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निगम की वार्डबंदी को लेकर हुई मीटिंग

Wed, 20 Dec 2017 02:53 AM IST
Updated Wed, 20 Dec 2017 02:53 AM IST
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निगम की वार्डबंदी को लेकर हुई मीटिंग
नगर निगम की वार्ड बंदी के लिए एडहॉक कमेटी में चार पार्षदा और एक पूर्व पार्षद शामिल
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मंत्री के नजदीकी रहे खुराना नजर अंदाज, टाटू के आए अच्छे दिन

- अजय जैन कमेटी में शामिल, कांग्रेस से सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा को भी मिली जगह
- मीटिंग में लगी मोहर, निगम आयुक्त लेकर आए थे सूची
- मेयर बोलीं, हर जाति को मिला प्रतिनिधित्व, डीसी बोले नियमों के तहत दी जगह
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर गठित एडहॉक कमेटी में निगम की सीनियर डिप्टी मेयर मंजु हुड्डा के अलावा भाजपा पार्षद जयकिशन रोजोतिया, पूनम किलोई, अजय जैन उर्फ टाटू और नगर परिषद के पूर्व पार्षद अशोक सिक्का को शामिल कर लिया गया है। डीसी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में निगम आयुक्त प्रदीप डागर कमेटी में शामिल पार्षदों की सूची लेकर आए थे। डीसी ने बताया कि कमेटी की मोहर लगने के बाद वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब शहरी निकाय विभाग नोटिफिकेशन जारी करके आगे की प्रक्रिया की तिथि जारी करेगा।
शाम करीब पांच बजे डीसी ऑफिस में एडहॉक कमेटी की मीटिंग शुरू हुई। मीटिंग में डीसी डाक्टर यश गर्ग, निगम आयुक्त प्रदीप डागर, मेयर रेनू डाबला और शहरी निकाय विभाग के निदेश के प्रतिनिधि के तौर पर डिप्टी डायरेक्टर रणजीत पाराशर शामिल हुई। मीटिंग में पांचों सदस्यों को सर्वसम्मति से शामिल कर लिया गया।
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खुराना फिर नजर अंदाज
कभी सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के बेहद करीबी अशोक खुराना को अब भी अच्छे दिनों का इंतजार है। माना जा रहा था कि दशकों से भाजपा से जुड़े खुराना की भी सरकार सुध लेगी। खासकर नगर निगम के मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी, क्योंकि वे न केवल पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वार्ड से जीतकर आए थे, जबकि उनकी पत्नी भी पार्षद रह चुकी है। इसके बावजूद कमेटी में उनका नाम नहीं आया। खुराना का कहना है कि उन्हें इसकी उम्मीद भी नहीं थी।
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टाटू के आ गए अच्छे दिन
लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे अजय जैन टाटू रेलवे रोड के व्यापारी हैं। हालांकि वे समय-समय पर खुलकर बयानबाजी करते रहे हैं। निगम की मीटिंग में तो उनकी तत्कालीन डीसी अतुल कुमार से गरमा-गर्मी भी हो गई थी। रेलवे रोड प्रकरण के बाद से वे खामोश हैं। हालांकि अब उनके अच्छे दिन आ गए हैं। न केवल उन्हें एडहॉक कमेटी में शामिल कर लिया गया है, बल्कि सिटी थाने में दर्ज केस भी रद्द हो गया है। पूछने पर अजय जैन ने बताया कि उन्हें कमेटी में शामिल होने की कोई सूचना नहीं है। निगम मेयर रेनू डाबला का कहना है कि टाटू को अल्पसंख्यक वर्ग से होने के चलते जगह मिली है।

कांग्रेसी रहीं पूनम किलोई को भी कमेटी में शामिल
नगर निगम के वार्ड नंबर 18 से पार्षद पूनम किलोई को भी एडहॉक कमेटी में शामिल किया गया है। निगम चुनाव में पूनम किलोई ने सामान्य सीट पर जीत हासिल की थी। पहले उन्हें कांग्रेस समर्थित माना जाता था। वे मेयर की दौड़ में भी थी। हालांकि प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पूनम किलोई और उनके पति पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। सूरजमल किलोई को न केवल मंत्री मनीष ग्रोवर के नजदीकी लोगों में माना जाता है, बल्कि वे कलानौर हलके से चुनाव की भी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि मेयर रेनू डाबला का कहना है कि एससी समुदाय व महिला होने के नाते पूनम को एडहॉक कमेटी में शामिल किया गया है।

बुजुर्ग पार्षद जयकिशन को भी मिली जगह
भाजपा के चुनाव चिन्ह के बिना भी जीत हासिल करने वाले निगम पार्षद जयकिशन राजोतिया को भी एडहॉक कमेटी में शामिल किया गया है। राजोतिया लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन उन्होंने पिछला चुनाव आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था। वार्ड में लोग पार्टी से ऊपर उठकर उनको वोट देते रहे हैं। मेयर ने बताया कि जयकिशन राजोतिया को बीसी समुदाय का प्रतिनिधित्व दिया गया है।

कमेटी में नाम सुनकर कांग्रेसी से भाजपाई हुए सिक्का भी चौंके
एडहॉक कमेटी में शामिल नगर परिषद के पूर्व पार्षद अशोक सिक्का का नाम जरूर चौंकाने वाला रहा। सिक्का को इसकी भनक तक नहीं थी। सिक्का 2005 से 2010 तक नगर परिषद के वार्ड नंबर 24 से पार्षद रहे। उनका एरिया आजकल निगम के वार्ड नंबर 12 में आता है, जहां से कांग्रेसी गुलशन ईशपुनियानी पार्षद हैं। सिक्का बीच में भाजपा छोड़कर कांग्रेसी हो गए थे। हालांकि विधानसभा चुनाव से पहले ही वे भाजपा में आ गए। सिक्का का कहना है कि कुछ गलतफहमी के चलते मनमुटाव हो गया था। गलती उनकी ही थी।

जाट समुदाय को भी मिला प्रतिनिधित्व
प्रदेश के अंदर दंगों के बाद से जातिगत राजनीति बेहद हावी है। किसी तरह के सवाल न उठे और हर जाति को प्रतिनिधित्व मिल जाए। इसके चलते निगम की सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा को एडहॉक कमेटी में शामिल किया गया है। जो जाट समुदाय से आती हैं।

एडहॉक कमेटी में खुद ही देेने होंगे सुझाव
निगम की वार्डबंदी के लिए गठित एडहॉक कमेटी में सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, पार्षद पूनम किलोई को शामिल किया गया है। अक्सर निगम की हाउस की मीटिंग में मंजू के पति बिजेंद्र हुड्डा और पूनम के पति सूरजमल किलोई साथ आते रहे हैं, लेकिन एडहॉक कमेटी में ऐसा नहीं हो सकता। ऐसे में दोनों को खुद ही सुझाव देने होंगे या आपत्ति दर्ज करानी होंगी।

दो कांग्रेसी, तीन भाजपाई
कमेटी के अंदर शामिल मेयर रेनू डाबला और सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा जहां कांग्रेसी हैं, जबकि अजय जैन उर्फ टाटू, जयकिशन राजोतिया, पूनम किलोई व अशोक सिक्का भाजपा से हैं। इनेलो से बलराज उर्फ बल्लू पार्षद हैं, लेकिन उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला।

वर्जन
एडहॉक कमेटी में जाति के आधार पर प्रतिनिधित्व दिया गया है। किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया। साथ ही पार्षदों के नामों पर कमेटी के किसी सदस्य ने आपत्ति नहीं जताई। न ही किसी और पार्षद ने विरोध जताया है।

- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
...
निगम आयुक्त की तरफ से पार्षदों के नामों की सूची दी गई है। कमेटी ने उसे हरी झंडी दे दी हैं। हर जाति व वर्ग को सीमाओं में प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। जल्द वार्डबंदी की आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
-डॉक्टर यश गर्ग, डीसी
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