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शहीद स्मारक की दीवार टूटने के कगार पर
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
क्षेत्र के गांव प्राणपुरा-गोपालपुरा में शहीद स्मारकों की न तो ग्राम पंचायत सुध ले रही है और न ही जिला प्रशासन। शहीद स्मारकों की सुध न लेने से शहीदों के परिजनों में रोष है। शहीद परमिंद्र के पिता शौर्य चक्र विजेता शहीद कैप्टन राममेहर, शहीद कंवर सिंह के बेटे लख्मी यादव, राजपाल सिंह, अमित यादव आदि ने बताया कि गांव के राजकीय स्कूल के पास दो शहीदों की प्रतिमा लगा उनकी स्मारक बनाई गई है। उन शहीदों की मूर्तियों की पीछे जोहड़ है, जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। जिस कारणा शहीद स्मारकों की पीछे की दीवार कभी गिर सकती है। परिजनों ने अंदेशा जताया कि दीवार के टूटने से दोनों शहीदों की प्रतिमा जोहड़ में गिर सकती है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारकों की न तो ग्राम पंचायत सुध ले रही है और न ही जिला प्रशासन। अनदेखी के चलते स्मारकों के पीछे की दीवार धीरे-धीरे बैठ रही है और कभी भी गिर सकती है। शहीदों के परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके लिए अनेक बार ग्राम पंचायत को बताया जा चुका है, वहीं खोल स्थित अधिकारियों को लिखित में अवगत कराया जा चुका है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन शहीद स्मारकों की सुध लेने की मांग करते हुए पीछे की दीवार को जल्द से जल्द नई बनाने की मांग की है।
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खोल।
क्षेत्र के गांव प्राणपुरा-गोपालपुरा में शहीद स्मारकों की न तो ग्राम पंचायत सुध ले रही है और न ही जिला प्रशासन। शहीद स्मारकों की सुध न लेने से शहीदों के परिजनों में रोष है। शहीद परमिंद्र के पिता शौर्य चक्र विजेता शहीद कैप्टन राममेहर, शहीद कंवर सिंह के बेटे लख्मी यादव, राजपाल सिंह, अमित यादव आदि ने बताया कि गांव के राजकीय स्कूल के पास दो शहीदों की प्रतिमा लगा उनकी स्मारक बनाई गई है। उन शहीदों की मूर्तियों की पीछे जोहड़ है, जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। जिस कारणा शहीद स्मारकों की पीछे की दीवार कभी गिर सकती है। परिजनों ने अंदेशा जताया कि दीवार के टूटने से दोनों शहीदों की प्रतिमा जोहड़ में गिर सकती है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारकों की न तो ग्राम पंचायत सुध ले रही है और न ही जिला प्रशासन। अनदेखी के चलते स्मारकों के पीछे की दीवार धीरे-धीरे बैठ रही है और कभी भी गिर सकती है। शहीदों के परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके लिए अनेक बार ग्राम पंचायत को बताया जा चुका है, वहीं खोल स्थित अधिकारियों को लिखित में अवगत कराया जा चुका है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन शहीद स्मारकों की सुध लेने की मांग करते हुए पीछे की दीवार को जल्द से जल्द नई बनाने की मांग की है।