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नगर निगम प्रशासन की लापरवाही,
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:16 AM IST
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फ्लैग : नगर निगम की लापरवाही, अब बांट रहे प्रॉपर्टी टैक्स का बिल
हेडिंग : 65 हजार प्रॉपर्टी मालिक को नहीं मिला ब्याज माफी का हक
- निवर्तमान पार्षदों ने की डीटीपी से शिकायत
- टैक्स ऑफिसर बोले, मई माह में हड़ताल के चलते नहीं बंट सके पूरे बिल
- निजी एजेंसी को 15 जुलाई तक बिल बांटने का दिया हुआ है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम की लापरवाही के चलते शहर के 65 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को सात साल के ब्याज की माफी का हक नहीं मिल सका है। क्योंकि निगम ने अभी तक उनके बिल घर नहीं पहुंचाए हैं। मामले को लेकर निगम के निवर्तमान पार्षद निगम कार्यालय पहुंचे, जहां निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व डीएमसी न मिलने पर डीटीपी के सामने विरोध जताया। डीटीपी ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों ने कहा कि मई माह में 16 दिन की हड़ताल के चलते समय पर बिल नहीं बांटे जा सके।
रिकॉर्ड के मुताबिक, निगम में 2011 के सर्वे के मुताबिक 1 लाख 75 हजार प्रॉपर्टी यूनिट हैं। इनमें से 70 प्रतिशत रिहायशी, जबकि 20 प्रतिशत कॉमर्शियल और 10 प्रतिशत संस्था, सरकारी कार्यालय व धार्मिक संस्थान हैं। निगम ने जून माह में पत्र जारी कर बताया था कि जो व्यक्ति 30 जून तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएंगे, उनसे 2011 से 2018 तक का ब्याज नहीं लिया जाएगा। साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष के टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। काफी लोगों ने इस योजना का फायदा उठाया और निगम के खाते में 4 करोड़ से ज्यादा टैक्स जमा हुआ। यह राशि और भी बढ़ सकती थी, लेकिन निगम ने अभी पूरे बिल ही नहीं वितरित किए हैं।
एक लाख 15 हजार ही बांटे गए बिल
निगम की टैक्स ब्रांच ने निजी एजेंसी को बिल वितरण का कार्य दिया हुआ है। एजेंसी ने मंगलवार तक एक लाख 75 हजार में से एक लाख 15 हजार प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटे हैं। इस तरह 65 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को ब्याज माफी का हक नहीं मिल सका। जबकि 30 जून को ब्याज माफी योजना की समय सीमा पूरी हो चुकी है।
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मंगलवार को आए बिल, अब निगम नहीं कर रहा ब्याज माफ
बाबरा मोहल्ला निवासी गोविंद, कुलदीप, प्रधाना मोहल्ला निवासी शिव व खारी कुंई निवासी श्रीराम ने बताया कि उनका बिल मंगलवार को आया है। जब वे निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने गए तो निगम के कर्मचारियों ने ब्याज माफ करने से मना कर दिया। कहा कि, यह सुविधा 30 जून तक ही थी। निगम बिल अब भेज रहा है तो वे पहले कहां से टैक्स जमा करवाएं।
डीटीपी से मिले निगम के निवर्तमान पार्षद, अधिकारी बोले, मई में हड़ताल से आई दिक्कत
मामले को लेकर निगम के निवर्तमान पार्षद अशोक खुराना व पूर्व पार्षद नरोतामल भटनागर मंगलवार को निगम कार्यालय पहुंचे, लेकिन निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व डीएमसी ऑफिस में मौजूद नहीं थे। इसके चलते डीटीपी कृष्ण कुमार वार्ष्णेय से मिले और पूरे मामले से अवगत करवाया। डीटीपी ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को तलब किया। अधिकारियों ने बताया कि 9 से 26 मई तक निगम के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस कारण प्लानिंग के तहत प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटने में देरी हुई।
आम पब्लिक न केवल ऑनलाइन बिल निकाल सकती है, बल्कि सार्वजनिक तौर पर ब्याज माफी योजना की अंतिम तिथि 30 जून जारी कर दी थी। दूसरा, मई माह में हड़ताल के चलते समय पर प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटने का काम शुरू नहीं हो सका। इस कारण दिक्कत आई है।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर
