फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   ओस की बूंदों से बढ़े फाल्ट, 12 घंटे मिल रही बिजली आपूर्ति

ओस की बूंदों से बढ़े फाल्ट, 12 घंटे मिल रही बिजली आपूर्ति

Sun, 07 Jan 2018 01:02 AM IST
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:02 AM IST
विज्ञापन
ओस की बूंदों से बढ़े फाल्ट, 12 घंटे मिल रही बिजली आपूर्ति
ओस की बूंदों से बढ़े फाल्ट, 12 घंटे मिल रही बिजली आपूर्ति
विज्ञापन

चरखी दादरी।
गहरी धुंध के साथ गिरने वाली ओस की बूंदों से बिजली लाइनों में धड़ाधड़ फॉल्ट आ रहे हैं और इससे जिले के बिजली उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धुंध के साथ ओस की बूंदें जब बिजली के ज्वाइंटों पर गिरती हैं तो स्पार्किंग हो जाती हैं इससे पूरी लाइन में फॉल्ट आ जाता है। इस फॉल्ट को ठीक करने के लिए पावर कट के लिए परमिट लेना पड़ता है। कई बार तो फॉल्ट का पता दो से तीन घंटे में चल पाता है। जब पूरी लाइन की पेट्रोलियम की जाती है तब जाकर खराबी का पता चल पाता है। शहर में काफी जगह जमीन पर ही ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। एक ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ने पर उसके साथ ही दूसरा ट्रांसफार्मर रख दिया जाता है ताकि जैसे-तैसे लोड को कम किया जा सके। एक बार फॉल्ट आ जाने पर उसे ठीक करने के लिए परमिट लेने पर आसपास की कई कालोनियों में बिजली गायब हो जाती है। इस समय निगम अधिकारियों ने जिले में एक दर्जन से अधिक एफआरटी (फॉल्ट रिमूविंग टीम) गठित की हुई हैं। इन टीमों में करीब 125 कर्मचारी हैं जो फॉल्टों को मौके पर पहुंचकर दुरुस्त करते हैं।
आलम यह है कि हर 24 घंटे में दर्जन भर से ज्यादा फॉल्ट भी आ रहे हैं। इससे शहर में रोजाना एक फीडर जवाब दे जाता है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं की फॉल्ट संबंधी शिकायतें बढ़कर दोगुना हो गई हैं और बिजली निगम कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिजली खराबी की वजह से बाजारी कारोबार भी 50 फीसदी तक प्रभावित है। खासकर टेलर, मोबाइल, इलेक्टोनिक्स व स्वर्णकार मार्केट इससे अधिक प्रभावित है। व्यापार मंडल एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित अन्य यूनियनें भी निगम अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार करने की गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन अभी तक जिले के लोगों की बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतें दूर नहीं हुई हैं। बिजली के अघोषित कटों से शहर में पेयजल आपूर्ति का टाइमटेबल भी चरमरा गया हैै। शहर के साथ-साथ बौंदकलां व बाढड़ा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और इसके चलते लोग कई दफा विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
विज्ञापन

वहीं शहर में इस समय 963 लाल रंग के ट्रांसफार्मर व करीब 1300 पुराने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। शहर में इस समय बिजली के लंबे फॅाल्ट निगम कर्मचारियों के साथ उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा परेशानी का कारण बनने लगे हैं। कर्मचारियों का छह से आठ घंटे तक का समय फॉल्ट ठीक करने में ही गुजर रहा है। लाइन ठीक करने के लिए परमिट भी लेने पड़ते हैं इससे बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मरों की संख्या 963 है। यह ट्रांसफार्मर मोटी केबल से कनेक्ट हैं। इतना ही नहीं शहर में करीब 13 सौ पुराने ट्रांसफार्मर भी हैं जिनमें से करीब 30 प्रतिशत ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। जगह-जगह कालोनियों में पुरानी तारें लटकती देखी जा सकती हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार गहरी धुंध छाए रहने से बिजली फॉल्ट बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपभोक्ताओं की शिकायतें 60 से बढ़कर पहुंची 125
बिजली आपूर्ति चरमरा जाने पर उपभोक्ताओं की शिकायतें भी रोजाना बढ़ने लगी हैं। इन शिकायतों की संख्या अब दोगुना से अधिक हो गई है। शहर में रोजाना औसतन 60 से 65 शिकायतें आती थीं लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर सवा सौ से पार जा पहुंची है। ऐसे में बिजली कर्मचारियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बिजली लोड भी बढ़ा रहा परेशानियां
शहर में रोजाना तीन लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। पावर हाउस की क्षमता 950 एंपीयर है लेकिन लोड बढ़ जाने पर यह अक्सर 850 एंपीयर तक ही लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने पर पावर कट लगानी पड़ती है तब जाकर सामान्य बन पाता है।
कंडम ट्रांसफार्मर नहीं हो रहे चेंज
बिजली निगम ने पिछले दिनों योजना तैयार की थी कि जहां भी कोई ट्रांसफार्मर आउटपुट नहीं दे रहा है या औसत से कम आउटपुट दे रहा है उसे चेंज कर दिया जाएगा। शहर के विभिन्न भागों में वर्षों पुराने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं जो औसत से काफी कम आउटपुट दे रहे हैं। इनमें बार-बार फॉल्ट भी आ रहे हैं। इनकी समय- समय पर मैंटनेंस कर जैसे-तैसे काम चलाया जाता है। कंडम ट्रांसफार्मरों को चेंज नहीं किया जा रहा है।
--बिजली दिन में घंटों गुल रहती है। इस कारण स्वर्णकार मार्केट का काम बुरी तरह प्रभावित है। तय समय पर ऑर्डर न दे पाने पर ग्राहक इन्हें कैंसिल तक कर रहे हैं। मार्केट का करीब 70 फीसदी कारोबार इस समय प्रभावित है।
सुरेश सोनी, स्वर्णकार संघ प्रधान
--बिजली कटों के चलते मोबाइल एसोसिएशन का कारोबार पूर्णतया प्रभावित है। न तो रिपेयरिंग कर पा रहे हैं और ना ही कोई अन्य काम। निगम अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। मार्केट का कारोबार 80 फीसदी प्रभावित है।
संदीप फौगाट, मोबाइल मार्केट एसोसिएशन प्रधान
बिजली के फॉल्ट के कारण सारा काम प्रभावित रहता है। बिना बिजली के काम में काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। कई दफा ग्राहक को घंटों तक इंतजार भी करना पड़ता है। सर्दी के मौसम में ये हाल है तो गर्मियों में समस्या अधिक बढ़ जाएगी।

नरेश, फोटो स्टूडियो संचालक
बिजली फॉल्ट की समस्या पिछले काफी समय से बनी हुई है। विभाग फॉल्टों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। बिजली कटों से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। रात के समय भी बिजली किल्लत रहने से परेशानियां कम नहीं हो रही है।
राजेश, दुकानदार
== वर्जन-
खराब मौसम की वजह से फॉल्ट आ रहे हैं। कर्मचारी फॉल्ट आने पर ठीक कर देते हैं। बिजली आपूर्ति में व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। हमने एफआरटी
एसडीओ विक्रम सिंह, बिजली निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed