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35 हजार लेकर किया भर्ती फिर मरीज के परिजनों से मांगे डेढ़ लाख

Wed, 03 Mar 2021 01:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 01:46 AM IST
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After recruiting 35 thousand, again sought one and a half lakh from the patient's family members.
पानीपत का मरीज रोहतक के ‌निजी अस्पताल में उपचाराधीन। - फोटो : rohtak
रोहतक। मेडिकल मोड़ स्थित आयुष्मान भारत योजना के पैनल वाले एक निजी अस्पताल ने पानीपत से उपचार के लिए आए एक लाभार्थी मरीज से डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई और न दे पाने की एवज में उसे बाहर का रास्ता दिखाने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने आग्रह किया है कि उसके मरीज को पीएम के आयुष्मान पत्र के आधार पर दाखिल किया गया है, अब उन्हें बाहर क्यों किया जा रहा है। अस्पताल सरकार से अपना बिल क्लेम कर सकता है। यदि उसे मरीज को बीच में ही भगाना था तो पहले दाखिल क्यों किया।
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पानीपत के चुलकाना निवासी दीपक के साथ आए सतीश व मरीज के चाचा शिशपाल ने बताया कि मरीज की आयु 20 साल है और उसके सिर पर चोट लगी है। मरीज सोमवार रात साढ़े दस बजे वह खानपुर मेडिकल कॉलेज से रोहतक लाया गया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि निजी अस्पताल आयुष्मान भारत के पैनल पर है। निजी अस्पताल में तैनात आयुष्मान मित्र ने बताया कि उनका नाम लिस्ट में नहीं है, जबकि मरीज के पास पीएम का पत्र है। इस पत्र में मरीज का नाम दर्ज है। इसके बावजूद मरीज से 35 हजार रुपये जमा कराए गए। अब मंगलवार देर रात अस्पताल प्रशासन कह रहा है कि वह लाख या डेढ़ लाख रुपये जमा कराएं। उन्होंने मरीज का ऑपरेशन कर दिया है। यदि वह रुपये जमा नहीं कराते तो अपना मरीज ले जाएं। अस्पताल पुलिस बुलाने की धमकी तक दे रहा है।
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बोले अधिकारी
यदि व्यक्ति के पास पीएम का पत्र है तो समस्या नहीं होनी चाहिए। कार्ड एक दिन में बन जाता है और पैनल वाला अस्पताल तीन दिन तक बिल क्लेम कर सकता है। यह भी देखना है कि अस्पताल न्यूरोसर्जरी के पैनल पर है या नहीं। यदि अस्पताल इसके लिए पैनल पर नहीं है तो उसे मरीज को दाखिल ही नहीं करना था। इस संबंध में यदि कोई शिकायत मिलती है तो अस्पताल पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. दिनेश गर्ग, जिला नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना
मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। यदि किसी को समस्या है तो अस्पताल के खिलाफ लिखित में शिकायत दें, हम जांच के बाद कार्रवाई जरूर करेंगे।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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