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फ्लैग : नगर निगम की लापरवाही, अब बांट रहे प्रॉपर्टी टैक्स का बिल
हेडिंग : 65 हजार प्रॉपर्टी मालिक को नहीं मिला ब्याज माफी का हक
- निवर्तमान पार्षदों ने की डीटीपी से शिकायत
- टैक्स ऑफिसर बोले, मई माह में हड़ताल के चलते नहीं बंट सके पूरे बिल
- निजी एजेंसी को 15 जुलाई तक बिल बांटने का दिया हुआ है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम की लापरवाही के चलते शहर के 65 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को सात साल के ब्याज की माफी का हक नहीं मिल सका है। क्योंकि निगम ने अभी तक उनके बिल घर नहीं पहुंचाए हैं। मामले को लेकर निगम के निवर्तमान पार्षद निगम कार्यालय पहुंचे, जहां निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व डीएमसी न मिलने पर डीटीपी के सामने विरोध जताया। डीटीपी ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों ने कहा कि मई माह में 16 दिन की हड़ताल के चलते समय पर बिल नहीं बांटे जा सके।
रिकॉर्ड के मुताबिक, निगम में 2011 के सर्वे के मुताबिक 1 लाख 75 हजार प्रॉपर्टी यूनिट हैं। इनमें से 70 प्रतिशत रिहायशी, जबकि 20 प्रतिशत कॉमर्शियल और 10 प्रतिशत संस्था, सरकारी कार्यालय व धार्मिक संस्थान हैं। निगम ने जून माह में पत्र जारी कर बताया था कि जो व्यक्ति 30 जून तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएंगे, उनसे 2011 से 2018 तक का ब्याज नहीं लिया जाएगा। साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष के टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। काफी लोगों ने इस योजना का फायदा उठाया और निगम के खाते में 4 करोड़ से ज्यादा टैक्स जमा हुआ। यह राशि और भी बढ़ सकती थी, लेकिन निगम ने अभी पूरे बिल ही नहीं वितरित किए हैं।
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एक लाख 15 हजार ही बांटे गए बिल
निगम की टैक्स ब्रांच ने निजी एजेंसी को बिल वितरण का कार्य दिया हुआ है। एजेंसी ने मंगलवार तक एक लाख 75 हजार में से एक लाख 15 हजार प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटे हैं। इस तरह 65 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को ब्याज माफी का हक नहीं मिल सका। जबकि 30 जून को ब्याज माफी योजना की समय सीमा पूरी हो चुकी है।
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मंगलवार को आए बिल, अब निगम नहीं कर रहा ब्याज माफ
बाबरा मोहल्ला निवासी गोविंद, कुलदीप, प्रधाना मोहल्ला निवासी शिव व खारी कुंई निवासी श्रीराम ने बताया कि उनका बिल मंगलवार को आया है। जब वे निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने गए तो निगम के कर्मचारियों ने ब्याज माफ करने से मना कर दिया। कहा कि, यह सुविधा 30 जून तक ही थी। निगम बिल अब भेज रहा है तो वे पहले कहां से टैक्स जमा करवाएं।
डीटीपी से मिले निगम के निवर्तमान पार्षद, अधिकारी बोले, मई में हड़ताल से आई दिक्कत
मामले को लेकर निगम के निवर्तमान पार्षद अशोक खुराना व पूर्व पार्षद नरोतामल भटनागर मंगलवार को निगम कार्यालय पहुंचे, लेकिन निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व डीएमसी ऑफिस में मौजूद नहीं थे। इसके चलते डीटीपी कृष्ण कुमार वार्ष्णेय से मिले और पूरे मामले से अवगत करवाया। डीटीपी ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को तलब किया। अधिकारियों ने बताया कि 9 से 26 मई तक निगम के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस कारण प्लानिंग के तहत प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटने में देरी हुई।
आम पब्लिक न केवल ऑनलाइन बिल निकाल सकती है, बल्कि सार्वजनिक तौर पर ब्याज माफी योजना की अंतिम तिथि 30 जून जारी कर दी थी। दूसरा, मई माह में हड़ताल के चलते समय पर प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटने का काम शुरू नहीं हो सका। इस कारण दिक्कत आई है।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर