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Rohtak News: बजरंग-दीपक के अखाड़े में तैयार हो रही चैंपियनों की नई पौध

Sat, 29 Aug 2026 01:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:41 AM IST
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A new crop of champions is being groomed in the arena of Bajrang and Deepak.
फोटो-57: अखाड़ा संचालक एवं कोच आर्य वीरेंद्र दलाल।
बहादुरगढ़। हरियाणा की मिट्टी ने देश को कुश्ती के कई बड़े सितारे दिए हैं। बहादुरगढ़ के छारा गांव स्थित लाला दीवान चंद आधुनिक कुश्ती एवं योग केंद्र यानी वीरेंद्र अखाड़ा इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। जिस अखाड़े ने ओलिंपियन बजरंग पूनिया और दीपक पूनिया जैसे पहलवान दिए, वहां अब चैंपियनों की नई पौध तैयार हो रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर अखाड़े में अभ्यास कर रहे युवा पहलवानों के सपने और संघर्ष इसकी तस्वीर बयां करते हैं।
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टोक्यो ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया ने यहां शुरुआती दिनों में कुश्ती के दांव-पेच सीखे, जबकि राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और ओलिंपियन दीपक पूनिया ने भी इसी अखाड़े में अभ्यास कर प्रतिभा निखारी। दोनों की उपलब्धियां यहां पसीना बहा रहे युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
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कोच आर्य वीरेंद्र दलाल के संचालन में अखाड़े में मिट्टी और मैट दोनों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। शुरुआती स्तर पर प्रतिभाओं को तराशकर उन्हें बड़े प्रशिक्षण केंद्रों और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। वर्तमान में जूनियर स्तर के कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उभरते पहलवान यहां अभ्यास कर रहे हैं। साई डे-बोर्डिंग योजना के सहयोग से 12 से 18 वर्ष तक के सैकड़ों बच्चों को कुश्ती की कोचिंग और डे-बोर्डिंग सुविधाएं मिल रही हैं। 100 से अधिक युवा पहलवान सुबह-शाम अभ्यास करते हैं।
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वर्ष 1996 में शुरू हुआ यह अखाड़ा 28 दिसंबर 2023 को भी सुर्खियों में आया था, जब राहुल गांधी यहां पहुंचे और बजरंग पूनिया के साथ पहलवानों के बीच मैट पर कुश्ती के दांव-पेच सीखे थे।


कोच वीरेंद्र दलाल के अनुसार खिलाड़ियों के खेल के साथ शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाता है। इसके लिए दंडी स्वामी गुरु विरजानंद पुस्तकालय की सुविधा है। पहलवानों को पौष्टिक और जैविक भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है। उनका उद्देश्य गांव और आसपास की प्रतिभाओं को अनुशासन और बेहतर प्रशिक्षण के जरिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
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फोटो-57: अखाड़ा संचालक एवं कोच आर्य वीरेंद्र दलाल।

फोटो-57: अखाड़ा संचालक एवं कोच आर्य वीरेंद्र दलाल।

फोटो-57: अखाड़ा संचालक एवं कोच आर्य वीरेंद्र दलाल।

फोटो-57: अखाड़ा संचालक एवं कोच आर्य वीरेंद्र दलाल।

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