विभाग कई वैक्सीनेशन में पीछे है। जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।- डॉ. हितेश राठी, डिप्टी डायरेक्टर, रोहतक
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वैक्सीन के लक्ष्य पर एक नजर
वैक्सीन का नाम लक्ष्य रोहतक व कलानौर सांपला महम व लाखनमाजरा
एफएमडी व एचएस 1,99,500 1,00,886 25,575 56,859
स्वाइन फीवर 7000 1,170 2,400 1,020
ईटीवी 23,000 3,405 850 3,430
पीपीआर 8000 1800 400 1500
शीप पॉक्स 11000 2200 500 0
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रोहतक। जिले में पशुओं की सुरक्षा के लिए टीकाकरण अभियान चलाया गया। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए किए गए टीकाकरण के आंकड़े विभाग की दोहरी स्थिति दिखाते हैं। बड़े पशुओं के लिए चलाए जा रहे खुरपका-दमघोंटू (एफएमडी व एचएस) अभियान में करीब 90 फीसदी से अधिक टीकाकरण लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
हालांकि, भेड़, बकरी और अन्य छोटे पशुओं को विभाग 50 फीसदी टीके भी नहीं लगा पाया। शीप पॉक्स जैसी बीमारियों के लिए होने वाला टीकाकरण जिले में कई जगह शून्य की स्थिति में है। इन इलाकों में पशु नहीं हैं। या फिर विभाग की सुस्त चाल के कारण आंकड़ा शून्य है। यह एक बड़ा सवाल है। भेड़-बकरियों में शीप पॉक्स (चेचक) के बचाव के लिए 11,000 टीकाकरण का लक्ष्य तय था लेकिन महम और लाखनमाजरा में यह आंकड़ा शून्य पर अटका हुआ है। अन्य इलाकों से भी इसका करीब 25 फीसदी ही हो पाया है।
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फिड़किया रोग से बचाव के लिए लगने वाला ईटीवी टीका 23,000 के लक्ष्य में से महज 7,685 को ही लग पाया। यह लगभग 33 फीसदी है। यह रोग पशुओं की आंतों में जहर फैलने का कारण बनता है। इस रोग से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण आवश्यक है। विभाग की यह धीमी प्रगति छोटे पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है।
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बकरियों के प्लेग माने जाने वाले पीपीआर रोग से बचाव के लिए भी टीकाकरण होता है। पीपीआर रोग के लिए 8,000 टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसके मुकाबले केवल 3,700 टीके ही लगाए जा सके। यह लक्ष्य का केवल 46 फीसदी है। यह दर्शाता है कि छोटे पशुओं के स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन रोगों से पशुओं की मृत्यु दर बढ़ सकती है।
वर्जन
विभाग के पास जितनी वैक्सीन आती है इनको ब्लॉकवार वितरित कर दिया जाता है। वैक्सीन को 100 प्रतिशत लगाया जाता है। फिर भी विभाग कई वैक्सीनेशन में पीछे है। जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।- डॉ. हितेश राठी, डिप्टी डायरेक्टर, रोहतक
वैक्सीन के लक्ष्य पर एक नजर
वैक्सीन का नाम लक्ष्य रोहतक व कलानौर सांपला महम व लाखनमाजरा
एफएमडी व एचएस 1,99,500 1,00,886 25,575 56,859
स्वाइन फीवर 7000 1,170 2,400 1,020
ईटीवी 23,000 3,405 850 3,430
पीपीआर 8000 1800 400 1500
शीप पॉक्स 11000 2200 500 0