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यूक्रेन के बाद रूस-ब्रिटेन में फंसे हैं रोहतक के सबसे ज्यादा मेडिकल छात्र
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मेडिकल की पढ़ाई करने गए देशभर के छात्र लॉकडाउन के कारण विदेश में फंस गए हैं। वीरवार को जिले के करीब 50 छात्रों के परिवारों ने लिखिल अर्जी देकर प्रशासन से अपने बच्चों को स्वदेश लाने की गुहार लगाई है। यूक्रेन के बाद रूस व ब्रिटेन में जिले से पढ़ने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा, यूएसए, स्पेन, चीन, आस्ट्रेलिया, फिलिपिंस व नेपाल तक में छात्र फंसे हैं। रोहतक जिले से दो दिन पहले सबसे पहले घिलौड़ गांव के अनुवाक चौधरी के पिता एवं भाजपा नेता डॉ. दिनेश घिलौड़ ने सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को अर्जी दी थी कि उसके उसके बेटे को यूक्रेन से सकुशल वतन लाने की व्यवस्था की जाए, क्योंकि वहां कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है।
एक अधिकारी ने बताया कि 58 छात्रों की सूची उनके पास आ चुकी है। परिजनों ने इसमें छात्र का पासपोर्ट नंबर से लेकर विवि तक का ब्योरा दिया है। इसके बाद लिखित में अर्जी दी कि उसके बेटे या बेटी को विदेश से सकुशल घर लाया जाए। क्योंकि कोरोना संकट विदेशों में लगातार फैल रहा है, जबकि भारत में नियंत्रण में है। प्रशासन को उम्मीद है कि सूची शुक्रवार को करीब 70 पहुंच जाएगी। इसके बाद चंडीगढ़ स्थित राज्य गृह मंत्रालय को सूची भेजी जाएगी।
किस देश में कितने छात्र
देश छात्रों की संख्या
यूक्रेन 18
रूस 11
ब्रिटेन 10
नेपाल 03
अरमेनिया 03
चीन 02
फिलिपिंस 02
अमेरिका 01
जार्जिया 01
मलेशिया 01
स्पेन 01
मोलडोवा 01
कजाकिस्तान 01
कनाडा 01
ओल्ड सिटी से बेहद कम गए छात्र विदेश
अब तक प्रशासन को 58 छात्रों के परिजनों ने लिखित में पत्र देकर विदेश से स्वदेश लाने की मांग की है। इसमें 80 प्रतिशत छात्र शहर के रहने वाले हैं। इसमें भी ओल्ड सिटी के छात्रों की संख्या न के बराबर है। विदेश गए छात्रों में रामगोपाल कॉलोनी, कमला नगर, चिन्योट कॉलोनी, घनीपुरा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर 4, विशाल नगर, सेक्टर 3, बंसत विहार, एमडीयू कैंपस, डीएलएफ कॉलोनी, सूर्या नगर, सेक्टर 2, जनता कॉलोनी, प्रेम नगर, सुखपुरा चौक, रामगोपाल कॉलोनी, प्रीत विहार, सनसिटी, तिलक नगर, सेक्टर 3, नया पड़ाव नजदीक वैश्य कॉलेज, ओमेक्स सिटी और ग्रामीण एरिया से सांपला, खेड़ी महम, मोखरा, घिलौड़, सिंहपुरा, लाखनमाजरा, मकड़ौली खुर्द, किलोई व टिटौली से भी छात्रों को विदेश से लाने की अर्जी आई हैं।
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विदेश में पढ़ने गए जिन छात्रों के परिजनों ने लिखित में अर्जी दी है, उनको ब्योरा सरकार ने मांगा था। जो आवेदन प्रशासन के पास आए हैं, उनको सरकार के पास भेज रहे हैं। अब आगे सरकार तय करेगी कि छात्रों को कैसे विदेश से लाया जाए।
आरएस वर्मा, डीसी
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एक अधिकारी ने बताया कि 58 छात्रों की सूची उनके पास आ चुकी है। परिजनों ने इसमें छात्र का पासपोर्ट नंबर से लेकर विवि तक का ब्योरा दिया है। इसके बाद लिखित में अर्जी दी कि उसके बेटे या बेटी को विदेश से सकुशल घर लाया जाए। क्योंकि कोरोना संकट विदेशों में लगातार फैल रहा है, जबकि भारत में नियंत्रण में है। प्रशासन को उम्मीद है कि सूची शुक्रवार को करीब 70 पहुंच जाएगी। इसके बाद चंडीगढ़ स्थित राज्य गृह मंत्रालय को सूची भेजी जाएगी।
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किस देश में कितने छात्र
देश छात्रों की संख्या
यूक्रेन 18
रूस 11
ब्रिटेन 10
नेपाल 03
अरमेनिया 03
चीन 02
फिलिपिंस 02
अमेरिका 01
जार्जिया 01
मलेशिया 01
स्पेन 01
मोलडोवा 01
कजाकिस्तान 01
कनाडा 01
ओल्ड सिटी से बेहद कम गए छात्र विदेश
अब तक प्रशासन को 58 छात्रों के परिजनों ने लिखित में पत्र देकर विदेश से स्वदेश लाने की मांग की है। इसमें 80 प्रतिशत छात्र शहर के रहने वाले हैं। इसमें भी ओल्ड सिटी के छात्रों की संख्या न के बराबर है। विदेश गए छात्रों में रामगोपाल कॉलोनी, कमला नगर, चिन्योट कॉलोनी, घनीपुरा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर 4, विशाल नगर, सेक्टर 3, बंसत विहार, एमडीयू कैंपस, डीएलएफ कॉलोनी, सूर्या नगर, सेक्टर 2, जनता कॉलोनी, प्रेम नगर, सुखपुरा चौक, रामगोपाल कॉलोनी, प्रीत विहार, सनसिटी, तिलक नगर, सेक्टर 3, नया पड़ाव नजदीक वैश्य कॉलेज, ओमेक्स सिटी और ग्रामीण एरिया से सांपला, खेड़ी महम, मोखरा, घिलौड़, सिंहपुरा, लाखनमाजरा, मकड़ौली खुर्द, किलोई व टिटौली से भी छात्रों को विदेश से लाने की अर्जी आई हैं।
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विदेश में पढ़ने गए जिन छात्रों के परिजनों ने लिखित में अर्जी दी है, उनको ब्योरा सरकार ने मांगा था। जो आवेदन प्रशासन के पास आए हैं, उनको सरकार के पास भेज रहे हैं। अब आगे सरकार तय करेगी कि छात्रों को कैसे विदेश से लाया जाए।
आरएस वर्मा, डीसी