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प्रशासन का रुख फिर किला रोड बाजार की ओर
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किला रोड बाजार की तरफ अभी भी प्रशासन की भृकुटी तनी हुई है। छज्जों को गिराने के लिए नगर निगम की टीम कभी भी पहुंच सकती है। यही नहीं, अपनी हद में दुकान नहीं समेटने वालों की सूची बनाई जा रही है। तय हुआ है कि छज्जे गिराने के साथ-साथ दुकानों को हद तक समेटा जाएगा।
शहर का प्रमुख बाजार किला रोड बाजार है, जहां तमाम प्रयासों के बाद भी जाम की समस्या न खत्म हुई और न अतिक्रमण हटा। 7 अप्रैल को एक दुकान में आग लगने पर जब दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची तो प्रशासन ने शहर के बाजारों को अतिक्रमणमुक्त करने का फैसला लिया। जिसके चलते 16 अप्रैल को निगम ने करीब 300 दुकानों के आगे से स्थायी अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए। 17 अप्रैल को दुकानदार सड़क पर सीढ़ी बनाने की मांग करने लगे।
18 अप्रैल को उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। किला रोड बाजार के छह से सात फुट आगे निकले छज्जे सात दिन में हटवा लें। इसके बाद प्रशासन खुद छज्जों को तोड़ने का काम करेगा। हिदायत के सात दिन खत्म होने के बाद भी किला रोड बाजार के दुकानदारों ने अभी तक अपनी दुकानें हद में नहीं समेटी है। सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण किया जा रहा है। उपायुक्त की हिदायत के बाद भी छह-सात फुट आगे निकले छज्जों को नहीं तोड़ा गया है।
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वहीं, दूसरी तरफ प्रशासन की टीम लगातार किला रोज बाजार की निगरानी कर रही है। नजर रखी जा रही है कि किस दुकानदार ने दुकान अपनी हद में समेटी है और किस ने नहीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने जल्द ही किला रोड बाजार में दोबारा से अभियान चलाने का फैसला लिया है। जिसके तहत न सिर्फ बचा हुआ अतिक्रमण तोड़ा जाएगा, बल्कि छज्जों को भी गिराया जाएगा।
किला रोड बाजार के दुकानदारों को उपायुक्त द्वारा दिया गया गया सात दिन का अल्टीमेटम खत्म हो गया है। टीम निगरानी कर रही है कि किस-किस ने दुकान अपनी हद में समेटी है। जल्द ही छज्जों को गिराने के लिए अभियान चलेगा, जिसके साथ ही दुकानों को हद तक तोड़कर समेटा जाएगा। डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त रोहतक।
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शहर का प्रमुख बाजार किला रोड बाजार है, जहां तमाम प्रयासों के बाद भी जाम की समस्या न खत्म हुई और न अतिक्रमण हटा। 7 अप्रैल को एक दुकान में आग लगने पर जब दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची तो प्रशासन ने शहर के बाजारों को अतिक्रमणमुक्त करने का फैसला लिया। जिसके चलते 16 अप्रैल को निगम ने करीब 300 दुकानों के आगे से स्थायी अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए। 17 अप्रैल को दुकानदार सड़क पर सीढ़ी बनाने की मांग करने लगे।
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18 अप्रैल को उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। किला रोड बाजार के छह से सात फुट आगे निकले छज्जे सात दिन में हटवा लें। इसके बाद प्रशासन खुद छज्जों को तोड़ने का काम करेगा। हिदायत के सात दिन खत्म होने के बाद भी किला रोड बाजार के दुकानदारों ने अभी तक अपनी दुकानें हद में नहीं समेटी है। सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण किया जा रहा है। उपायुक्त की हिदायत के बाद भी छह-सात फुट आगे निकले छज्जों को नहीं तोड़ा गया है।
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वहीं, दूसरी तरफ प्रशासन की टीम लगातार किला रोज बाजार की निगरानी कर रही है। नजर रखी जा रही है कि किस दुकानदार ने दुकान अपनी हद में समेटी है और किस ने नहीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने जल्द ही किला रोड बाजार में दोबारा से अभियान चलाने का फैसला लिया है। जिसके तहत न सिर्फ बचा हुआ अतिक्रमण तोड़ा जाएगा, बल्कि छज्जों को भी गिराया जाएगा।
किला रोड बाजार के दुकानदारों को उपायुक्त द्वारा दिया गया गया सात दिन का अल्टीमेटम खत्म हो गया है। टीम निगरानी कर रही है कि किस-किस ने दुकान अपनी हद में समेटी है। जल्द ही छज्जों को गिराने के लिए अभियान चलेगा, जिसके साथ ही दुकानों को हद तक तोड़कर समेटा जाएगा। डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त रोहतक।