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सात नहीं, 10 लोगों की हत्या करना चाहता था आरोपी रेसलिंग कोच, कॉल करने पर तीन नहीं आए घर से बाहर

Tue, 16 Feb 2021 02:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 02:11 AM IST
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Accused Wrestling Coach wanted to kill not seven but 10 people, three did not come out of the house to call
घायल कोच अमरजीत
अमन वर्मा
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रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड की परतें उखड़ने लगी हैं। सोमवार को जहां रोहतक पुलिस तिहाड़ जेल में बंद पांच लोगों की हत्या के आरोपी सुखविंदर को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई, दूसरी तरफ गोली लगने से घायल अमरजीत ने भी अपना मुंह खोला। साथ ही खुलासा हुआ है कि आरोपी रेसलिंग कोच 7 नहीं, बल्कि 10 लोगों की हत्या करना चाहता था। उसने महिला पहलवान सहित तीन और लोगों को भी कॉल करके बुलाया था, लेकिन वे आरोपी की बातों नहीं आए।
हत्याकांड की जांच एसआईटी ने जिला अदालत में याचिका दायर की थी कि जाट कालेज अखाड़ा हत्याकांड का आरोपी दिल्ली की तिहाड़ जेल में आर्म्ज एक्ट के तहत बंद है। उसे वारदात की जांच के लिए हिरासत में लेने की अनुमति दी जाए। कोर्ट की अनुमति से सोमवार दोपहर पुलिस दिल्ली पहुंची और आरोपी को शाम छह बजे हिरासत में लेकर रोहतक आई। उसे तत्काल इलाका मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।
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महिला पहलवान सहित तीन नहीं आए झांसे में, बच गई जान
मामले की जांच से सामने आया है कि वारदात के समय आरोपी सुखविंदर के सिर पर खून सवार था। उसने एका-एक ऐसे 10 लोगों को चयनित किया था, जिनकी उसने हत्या करनी थी। कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, इनका 3 साल का बेटा सरताज, कोच सतीश दलाल, पूजा खिलाड़ी, कोच प्रदीप सहित कोच अमरजीत को गोली मारने के अलावा भी आरोपी की ब्लैक लिस्ट में तीन और नाम शामिल थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोच अमरजीत को फोन करने के अलावा आरोपी सुखविंदर ने एक महिला खिलाड़ी और 2 अन्य लोगों को भी फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। तीनों को उसने कई बार फोन किए, लेकिन वे आरोपी की बातों में नहीं आए।
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सुखविंदर ने मुझे नहीं, मेरी 20 साल की दोस्ती को गोली मारी
शुक्रवार का दिन मैं जिंदगी भर नहीं भूल पाउंगा। क्योंकि उस दिन गोली मुझ पर नहीं, बल्कि मेरी 2001 से अभी तक की दोस्त पर गोली लगी थी। सुखविंदर से मेरी मुलाकात साल 2001 में हुई थी। जब हम पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक के जींद के निडानी गांव स्थित कुश्ती अखाड़े में थे। सुखविंदर मेरा जूनियर था। 2008 में सुखविंदर की पहचान मनोज मलिक के साथ हुई थी। वहां के बाद सुखविंदर, मनोज और सतीश दलाल ने मिलकर अखाड़ा चलाया। हम सब 2008 में रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े में कोचिंग देने लगे। कई तरह की शिकायतों के चलते 2016 में मेहर सिंह अखाड़े से सुखविंदर को मैंने निकाल दिया था। क्योंकि उस वक्त पहलवान मेहर सिंह ने मुझे अखाड़े के हर महत्वपूर्ण फैसले लेने की छूट दी हुई थी। इसके बाद से सुखविंदर से मिलना जुलना कम हो गया था। मगर 2016 से अभी तक जब भी कही बाहर मिलना होता था तो सुखविंदर नमस्ते कह कर संबोधित करता था।
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कोच साहब आओ, कहकर गोली मार दी
अमरजीत ने बताया कि शुक्रवार शाम मैं मेहर सिंह अखाड़े में बैठा था। शाम के करीब सवा 7 बजे मेरे पास सुखविंदर का फोन आया। जिसने मुझे बहुत ही दुखी आवाज में कहा कि कोच साहब मैं बहुत परेशान हूं। मुझे जाट कॉलेज अखाड़ा से निकाल दिया है। आप या तो मेरा इनसे समझौता करवा दीजिए या फिर आप अपने अखाड़े में मुझे नौकरी दे दीजिए। बात हो जाने के बाद मैंने कहा कि चलो फिर करूंगा बात। कुछ ही सैकेंड बाद उसका फिर से फोन आया और कहा कि कोच साहब मैं अखाड़े में आ रहा हूं, आपसे मिलना है और फोन काट दिया। फिर कॉल मैंने की और कहा कि चल तू मत आ, मैं ही आता हूं, बाहर मिल लेंगे। जिस पर सुखविंदर ने कहा कि वह एमकेजेके महाविद्यालय के बाहर खड़ा हूं। मैं वहां गया और हॉर्न देकर सुखविंदर को अपनी कार के पास आने का इशारा किया। वह मेरी ड्राइविंग सीट के पास आने लगा तो मैंने उसे परिचालक सीट की ओर आने के बारे में कहा। मैंने वह खिड़की खोल दी। वह खिड़की से कार के भीतर आया और मुझे कोच साहब कह कर ललकारा। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने एक दम मुझ पर गोली चला दी। गोली मारने के बाद उसने कहा कि वह मनोज कोच सहित छह लोगों को गोली मारकर आया है। अगर आप बच गए तो फिर कभी आपको भी मार दूंगा। इसके बाद वह कार से नीचे उतर कर पैदल पैदल भाग गया।

- जैसा कि गुरुग्राम के निजी अस्पताल में भर्ती घायल कोच अमरजीत ने अमर उजाला से बातचीत में बताया।

 सोमवार को सील अखाड़ा । अमर उजाला

सोमवार को सील अखाड़ा । अमर उजाला- फोटो : RohtakCity

आरोपी सुखविंदर को टांजिक रिमांड पर लाने को लेकर जिला न्यायालय के बाहर खड़े सीआईए के जवान। अमर उजा

आरोपी सुखविंदर को टांजिक रिमांड पर लाने को लेकर जिला न्यायालय के बाहर खड़े सीआईए के जवान। अमर उजा- फोटो : RohtakCity

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